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जेएनयू में 9 फरवरी को अफजल गुरु की बरसी को शहादत दिवस के रूप में मनाने और देशद्रोह के नारे लगाने के आरोप में गिरफ्तार किए गए उमर खालिद और अनिर्बन भट्टाचार्य को आज अदालत ने 6 महीने की अंतरिम जमानत दे दी है।
पटियाला हाउस कोर्ट ने दोनों को 25-25 हजार के बॉन्ड भरने का आदेश दिया है जिसके बाद उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया जाएगा। इसके साथ ही कोर्ट ने यह शर्त भी रखी है कि दोनों शहर नहीं छोड़ सकते हैं और अपनी गतिविधियों के बारे में पुलिस को अवगत कराते रहना होगा।
दोनों छात्रों के वकील ने कोर्ट के सामने ये दलील रखी कि जब इसी तरह के मामले में कन्हैया कुमार को जमानत दी जा सकती है तो उन्हें भी जमानत मिलनी चाहिए।
रिजिजू ने बताया 2026 तक पीएम रहेंगे मोदी
देश के केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने दावा किया है कि फ्रांस के भविष्यवक्ता नॉसत्रेदमस ने यह अनुमान लगाया था कि एक आदमी वर्ष 2014 से 2026 तक भारत का नेतृत्व करेगा। अपने हालिया फेसबुक पोस्ट में किरेन रिजिजू ने इस बारे में तीन रोचक तथ्य भी रखे हैं।
किरेन रिजिजू ने इस पोस्ट के साथ एक फोटो भी शेयर की है जिसमें जर्मनी की चासंलर एंजेला मर्केल अपने मंत्रियों की मोदी सरकार के मंत्रिमंडल के साथ तस्वीर खिंचवा रही हैं। अगर इस पोस्ट को सच मान लिया जाए तो वर्ष 2014 में मोदी सरकार का गठन हुआ और नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने। भविष्यवाणी के हिसाब से मोदी ही वर्ष 2026 तक देश का नेतृत्व कर सकते हैं क्योंकि 2014 में भी वहीं देश का नेतृत्व कर रहे थे।
अपने फेसबुक पोस्ट में किरेन रिजिजू ने दावा किया है कि फ्रांस के भविष्यवक्ता नॉसत्रेदमस ने लिखा था कि भारत में एक ऐसा व्यक्ति वर्ष 2014 से 2026 तक देश का नेतृत्व करेगा जिससे शुरूआत में लोग नफरत करेंगे पर बाद में लोग उस व्यक्ति को खूब प्यार करेंगे। वह व्यक्ति देश की दिशा और दशा दोनों को ही बदल डालेगा।
समलैंगिकता पर अपने बयान से पलटा आरएसएस
समलैंगिकता पर दिए अपने बयान पर बहस छिड़ने के एक दिन बाद ही आरएसएस अब उससे पलटता दिख रहा है। आरएसएस के सह सर कार्यवाह दत्रातेत्रय हसबोले ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा है कि समलैंगिकता कोई अपराध तो नहीं लेकिन नैतिक और सामाजिक रूप से गलत है। अपने बयान पर बहस छिड़ने के बाद हसबोले ने ट्वीट करते हुए अपनी सफाई पेश की। उन्होंने कहा इसका इलाज दंडात्मक रूप से नहीं मानसिक रूप से किया जाना चाहिए।
बता दें कि इससे पूर्व गुरुवार को एक कार्यक्रम में संघ के सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने कहा था कि समलैंगिकता अपराध नहीं है। उन्होंने कहा कि सेक्स चयन किसी भी व्यक्ति की निजी आजादी का मसला है। किसी व्यक्ति का सेक्स चयन तब तक अपराध की श्रेणी में नहीं आना चाहिए, जब तक वह किसी दूसरे व्यक्ति के निजी जीवन पर कोई असर ना डाले।
होसबोले ने कहा कि सेक्स चयन बेहद व्यक्तिगत मामला है। किसी सार्वजनिक मंच पर आरएसएस इसे लेकर अपने विचार क्यों रखे? आरएसएस में ऐसे विषयों पर चर्चा नहीं होती और ना ही हम ऐसी कोई चर्चा करना चाहते हैं।
पुलवामाः सुरक्षाबलों ने ढेर किए दो आतंकवादी
उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में शुक्रवार को सुरक्षा बलों को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी। जिले के हंदवाड़ा इलाके में जांबाजों ने आतंकियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आतंकियों को ढेर कर दिया।
रक्षा सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक सुरक्षा बलों को हंदवाड़ा इलाके में कुछ आतंकियों की मौजूदगी का पता चला। इनपुट मिलते ही सेना की राष्ट्रीय राइफल्स, जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप और सीआरपीएफ के जवानों ने पूरे इलाके को घेर कर सर्च अभियान शुरू किया।
