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News Update: हैदराबाद में कार सवार ने एक शख्स को बोनट पर घसीटा, CM पिनराई के क्षेत्र में मिली विस्फोटक सामग्री
Sun, 03 May 2026 02:59 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Sun, 03 May 2026 02:59 PM IST
सार
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आज की बड़ी खबरें।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हैदराबाद में सड़क पर एक मामूली विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया। यू-टर्न का इंडिकेटर जल्दी देने पर भड़के कार चालक ने एक बाइक सवार युवक के बाल पकड़कर घसीटा। जब पिता ने बीच-बचाव की कोशिश की, तो आरोपी ने उन्हें अपनी कार के बोनट पर लटका लिया और करीब दो किलोमीटर तक घसीटता रहा। पुलिस ने इस रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना का मामला दर्ज कर लिया है।
सीएम पिनराई विजयन के क्षेत्र में मिले बम और बारूद
ख्यमंत्री पिनराई विजयन के विधानसभा क्षेत्र धर्मदम (कन्नूर) में पुलिस ने भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और देशी बम बरामद किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, एडाक्कड़ पुलिस को खुफिया जानकारी मिली थी कि इलाके में पटाखे बनाने की आड़ में अवैध रूप से बम बनाए जा रहे हैं। इसी गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मेप्पॉयल इलाके के थन्नाडा स्थित एक घर में छापेमारी की। तलाशी अभियान के दौरान पुलिस ने मौके से पांच देशी बम और तीन किलोग्राम से अधिक विस्फोटक (बारूद) बरामद किया। इस जब्ती के सिलसिले में पुलिस ने नानू नामक एक स्थानीय निवासी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। बता दें कि केरल की 140 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल को मतदान हुआ था, जिसके नतीजे 4 मई को घोषित किए जाने हैं।
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सीएम पिनराई विजयन के क्षेत्र में मिले बम और बारूद
ख्यमंत्री पिनराई विजयन के विधानसभा क्षेत्र धर्मदम (कन्नूर) में पुलिस ने भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और देशी बम बरामद किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, एडाक्कड़ पुलिस को खुफिया जानकारी मिली थी कि इलाके में पटाखे बनाने की आड़ में अवैध रूप से बम बनाए जा रहे हैं। इसी गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मेप्पॉयल इलाके के थन्नाडा स्थित एक घर में छापेमारी की। तलाशी अभियान के दौरान पुलिस ने मौके से पांच देशी बम और तीन किलोग्राम से अधिक विस्फोटक (बारूद) बरामद किया। इस जब्ती के सिलसिले में पुलिस ने नानू नामक एक स्थानीय निवासी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। बता दें कि केरल की 140 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल को मतदान हुआ था, जिसके नतीजे 4 मई को घोषित किए जाने हैं।
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कंकाल प्रकरण: जीतू मुंडा बैंक अधिकारियों पर नहीं चाहते कार्रवाई
ओडिशा के क्योंझर जिले के कंकाल प्रकरण में एक नया मोड़ आया है। पीड़ित आदिवासी जीतू मुंडा ने बैंक अधिकारियों को माफ कर दिया है। मुंडा ने रविवार को कहा कि वह उन्हें प्रताड़ित करने वाले बैंक अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करना चाहते हैं। मुंडा अपनी 56 साल की विधवा बहन कालरा मुंडा के खाते से पैसे निकालने के लिए कब्र से उनकी अस्थियां निकाल सबूत के तौर पर जिले के ओडिशा ग्रामीण बैंक की मालीपोसी शाखा लेकर गए थे, क्योंकि बैंक अधिकारियों ने उनसे बहन के मृत्यु प्रमाण पत्र की मांग की थी। अनपढ़ जीतू को कुछ समझ नहीं आया तो वह बहन का कंकाल लेकर ही बैंक पहुंच गए थे।
एअर इंडिया की बैठक 7 को: 22,000 करोड़ के घाटे व नए सीइओ पर होगा फैसला
