Updates: सेना ने नाथुला में 500 से ज्यादा पर्यटकों को बचाया; कल्याण स्टेशन पर 54 इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर मिले
मुंबई युवा कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर तब सियासी बवाल खड़ा हुआ, जब इस महीने की शुरुआत में जीशान सिद्दीकी के पिता बाबा सिद्दीकी कांग्रेस छोड़कर अजित पवार वाली एनसीपी में शामिल हो गए।
विस्तार
भारतीय सेना ने बुधवार को भारी बर्फबारी के कारण सिक्किम में भारत-चीन सीमा पर नाथुला में फंसे 500 से अधिक पर्यटकों को बचाया। सेना ने बयान में कहा कि भारतीय सेना के जवानों ने पूर्वी सिक्किम में अचानक बर्फबारी के बाद फंसे हुए 500 से अधिक पर्यटकों को बचाया। त्रिशक्ति कॉर्प्स के जवान बचाव के लिए पहुंचे और फंसे हुए पर्यटकों की मदद की। उन्हें गर्म खाना और चिकित्सा मदद मुहैया कराई गई।
इस बीच महाराष्ट्र से भी एक बड़ी खबर आई। यहां ठाणे के कल्याण स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 के बाहर 54 इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर मिले। रेलवे पुलिस, स्थानीय पुलिस और बम निरोधक दस्ता मौके पर मौजूद है। जांच चल रही है।
#WATCH | Maharashtra | 54 electronic detonators found outside platform number 1 at Kalyan Station in Thane. Railway Police, Local Police and Bomb Squad at the spot. Investigation underway. pic.twitter.com/aiYmkid3RQ
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) February 21, 2024
भूख हड़ताल जारी
मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल ने 'सेज सोयारे' लागू करने की मांग को लेकर अपनी भूख हड़ताल जारी रखी है।
#WATCH | Jalna, Maharashtra: Maratha reservation activist Manoj Jarange Patil continues his hunger strike demanding implementation of 'Sage Soyare'
— ANI (@ANI) February 21, 2024
Maratha Reservation Bill for reservation in education and jobs was passed by the Maharashtra Assembly and Legislative Council… pic.twitter.com/ydv3s4iA69
सरकार ने मराठा समुदाय के पक्ष में फैसला लिया
महाराष्ट्र के मंत्री शंभुराज देसाई ने कहा, 'सरकार ने मनोज जरांगे पाटिल और मराठा समुदाय की मांगें पूरी की हैं। सरकार आई आपत्तियों का अध्ययन करेगी और उन पर फैसला लेगी। मैं उनसे अनुरोध करता हूं कि विरोध करने की कोई आवश्यकता नहीं है। सरकार ने मराठा समुदाय के पक्ष में फैसला लिया है।'
#WATCH | Maharashtra Minister Shambhuraj Desai says, "The government has fulfilled the demands of Manoj Jarange Patil and the Maratha community... The government will study the objections that have come and take a decision on them... I request him that there is no need to… https://t.co/2lcs8oDqjr pic.twitter.com/0vM3jdTCwT
— ANI (@ANI) February 21, 2024
भाजपा नेता अशोक चव्हाण की सुरक्षा बढ़ा गई
भाजपा नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। उनकी सुरक्षा बढ़ाकर 'वाई-प्लस' कर दी गई है। एक अधिकारी ने बताया कि राज्य पुलिस ने चव्हाण के मुंबई स्थित आवास और उनके गृहनगर नांदेड़ की सुरक्षा बढ़ा दी है।
उन्होंने बताया कि चव्हाण को पहले 'वाई' श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराई गई थी। 'वाई-प्लस' कवर में दो सुरक्षाकर्मी शामिल हैं।
अधिकारी ने बताया कि 'खतरे की आशंका' को देखते हुए राज्य पुलिस के वीआईपी सुरक्षा विभाग ने चव्हाण का सुरक्षा कवर बढ़ाकर वाई प्लस कर दी है। 65 वर्षीय चव्हाण कांग्रेस छोड़कर पिछले सप्ताह सत्तारूढ़ भाजपा में शामिल हो गए थे। इसके बाद उन्हें भाजपा ने महाराष्ट्र से राज्यसभा चुनाव के लिए नामित किया था और मंगलवार को उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया।
एक राष्ट्र-एक चुनाव: समिति ने अपनी विभिन्न गतिविधियों की समीक्षा की
'एक राष्ट्र, एक चुनाव' पर बनी उच्च स्तरीय समिति ने मंगलवार को पिछले साल सितंबर में गठित होने के बाद से उसके द्वारा की गई विभिन्न गतिविधियों की समीक्षा की। बयान में कहा गया है कि समिति के अध्यक्ष और पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अलावा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और अन्य सदस्य बैठक में शामिल हुए। उच्च स्तरीय समिति ने अपनी विभिन्न गतिविधियों की समीक्षा की। समिति को मौजूदा संवैधानिक ढांचे को ध्यान में रखते हुए लोकसभा, राज्य विधानसभाओं, नगर पालिकाओं और पंचायतों के चुनाव एक साथ कराने के लिए जांच करने और सिफारिश करने का अधिकार है।
महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान प्रसाद खाने के बाद 300 से ज्यादा लोग बीमार पड़ गए। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। मामले का वीडियो सामने आया है, जिसमें दिख रहा है कि एक अस्पताल के बाहर सड़क पर कई मरीजों का इलाज किया जा रहा है। सलाइन की बोतलें पेड़ों से बंधी रस्सियों से लटकाई गई हैं। जिला कलेक्टर किरण पाटिल ने बताया कि घटना मंगलवार की है। सोमथाना गांव में हरिनाम नाम का साप्ताहिक धार्मिक आयोजन हुआ था। सोमथाना और खापरखेड़ गांवों से करीब 500 श्रद्धालु प्रसाद लेने के लिए मंदिर आए। प्रसाद खाने के बाद उन्हें पेट दर्द व उल्टी की शिकायत हुई। बीमार लोगों को गांव के अस्पताल में ले जाया गया, लेकिन बिस्तरों की कमी के चलते इलाज बाहर सड़क पर करना पड़ा।
प्रसाद के नमूने की होगी जांच
पाटिल ने कहा कि सभी मरीजों की हालत स्थिर है और उनमें से ज्यादातर को बुधवार को छुट्टी दे दी गई। मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति होने पर डॉक्टरों की एक टीम को तैनात किया गया है। प्रसाद के नमूने की जांच की जाएगी।