इसी दौरान इलाके के एक मकान में छुपे आतंकियों ने सुरक्षा बल के जवानों पर गोलाबारी शुरू कर दी। जवानों ने भी तुरंत मोर्चा संभालते हुए आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दिया और कुछ ही देर में दो आतंकियों को ढेर कर दिया। दोनों आतंकी किस आतंकी ग्रुप से ताल्लुक रखते हैं, अभी इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है। अन्य आतंकियों की तलाश के लिए पूरे इलाके में बड़े पैमाने पर सर्च
अभियान जारी है।
हरीश रावत ने किया डेमेज कंट्रोल बच गई सरकार
उत्तराखंड की कांग्रेस सरकार से संकट के बादल छट गए हैं। सूत्रों के हवाले से खबर है कि उत्तराखंड के मुख्यंमत्री ने सभी विरोधी विधायकों को मनाकर डैमेज कंट्रोल कर लिया है। जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में उत्तराखंड सरकार गिरने की खबरें कमजोर पड़ने लगी हैं। सूत्रों के मुताबिक हरीश रावत ने विरोधी कांग्रेसी विधायकों के गुट की सभी मांग मान ली हैं।
बृहस्पतिवार को यह सवाल सरगर्म रहा कि भाजपा असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों से हाथ मिलाकर विधानसभा में बजट पर वोटिंग के दौरान कोई बड़ा खेल करेगी। राजनीतिक पंडित यह मान रहे थे कि शक्तिमान प्रकरण में बाजी हाथ से चले जाने के बाद पार्टी करो या मरो जैसी स्थिति में आकर खड़ी हो गई है।
ऐसे में भाजपा को अपना मंसूबा पूरा करने में उन असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों का साथ मिल सकता था जो अब तक मंत्री बनाए जाने की आस लगाए बैठे थे। कारण कि उनका मानना था कि अब मंत्री बन भी गए तो हाथ क्या लगना है? लिहाजा वे अपनी आस्था बदल सकते थे। लेकिन शुक्रवार को फिर बाजी वापस मुख्यमंत्री के हाथों में लौटती दिखी।
पंजाब विधानसभा ने ठुकराया सुप्रीम कोर्ट का फैसला
पंजाब विधानसभा में बादल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को दरकिनार करते हुए एसवाईएल प्रस्ताव पास कर दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर किसी भी पक्ष (सुप्रीम कोर्ट ) की दलील मंजूर नहीं है। जो भी सख्त कदम उठाने पड़ें, हम उठाएंगे, लेकिन एसवाईएल नहर को अब नहीं बनाने दिया जाएगा, चाहे खून का कतरा-कतरा क्यों न बहाना पड़े।
मुख्यमंत्री बादल ने ये भी कहा कि उन्हें पंजाब के अधिकारों पर डाका मारने वाला फैसला मंज़ूर नहीं है और वह पानी की रखवाली के लिए बड़ी से बड़ी बलि देने के लिए भी तैयार हैं।
गौरतलब है कि बीते दिन सुप्रीम कोर्ट ने एसवाईएल मुद्दे को लेकर कहा था कि पंजाब सरकार इस मामले में कोई कदम न उठाए और नहर को पहले वाली स्थिति में बनाए रखे। इस फैसले के बाद नहर को बंद करने के कार्य को रोकना था, लेकिन बादल सरकार ने इसे दरकिनार करते हुए इस प्रस्ताव को पास कर दिया।
जाटों के आगे फिर झुकी हरियाणा सरकार
जाट आंदोलन की आग में झुलस रही हरियाणा सरकार आखिरकार एक बार फिर जाटों के आगे झुकी नजर आई। शुक्रवार को चंडीगढ़ में जाटों और चीफ सेक्रेटरी डीएस ढेसी के बीच बातचीत हुई, जिसमें आरक्षण पर सहमति बन गई है।
जाट आरक्षण पर सरकार ने इसी विधानसभा सत्र में बिल पेश करने का वादा किया है। सरकार की तरफ से पक्ष रखा गया कि विधानसभा सत्र में नए संशोधन के साथ बिल पेश होगा।
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा, यदि 3 अप्रैल तक फैसला नहीं होता तो आगे की रणनीति बनाएंगे। जाट नेताओं ने बीसी-बी कोटे के तहत आरक्षण की मांग की, सात मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा था। इनमें मृतकों के परिवार को 10 लाख मुआवजा, एक नौकरी, गलत मुकदमे वापस लेने जैसे 7 मुद्दे थे।
बैठक में जाटों ने कहा कि सरकार आरक्षण के दौरान बनाए गए मामले वापस ले। इस मसले पर सरकार विचार कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार को मीटिंग में आने से पहले ही जाट समझौते के मूड में थे। यही वजह रही कि सरकार से बातचीत के दौरान जाट प्रतिनिधियों ने सकारात्मक रवैया बनाए रखा।
शुक्रवार को मीटिंग में जाटों को प्रस्ताव का प्रारूप भी दिखाया, जिसे सरकार विधानसभा में पेश करेगी। हालांकि, इस बैठक में हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर मौजूद नहीं थे। गौर हो कि पिछले महीने राज्य में हिंसा के दौरान 30 लोगों की मौत हुई थी।