परिचालन और वित्तीय चुनौतियों के बीच एअर इंडिया बोर्ड की अहम बैठक 7 मई को होगी। इसमें कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में लागत घटाने, वित्तीय प्रदर्शन, नए सीईओ का चयन और अन्य रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा होगी। बैठक की अध्यक्षता टाटा ग्रुप के अध्यक्ष एन चंद्रशेखरन करेंगे। टाटा ग्रुप के स्वामित्व वाली एयरलाइन को वित्त वर्ष 2025-26 में 22,000 करोड़ रुपये से अधिक नुकसान होने का अनुमान है। पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण हालात और कठिन हो गए हैं। एयरस्पेस प्रतिबंध के अलावा ईंधन लागत में भी तेजी आई है। कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को लंबा रास्ता अपनाना पड़ रहा है। संचालन महंगा होने के कारण अप्रैल-मई में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में कटौती की गई है। लागत कम करने के लिए कंपनी टिकट से भोजन और लाउंज सुविधा बंद करने पर विचार कर रही है।
ओडिशा के क्योंझर जिले के कंकाल प्रकरण में एक नया मोड़ आया है। पीड़ित आदिवासी जीतू मुंडा ने बैंक अधिकारियों को माफ कर दिया है। मुंडा ने रविवार को कहा कि वह उन्हें प्रताड़ित करने वाले बैंक अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करना चाहते हैं। मुंडा अपनी 56 साल की विधवा बहन कालरा मुंडा के खाते से पैसे निकालने के लिए कब्र से उनकी अस्थियां निकाल सबूत के तौर पर जिले के ओडिशा ग्रामीण बैंक की मालीपोसी शाखा लेकर गए थे, क्योंकि बैंक अधिकारियों ने उनसे बहन के मृत्यु प्रमाण पत्र की मांग की थी। अनपढ़ जीतू को कुछ समझ नहीं आया तो वह बहन का कंकाल लेकर ही बैंक पहुंच गए थे।
एअर इंडिया की बैठक 7 को: 22,000 करोड़ के घाटे व नए सीइओ पर होगा फैसला
परिचालन और वित्तीय चुनौतियों के बीच एअर इंडिया बोर्ड की अहम बैठक 7 मई को होगी। इसमें कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में लागत घटाने, वित्तीय प्रदर्शन, नए सीईओ का चयन और अन्य रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा होगी। बैठक की अध्यक्षता टाटा ग्रुप के अध्यक्ष एन चंद्रशेखरन करेंगे। टाटा ग्रुप के स्वामित्व वाली एयरलाइन को वित्त वर्ष 2025-26 में 22,000 करोड़ रुपये से अधिक नुकसान होने का अनुमान है। पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण हालात और कठिन हो गए हैं। एयरस्पेस प्रतिबंध के अलावा ईंधन लागत में भी तेजी आई है। कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को लंबा रास्ता अपनाना पड़ रहा है। संचालन महंगा होने के कारण अप्रैल-मई में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में कटौती की गई है। लागत कम करने के लिए कंपनी टिकट से भोजन और लाउंज सुविधा बंद करने पर विचार कर रही है।
भारत-यूएई के बीच उड़ानें फिर शुरू, सामान्य हो रहे हालात
विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत और यूएई की बीच उड़ान सेवा बहाल हो गई है। यूएई के सामान्य नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने अपने हवाई क्षेत्र के भीतर सामान्य हवाई नेविगेशन संचालन को पूरी तरह से फिर से शुरू करने की घोषणा की। उधर, सऊदी अरब और ओमान के विभिन्न हवाई अड्डों से भारत के विभिन्न गंतव्यों के लिए उड़ानें जारी हैं। कतर का हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुलने के बाद, कतर एयरवेज भारत के विभिन्न गंतव्यों के लिए उड़ानें संचालित कर रही है।
एअर इंडिया, एअर इंडिया एक्सप्रेस और इंडिगो ने भी कतर से भारत के लिए उड़ानें शुरू कर दी हैं। कुवैत का हवाई क्षेत्र खुला है। जजीरा एयरवेज और कुवैत एयरवेज ने कुवैत से भारत के लिए सीमित उड़ानें फिर से शुरू कर दी हैं। वहीं पेट्रोल और डीजल खरीद के लिए मची अफरा-तफरी के बीच पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक मंत्रालय ने कहा कि देश के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। पेट्रोल और डीजल की नियमित खुदरा कीमतों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। मंत्रालय ने कहा, अफवाहों के चलते कुछ खुदरा दुकानों पर अफरा-तफरी मची हुई है और लोग बड़ी मात्रा में पेट्रोल और डीजल खरीद रहे हैं।
