Puja Khedkar: किसानों के बाद पूजा की मां मेट्रो रेल मजदूरों से भिड़ीं; जानें 27 सेकंड के नए वीडियो में क्या
पिछले दिनों पूजा खेडकर की मां मनोरमा खेडकर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस वीडियो क्लिप में उनकी मां को बंदूक लहराते हुए और भूमि विवाद के एक मामले में पुणे के एक किसान को धमकाते हुए दिखाया गया था।
विस्तार
विवादों में घिरीं ट्रेनी आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर की मुसीबतें हैं कि कम होने के बजाय बढ़ती ही जा रही हैं। पूजा की मां मनोरमा का पिस्तौल लेकर किसानों पर धमकाने वाले वीडियो के बाद अब उनका एक और वीडियो सामने आया है। इस वायरल हो रहे वीडियो में मनोरमा को कथित तौर पर पुणे में मेट्रो रेल निर्माण श्रमिकों के साथ बहस करते हुए देखा जा सकता है।
वायरल हो रहे नए वीडियो में क्या?
पूजा की मां मनोरमा का नया वायरल वीडियो 27 सेकंड का है। अभी इसकी सटीक तारीख का तो पता नहीं चल पाया है, लेकिन इस नए वीडियो में मनोरमा मेट्रो रेल निर्माण श्रमिकों के साथ बहस करती नजर आ रही हैं, जहां कुछ पुलिसकर्मी भी मौजूद हैं। हालांकि यह वीडियो पुराना बताया जा रहा है लेकिन, पुलिस ने इसको भी संज्ञा में लिया है। बताया जा रहा है कि शिवाजी नगर और हिंजेवाड़ी के बीच पुणे मेट्रो लाइन का निर्माण कार्य चल रहा था। ऐसे में मेट्रो निर्माण कार्य से जुड़े कई सामान खेडकर के बंगले के पास रख दिए गए थे। इससे मनोरमा खेडकर इतनी नाराज हो गईं कि पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को फटकार लगा दी। यही वीडियो वायरल हो रहा है।
पहले भी आया था बंदूक लहराकर धमकाने वाला वीडियो
पिछले दिनों पूजा खेडकर की मां मनोरमा खेडकर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस वीडियो क्लिप में उनकी मां को बंदूक लहराते हुए और भूमि विवाद के एक मामले में पुणे के एक किसान को धमकाते हुए दिखाया गया था।
दो मिनट के वीडियो में मनोरमा बाउंसरों के साथ दिखी थीं और पुणे के मुलशी तहसील में एक जमीन के मालिकाना हक को लेकर किसान से बहस करती हुई दिखाई दी थीं। वीडियो में मनोरमा मराठी में उस व्यक्ति पर चिल्लाते हुए सुनाई दे रही हैं, 'मुझे भूमि अभिलेख दिखाओ। इस भूमि के दस्तावेज पर मेरा नाम है।' हालांकि व्यक्ति ने विरोध करते हुए कहा कि भूमि का यह टुकड़ा उसके नाम पर है। मामला कोर्ट में है।' इस पर मनोरमा उस व्यक्ति को चेतावनी देती सुनाई देती हैं कि वह उन्हें नियम न सिखाए।
पुलिस ने की थी ये कार्रवाई
बाद में पुणे ग्रामीण पुलिस ने इस वीडियो क्लिप का संज्ञान लेते हुए जांच की थी। मामले में अधिकारियों ने कहा था कि वे जांच करेंगे कि मनोरमा के पास बंदूक रखने का लाइसेंस है या नहीं। वीडियो की जांच करने के बाद पुणे ग्रामीण पुलिस ने मनोरमा और उनके पति दिलीप खेडकर के अलावा पांच अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। पौड पुलिस स्टेशन में आयुध अधिनियम सहित भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 323 (बेईमानी या धोखाधड़ी से संपत्ति हटाना या छिपाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। अब पुलिस को मनोरमा की तलाश है, लेकिन वे फरार हैं।
पूजा पर क्या आरोप हैं?
प्रशिक्षु अधिकारी पूजा खेडकर हाल के दिनों में अपनी मांगों और कारनामों को लेकर चर्चा का विषय बनी हुई हैं। दरअसल, पूजा पर पुणे में बतौर प्रोबेशन आईएएस अधिकारी रहते हुए अधिकारों के दुरुपयोग का आरोप लगा है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि पूजा ने अपनी नियुक्ति के बाद ही तरह-तरह की सुविधाएं मांगनी शुरू कर दीं की, जो प्रशिक्षु अधिकारियों को नहीं मिलती हैं। इतना ही नहीं पूजा ने अपनी निजी ऑडी कर पर लाल-नीली बत्ती लगा दी। ऑडी कार पर विवाद होने पर उनका वाशिम तबादला कर दिया गया।
ट्रेनिंग से वापस बुलाईं गईं पूजा खेडकर
इस विवाद के बीच मंगलवार को पूजा खेडकर को महाराष्ट्र सरकार के जिला प्रशिक्षण कार्यक्रम से भी मुक्त कर दिया गया। इस बारे में अतिरिक्त मुख्य सचिव (पी) नितिन गद्रे ने एक पत्र में लिखा, 'लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी एलबीएसएनएए, मसूरी ने आपके (पूजा खेडकर) जिला प्रशिक्षण कार्यक्रम को स्थगित रखने और आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए आपको तुरंत वापस बुलाने का फैसला किया है।'
पूजा पर पुणे में बतौर प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी रहते हुए शक्तियों के दुरुपयोग का भी आरोप है। इसके अलावा पूजा की नियुक्ति को लेकर तमाम सवाल खड़े हो रहे हैं। अब इस मामले में केंद्र ने जांच बैठा दी है। विवाद में फंसी पूजा खेडकर ने अपने लगे आरोपें पर जवाब दिया है। पूजा ने कहा, 'मुझे दोषी साबित करने के लिए मीडिया ट्रायल गलत है। मैं विशेषज्ञ समिति के सामने गवाही दूंगी और समिति के निर्णय को स्वीकार करूंगी'। उन्होंने कहा, 'मेरी जो भी दलील है, मैं उसे समिति के सामने रखूंगी और सच्चाई सामने आ जाएगी।'