सभी भारतीय नाविक सुरक्षित, 31 देश पहुंचे
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने बताया कि क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। पिछले 24 घंटों में भारतीय ध्वज वाले जहाजों से जुड़ी किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। मंत्रालय ने जहाजरानी महानिदेशालय के माध्यम से अब तक 2,953 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की है, जिनमें पिछले 24 घंटों में खाड़ी क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से वापस आए 31 नाविक शामिल हैं।
छह लाख नए पीएनजी कनेक्शन बांटे गए
मंत्रालय की ओर रविवार को बताया गया कि मार्च 2026 से अब तक लगभग 6.04 लाख पीएनजी कनेक्शन चालू किए जा चुके हैं और अतिरिक्त 2.68 लाख कनेक्शनों के लिए बुनियादी ढांचा तैयार किया गया है। इसके अलावा, लगभग 6.73 लाख ग्राहकों ने नए कनेक्शन के लिए पंजीकरण कराया है। 2 मई तक 43,630 से अधिक पीएनजी उपभोक्ताओं ने अपने एलपीजी कनेक्शन वापस कर दिए हैं। अप्रैल 2026 के महीने से अब तक, 22.78 लाख से अधिक 5 किलोग्राम एफटीएल सिलिंडर बेचे जा चुके हैं। तीन अप्रैल से अब तक 1,71,000 से अधिक 5 किलोग्राम एफटीएल सिलिंडर बेचे गए। अप्रैल से अब तक, कुल 2,14,069 मीट्रिक टन (जो 19 किलोग्राम वाले 112.66 लाख से अधिक एलपीजी सिलेंडरों के बराबर है) कमर्शियल एलपीजी बेची गई है।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत और यूएई की बीच उड़ान सेवा बहाल हो गई है। यूएई के सामान्य नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने अपने हवाई क्षेत्र के भीतर सामान्य हवाई नेविगेशन संचालन को पूरी तरह से फिर से शुरू करने की घोषणा की। उधर, सऊदी अरब और ओमान के विभिन्न हवाई अड्डों से भारत के विभिन्न गंतव्यों के लिए उड़ानें जारी हैं। कतर का हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुलने के बाद, कतर एयरवेज भारत के विभिन्न गंतव्यों के लिए उड़ानें संचालित कर रही है।
एअर इंडिया, एअर इंडिया एक्सप्रेस और इंडिगो ने भी कतर से भारत के लिए उड़ानें शुरू कर दी हैं। कुवैत का हवाई क्षेत्र खुला है। जजीरा एयरवेज और कुवैत एयरवेज ने कुवैत से भारत के लिए सीमित उड़ानें फिर से शुरू कर दी हैं। वहीं पेट्रोल और डीजल खरीद के लिए मची अफरा-तफरी के बीच पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक मंत्रालय ने कहा कि देश के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। पेट्रोल और डीजल की नियमित खुदरा कीमतों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। मंत्रालय ने कहा, अफवाहों के चलते कुछ खुदरा दुकानों पर अफरा-तफरी मची हुई है और लोग बड़ी मात्रा में पेट्रोल और डीजल खरीद रहे हैं।
सभी भारतीय नाविक सुरक्षित, 31 देश पहुंचे
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने बताया कि क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। पिछले 24 घंटों में भारतीय ध्वज वाले जहाजों से जुड़ी किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। मंत्रालय ने जहाजरानी महानिदेशालय के माध्यम से अब तक 2,953 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की है, जिनमें पिछले 24 घंटों में खाड़ी क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से वापस आए 31 नाविक शामिल हैं।
छह लाख नए पीएनजी कनेक्शन बांटे गए
मंत्रालय की ओर रविवार को बताया गया कि मार्च 2026 से अब तक लगभग 6.04 लाख पीएनजी कनेक्शन चालू किए जा चुके हैं और अतिरिक्त 2.68 लाख कनेक्शनों के लिए बुनियादी ढांचा तैयार किया गया है। इसके अलावा, लगभग 6.73 लाख ग्राहकों ने नए कनेक्शन के लिए पंजीकरण कराया है। 2 मई तक 43,630 से अधिक पीएनजी उपभोक्ताओं ने अपने एलपीजी कनेक्शन वापस कर दिए हैं। अप्रैल 2026 के महीने से अब तक, 22.78 लाख से अधिक 5 किलोग्राम एफटीएल सिलिंडर बेचे जा चुके हैं। तीन अप्रैल से अब तक 1,71,000 से अधिक 5 किलोग्राम एफटीएल सिलिंडर बेचे गए। अप्रैल से अब तक, कुल 2,14,069 मीट्रिक टन (जो 19 किलोग्राम वाले 112.66 लाख से अधिक एलपीजी सिलेंडरों के बराबर है) कमर्शियल एलपीजी बेची गई है।
मोबाइल से होने वाला लेनदेन पहुंचा दो लाख करोड़ के पार
वैश्विक स्तर पर मोबाइल फोन से पैसों के लेनदेन का चलन तेजी से बढ़ रहा है। पिछले साल 2025 में दुनियाभर में 2 लाख करोड़ से अधिक का लेनदेन अकेले मोबाइल फोन से हुआ। यह डिजिटल वित्त सेवाओं के तेजी से विस्तार का संकेत है। जीएसएमए की स्टेट ऑफ द इंडस्ट्री रिपोर्ट ऑन मोबाइल मनी के मुताबिक, मोबाइल फोन से लेनदेन ने पहले एक लाख करोड़ तक पहुंचने में दो दशक लगाए, जबकि अगला एक ट्रिलियन सिर्फ चार वर्षों में हासिल कर लिया।
सक्रिय 30-दिन के खातों की संख्या 15 प्रतिशत बढ़कर 59.3 करोड़ हो गई, जबकि कुल पंजीकृत खातों की संख्या 2.3 अरब तक पहुंच गई। रिपोर्ट के अनुसार, मर्चेंट पेमेंट्स सबसे तेजी से बढ़ने वाला क्षेत्र रहा, जिसमें 42 प्रतिशत की वृद्धि के साथ यह 155 अरब डॉलर तक पहुंच गया। इससे साफ है कि मोबाइल मनी का उपयोग अब केवल व्यक्ति-से-व्यक्ति लेनदेन तक सीमित नहीं रहा। बैंक और मोबाइल वॉलेट के बीच एकीकरण भी तेजी से बढ़ रहा है। बैंक-टू-मोबाइल ट्रांसफर 167 अरब डॉलर और मोबाइल-टू-बैंक ट्रांसफर 163 अरब डॉलर दर्ज किए गए। इसके साथ ही बचत और बीमा सेवाओं में भी तेजी आई है, जबकि करीब 80 प्रतिशत सेवा प्रदाताओं ने 2025 में मुनाफा दर्ज किया।
वैश्विक स्तर पर मोबाइल फोन से पैसों के लेनदेन का चलन तेजी से बढ़ रहा है। पिछले साल 2025 में दुनियाभर में 2 लाख करोड़ से अधिक का लेनदेन अकेले मोबाइल फोन से हुआ। यह डिजिटल वित्त सेवाओं के तेजी से विस्तार का संकेत है। जीएसएमए की स्टेट ऑफ द इंडस्ट्री रिपोर्ट ऑन मोबाइल मनी के मुताबिक, मोबाइल फोन से लेनदेन ने पहले एक लाख करोड़ तक पहुंचने में दो दशक लगाए, जबकि अगला एक ट्रिलियन सिर्फ चार वर्षों में हासिल कर लिया।
सक्रिय 30-दिन के खातों की संख्या 15 प्रतिशत बढ़कर 59.3 करोड़ हो गई, जबकि कुल पंजीकृत खातों की संख्या 2.3 अरब तक पहुंच गई। रिपोर्ट के अनुसार, मर्चेंट पेमेंट्स सबसे तेजी से बढ़ने वाला क्षेत्र रहा, जिसमें 42 प्रतिशत की वृद्धि के साथ यह 155 अरब डॉलर तक पहुंच गया। इससे साफ है कि मोबाइल मनी का उपयोग अब केवल व्यक्ति-से-व्यक्ति लेनदेन तक सीमित नहीं रहा। बैंक और मोबाइल वॉलेट के बीच एकीकरण भी तेजी से बढ़ रहा है। बैंक-टू-मोबाइल ट्रांसफर 167 अरब डॉलर और मोबाइल-टू-बैंक ट्रांसफर 163 अरब डॉलर दर्ज किए गए। इसके साथ ही बचत और बीमा सेवाओं में भी तेजी आई है, जबकि करीब 80 प्रतिशत सेवा प्रदाताओं ने 2025 में मुनाफा दर्ज किया।
कई शहरों में ईडी के छापे, नकदी और चार करोड़ के आभूषण जब्त
छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ताजा कार्रवाई करते हुए कई शहरों में छापे मारे। एजेंसी ने अपनी इस कार्रवाई में 53 लाख रुपये नकद और 4 करोड़ से अधिक के सोने के आभूषण जब्त किए हैं।
रविवार को ईडी ने बताया कि जांच एजेंसी ने 30 अप्रैल को रायपुर, दुर्ग, भिलाई और बिलासपुर में शराब कारोबारियों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, व्यापारियों और कॉरपोरेट संस्थाओं के ठिकानों पर छापे मारे। जांच में सामने आया कि ये लोग कथित अपराध से अर्जित धन को संभालने, छिपाने और लेयरिंग करने में शामिल थे। छापों के दौरान 3.23 किलोग्राम सोना और 4.86 करोड़ रुपये मूल्य की ज्वेलरी के अलावा कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण भी बरामद किए गए। जांच एजेंसी इससे पहले भी इस मामले में कई दौर की कार्रवाई कर चुकी है। ईडी ने अब तक 380 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की है। एजेंसी के अनुसार, यह घोटाला 2019 से 2022 के बीच छत्तीसगढ़ के तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के दौरान हुआ। इसमें एक संगठित सिंडिकेट की ओर से आबकारी विभाग को नियंत्रित कर सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया गया।
छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ताजा कार्रवाई करते हुए कई शहरों में छापे मारे। एजेंसी ने अपनी इस कार्रवाई में 53 लाख रुपये नकद और 4 करोड़ से अधिक के सोने के आभूषण जब्त किए हैं।
रविवार को ईडी ने बताया कि जांच एजेंसी ने 30 अप्रैल को रायपुर, दुर्ग, भिलाई और बिलासपुर में शराब कारोबारियों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, व्यापारियों और कॉरपोरेट संस्थाओं के ठिकानों पर छापे मारे। जांच में सामने आया कि ये लोग कथित अपराध से अर्जित धन को संभालने, छिपाने और लेयरिंग करने में शामिल थे। छापों के दौरान 3.23 किलोग्राम सोना और 4.86 करोड़ रुपये मूल्य की ज्वेलरी के अलावा कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण भी बरामद किए गए। जांच एजेंसी इससे पहले भी इस मामले में कई दौर की कार्रवाई कर चुकी है। ईडी ने अब तक 380 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की है। एजेंसी के अनुसार, यह घोटाला 2019 से 2022 के बीच छत्तीसगढ़ के तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के दौरान हुआ। इसमें एक संगठित सिंडिकेट की ओर से आबकारी विभाग को नियंत्रित कर सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया गया।
प्रेस की स्वतंत्रता के वर्तमान हालात पर मीडिया संगठनों ने जताई चिंता
विभिन्न संगठनों का प्रतिनिधित्व करने वाले कई प्रमुख पत्रकारों ने मीडियाकर्मियों की वर्तमान स्थिति और प्रेस की स्वतंत्रता पर चिंता जताई है। प्रेस एसोसिएशन के अध्यक्ष सीके नाइक, एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के महासचिव राघवन श्रीनिवासन और दक्षिण एशिया के विदेशी संवाददाता क्लब (एफसीसी) के अध्यक्ष वईल अव्वाद ने विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित एक पैनल चर्चा में यह चिंता जताई। अव्वाद इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ प्रेस क्लब्स (आईएपीसी) के अध्यक्ष भी हैं।
वैश्विक उथल-पुथल के बीच प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा विषय पर पैनल चर्चा में अव्वाद ने चेतावनी दी कि पत्रकारों पर आकस्मिक के साथ-साथ जानबूझकर हमले किए जा रहे हैं। यह सच को सामने आने से रोकने के एक सुनियोजित प्रयास का हिस्सा है। श्रीनिवासन ने मीडिया उद्योग के भीतर गहरी संरचनात्मक विफलताओं की ओर इशारा करते हुए कहा, मीडिया में कई परेशान करने वाले रुझान सामान्य बात हो गए हैं। इनमें स्वामित्व-प्रेरित पूर्वाग्रह से लेकर संपादकीय दबाव तक शामिल हैं। इस बात पर चिंता व्यक्त करते हुए कि नई पीढ़ी पेशे के मूल मूल्यों को पूरी तरह से नहीं समझ पाएगी, उन्होंने पारंपरिक मीडिया के सामने मौजूद आर्थिक संकट पर प्रकाश डाला, और कहा कि घटते दर्शक और पाठक संख्या वित्तीय व्यवहार्यता और संपादकीय स्वतंत्रता को सीधे प्रभावित करते हैं। नाइक ने पत्रकारों के बिखरे हुए पेशे पर ध्यान केंद्रित किया।
विभिन्न संगठनों का प्रतिनिधित्व करने वाले कई प्रमुख पत्रकारों ने मीडियाकर्मियों की वर्तमान स्थिति और प्रेस की स्वतंत्रता पर चिंता जताई है। प्रेस एसोसिएशन के अध्यक्ष सीके नाइक, एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के महासचिव राघवन श्रीनिवासन और दक्षिण एशिया के विदेशी संवाददाता क्लब (एफसीसी) के अध्यक्ष वईल अव्वाद ने विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित एक पैनल चर्चा में यह चिंता जताई। अव्वाद इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ प्रेस क्लब्स (आईएपीसी) के अध्यक्ष भी हैं।
वैश्विक उथल-पुथल के बीच प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा विषय पर पैनल चर्चा में अव्वाद ने चेतावनी दी कि पत्रकारों पर आकस्मिक के साथ-साथ जानबूझकर हमले किए जा रहे हैं। यह सच को सामने आने से रोकने के एक सुनियोजित प्रयास का हिस्सा है। श्रीनिवासन ने मीडिया उद्योग के भीतर गहरी संरचनात्मक विफलताओं की ओर इशारा करते हुए कहा, मीडिया में कई परेशान करने वाले रुझान सामान्य बात हो गए हैं। इनमें स्वामित्व-प्रेरित पूर्वाग्रह से लेकर संपादकीय दबाव तक शामिल हैं। इस बात पर चिंता व्यक्त करते हुए कि नई पीढ़ी पेशे के मूल मूल्यों को पूरी तरह से नहीं समझ पाएगी, उन्होंने पारंपरिक मीडिया के सामने मौजूद आर्थिक संकट पर प्रकाश डाला, और कहा कि घटते दर्शक और पाठक संख्या वित्तीय व्यवहार्यता और संपादकीय स्वतंत्रता को सीधे प्रभावित करते हैं। नाइक ने पत्रकारों के बिखरे हुए पेशे पर ध्यान केंद्रित किया।
ड्रग तस्कर डोला के तार भारतीय केमिस्ट व फार्मा डीलरों से जुड़े
अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर मोहम्मद सलीम डोला के नेटवर्क की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) को पता चला कि उसके संबंध कुछ केमिस्ट और फार्मा डीलरों से थे, जो इस अवैध अंतरराष्ट्रीय रैकेट को सहयोग दे रहे थे।
59 वर्षीय डोला को तुर्किये से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया, जो फिलहाल 8 मई तक एनसीबी की हिरासत में है। उसे 2024 में इंटरपोल नोटिस के आधार पर गिरफ्तार किया गया था। जांच अधिकारियों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क में उसे मेफेड्रोन किंग के नाम से जाना जाता था। अधिकारियों ने बताया कि डोला सिंडिकेट को चलाने के लिए कुछ स्थानीय केमिस्टों की मदद लेता था। इन संदिग्ध कड़ियों की जांच जारी है और जल्द ही संबंधित लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।
अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर मोहम्मद सलीम डोला के नेटवर्क की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) को पता चला कि उसके संबंध कुछ केमिस्ट और फार्मा डीलरों से थे, जो इस अवैध अंतरराष्ट्रीय रैकेट को सहयोग दे रहे थे।
59 वर्षीय डोला को तुर्किये से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया, जो फिलहाल 8 मई तक एनसीबी की हिरासत में है। उसे 2024 में इंटरपोल नोटिस के आधार पर गिरफ्तार किया गया था। जांच अधिकारियों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क में उसे मेफेड्रोन किंग के नाम से जाना जाता था। अधिकारियों ने बताया कि डोला सिंडिकेट को चलाने के लिए कुछ स्थानीय केमिस्टों की मदद लेता था। इन संदिग्ध कड़ियों की जांच जारी है और जल्द ही संबंधित लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।
कई शहरों में ईडी के छापे, नकदी और चार करोड़ के आभूषण जब्त
छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ताजा कार्रवाई करते हुए कई शहरों में छापे मारे। एजेंसी ने अपनी इस कार्रवाई में 53 लाख रुपये नकद और 4 करोड़ से अधिक के सोने के आभूषण जब्त किए हैं।
रविवार को ईडी ने बताया कि जांच एजेंसी ने 30 अप्रैल को रायपुर, दुर्ग, भिलाई और बिलासपुर में शराब कारोबारियों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, व्यापारियों और कॉरपोरेट संस्थाओं के ठिकानों पर छापे मारे। जांच में सामने आया कि ये लोग कथित अपराध से अर्जित धन को संभालने, छिपाने और लेयरिंग करने में शामिल थे। छापों के दौरान 3.23 किलोग्राम सोना और 4.86 करोड़ रुपये मूल्य की ज्वेलरी के अलावा कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण भी बरामद किए गए। जांच एजेंसी इससे पहले भी इस मामले में कई दौर की कार्रवाई कर चुकी है। ईडी ने अब तक 380 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की है। एजेंसी के अनुसार, यह घोटाला 2019 से 2022 के बीच छत्तीसगढ़ के तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के दौरान हुआ। इसमें एक संगठित सिंडिकेट की ओर से आबकारी विभाग को नियंत्रित कर सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया गया।
छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ताजा कार्रवाई करते हुए कई शहरों में छापे मारे। एजेंसी ने अपनी इस कार्रवाई में 53 लाख रुपये नकद और 4 करोड़ से अधिक के सोने के आभूषण जब्त किए हैं।
रविवार को ईडी ने बताया कि जांच एजेंसी ने 30 अप्रैल को रायपुर, दुर्ग, भिलाई और बिलासपुर में शराब कारोबारियों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, व्यापारियों और कॉरपोरेट संस्थाओं के ठिकानों पर छापे मारे। जांच में सामने आया कि ये लोग कथित अपराध से अर्जित धन को संभालने, छिपाने और लेयरिंग करने में शामिल थे। छापों के दौरान 3.23 किलोग्राम सोना और 4.86 करोड़ रुपये मूल्य की ज्वेलरी के अलावा कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण भी बरामद किए गए। जांच एजेंसी इससे पहले भी इस मामले में कई दौर की कार्रवाई कर चुकी है। ईडी ने अब तक 380 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की है। एजेंसी के अनुसार, यह घोटाला 2019 से 2022 के बीच छत्तीसगढ़ के तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के दौरान हुआ। इसमें एक संगठित सिंडिकेट की ओर से आबकारी विभाग को नियंत्रित कर सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया गया।
मणिपुर: बम हमले में मारे गए मासूमों का 25 दिन बाद अंतिम संस्कार, तनाव
मणिपुर के ट्रोंगलाओबी में पिछले महीने एक बम धमाके में मारे गए दो मासूम बच्चों का आखिरकार 25 दिन बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया। सात अप्रैल की रात को मोइरांग के ट्रोंगलाओबी अवांग लेइकाई इलाके में एक घर पर उग्रवादियों ने बम फेंक दिया था। धमाके में वहां सो रहे पांच साल के एक बच्चे और उसकी छह महीने की बहन की मौत हो गई थी जबकि मां घायल हो गई थीं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, परिजनों ने शनिवार को इंफाल के क्षेत्रीय चिकित्सा विज्ञान संस्थान (आरआईएमएस) से दोनों बच्चों के शव लिए और इसके बाद अंतिम यात्रा निकाली गई। इससे पहले स्थानीय लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
बिष्णुपुर जिले के फौगाकचाओ इखाई के लामथाबोंग में गमगीन वातावरण के बीच अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी हुई। बता दें कि धमाके के दिन से ही दोनों शव आरआईएमएस के मुर्दाघर में रखे हुए थे। मणिपुर सरकार ने इस घटना की जांच एनआईए को सौंपी है लेकिन पीड़ित परिवार का आरोप है कि सरकार हमसे सच छिपा रही है। वह हत्यारों को जानती है, लेकिन पुलिस कुछ नहीं कर रही है। उन्होंने दावा किया कि जो कैदी जेल में बंद हैं, उन्हें हमारे बच्चों का हत्यारा बताया जा रहा है।
मणिपुर के ट्रोंगलाओबी में पिछले महीने एक बम धमाके में मारे गए दो मासूम बच्चों का आखिरकार 25 दिन बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया। सात अप्रैल की रात को मोइरांग के ट्रोंगलाओबी अवांग लेइकाई इलाके में एक घर पर उग्रवादियों ने बम फेंक दिया था। धमाके में वहां सो रहे पांच साल के एक बच्चे और उसकी छह महीने की बहन की मौत हो गई थी जबकि मां घायल हो गई थीं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, परिजनों ने शनिवार को इंफाल के क्षेत्रीय चिकित्सा विज्ञान संस्थान (आरआईएमएस) से दोनों बच्चों के शव लिए और इसके बाद अंतिम यात्रा निकाली गई। इससे पहले स्थानीय लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
बिष्णुपुर जिले के फौगाकचाओ इखाई के लामथाबोंग में गमगीन वातावरण के बीच अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी हुई। बता दें कि धमाके के दिन से ही दोनों शव आरआईएमएस के मुर्दाघर में रखे हुए थे। मणिपुर सरकार ने इस घटना की जांच एनआईए को सौंपी है लेकिन पीड़ित परिवार का आरोप है कि सरकार हमसे सच छिपा रही है। वह हत्यारों को जानती है, लेकिन पुलिस कुछ नहीं कर रही है। उन्होंने दावा किया कि जो कैदी जेल में बंद हैं, उन्हें हमारे बच्चों का हत्यारा बताया जा रहा है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा 4 जुलाई से, पैदल दूरी 22 किलोमीटर घटी
कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 का कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। इस वर्ष भी यात्रा 4 जुलाई से उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे और सिक्किम के नाथुला दर्रे के रास्ते संचालित होगी। इस वर्ष यात्रा में एक महत्वपूर्ण बदलाव भी किया गया है। अब अधिकांश यात्रा सड़क मार्ग से होगी। पहले जहां श्रद्धालुओं को 60 किलोमीटर से अधिक पैदल चलना पड़ता था, अब यह दूरी घटकर करीब 38 किलोमीटर रह गई है। कुल यात्रा लगभग 1,738 किलोमीटर की होगी, जिसमें अधिकतर दूरी वाहनों से तय की जाएगी।
लिपुलेख और नाथुला दोनों मार्गों से 10-10 जत्थों में कुल 1,000 श्रद्धालु यात्रा करेंगे। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले से संचालित होने वाली इस यात्रा का पहला जत्था 4 जुलाई को दिल्ली से रवाना होगा। यात्रियों को 30 जून से 3 जुलाई के बीच दिल्ली में मेडिकल जांच, दस्तावेज सत्यापन और आवश्यक ब्रीफिंग पूरी करनी होगी।
काली नदी के पश्चिम का क्षेत्र भारत, पूर्व का क्षेत्र नेपाल का
भारत और नेपाल के बीच सीमा निर्धारण 1816 में अंग्रेजों और गोरखा शासक के बीच हुए सुगौली समझौते के आधार पर हुआ था। इस समझौते के तहत काली नदी को दोनों देशों की सीमा माना गया। काली या महाकाली नदी का उद्गम क्षेत्र हिमालय की घाटियों में स्थित है, जो भारत, नेपाल और चीन की सीमाओं के पास पड़ता है।
कालापानी क्षेत्र इसी इलाके में स्थित है और यहीं लिपुलेख दर्रा भी है। इसके उत्तर-पश्चिम में कुछ दूरी पर लिम्पियाधुरा दर्रा स्थित है। सुगौली संधि के अनुसार काली नदी के पश्चिम का क्षेत्र भारत और पूर्व का क्षेत्र नेपाल के हिस्से में माना गया था। हालांकि, काली नदी के वास्तविक उद्गम को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से विवाद बना हुआ है।
भारत पूर्वी धारा को नदी का उद्गम मानता है, जबकि नेपाल पश्चिमी धारा को इसका स्रोत मानता है। इसी आधार पर दोनों देश कालापानी क्षेत्र पर अपना-अपना दावा करते हैं।
कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 का कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। इस वर्ष भी यात्रा 4 जुलाई से उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे और सिक्किम के नाथुला दर्रे के रास्ते संचालित होगी। इस वर्ष यात्रा में एक महत्वपूर्ण बदलाव भी किया गया है। अब अधिकांश यात्रा सड़क मार्ग से होगी। पहले जहां श्रद्धालुओं को 60 किलोमीटर से अधिक पैदल चलना पड़ता था, अब यह दूरी घटकर करीब 38 किलोमीटर रह गई है। कुल यात्रा लगभग 1,738 किलोमीटर की होगी, जिसमें अधिकतर दूरी वाहनों से तय की जाएगी।
लिपुलेख और नाथुला दोनों मार्गों से 10-10 जत्थों में कुल 1,000 श्रद्धालु यात्रा करेंगे। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले से संचालित होने वाली इस यात्रा का पहला जत्था 4 जुलाई को दिल्ली से रवाना होगा। यात्रियों को 30 जून से 3 जुलाई के बीच दिल्ली में मेडिकल जांच, दस्तावेज सत्यापन और आवश्यक ब्रीफिंग पूरी करनी होगी।
काली नदी के पश्चिम का क्षेत्र भारत, पूर्व का क्षेत्र नेपाल का
भारत और नेपाल के बीच सीमा निर्धारण 1816 में अंग्रेजों और गोरखा शासक के बीच हुए सुगौली समझौते के आधार पर हुआ था। इस समझौते के तहत काली नदी को दोनों देशों की सीमा माना गया। काली या महाकाली नदी का उद्गम क्षेत्र हिमालय की घाटियों में स्थित है, जो भारत, नेपाल और चीन की सीमाओं के पास पड़ता है।
कालापानी क्षेत्र इसी इलाके में स्थित है और यहीं लिपुलेख दर्रा भी है। इसके उत्तर-पश्चिम में कुछ दूरी पर लिम्पियाधुरा दर्रा स्थित है। सुगौली संधि के अनुसार काली नदी के पश्चिम का क्षेत्र भारत और पूर्व का क्षेत्र नेपाल के हिस्से में माना गया था। हालांकि, काली नदी के वास्तविक उद्गम को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से विवाद बना हुआ है।
भारत पूर्वी धारा को नदी का उद्गम मानता है, जबकि नेपाल पश्चिमी धारा को इसका स्रोत मानता है। इसी आधार पर दोनों देश कालापानी क्षेत्र पर अपना-अपना दावा करते हैं।