Cooch Behar: अनंत राय ने की केंद्रीय मंत्री प्रमाणिक से मुलाकात, कहा- कूचबिहार का केंद्रशासित प्रदेश बनना तय
अनंत राय का संगठन ग्रेटर कूचबिहार पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्से में कूचबिहार और कई अन्य जिलों को मिलाकर एक स्वतंत्र राज्य की मांग कर रहा है। उनकी टिप्पणी पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने तीखा जवाब दिया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर बंगाल के कुछ हिस्सों को शामिल करते हुए एक अलग कूच बिहार की मांग कर रहे नेता अनंत राय ने शुक्रवार को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री निसिथ प्रमाणिक से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि एक नया केंद्र शासित प्रदेश बनना केवल समय की बात है। ग्रेटर कूचबिहार के एक गुट का नेतृत्व करने वाले अनंत राय ने कूचबिहार जिले के भेटागुरी शहर में प्रमाणिक के साथ एक घंटे तक बैठक की। राय ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि मुझे विश्वास है कि यह (नया केंद्र शासित प्रदेश) जल्द ही होगा। मैं समय और तारीख पर टिप्पणी नहीं कर सकता। लेकिन आप निश्चिंत हो सकते हैं कि कूचबिहार का नया केंद्र शासित प्रदेश केवल समय की बात है।
केंद्र शासित प्रदेश के बारे में राय की टिप्पणियों के बारे में पूछे जाने पर कूचबिहार निर्वाचन क्षेत्र के सांसद प्रमाणिक ने कहा कि समय आने पर मैं इस पर टिप्पणी करूंगा। राय का संगठन ग्रेटर कूचबिहार पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्से में कूचबिहार और कई अन्य जिलों को मिलाकर एक स्वतंत्र राज्य की मांग कर रहा है। उनकी टिप्पणी पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने तीखा जवाब दिया, औक कहा कि वह कभी भी पश्चिम बंगाल के विभाजन की अनुमति नहीं देगी। टीएमसी नेता और उत्तर बंगाल विकास मंत्री उदयन गुहा ने कहा कि वे जितनी चाहें उतनी बैठकें कर सकते हैं या जो चाहें कह सकते हैं। लेकिन पश्चिम बंगाल का कोई विभाजन नहीं होगा।
सुरम्य दार्जिलिंग सहित अपने आठ जिलों के साथ उत्तर बंगाल, पश्चिम बंगाल के लिए आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें आय पैदा करने वाली चाय, लकड़ी और पर्यटन उद्योग हैं।
यह क्षेत्र अपने सिलीगुड़ी गलियारे के लिए भी रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, जिसे आमतौर पर 'चिकन नेक' के रूप में जाना जाता है, क्योंकि यह उत्तर पूर्वी राज्यों को शेष भारत से जोड़ता है। यह क्षेत्र नेपाल, भूटान और बांग्लादेश के साथ सीमा साझा करता है। इस इलाके ने अस्सी के दशक की शुरुआत से गोरखा, राजबंशी, कोच और कामतापुरी समुदायों जैसे विभिन्न जातीय समूहों द्वारा कई हिंसक राज्य के आंदोलनों को देखा है।
भाजपा के अलीपुरद्वार के सांसद जॉन बारला और माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी और डबग्राम-फुलबाड़ी सीटों के विधायक आनंदमय बर्मन और शिखा चटर्जी ने मांग की है कि उत्तर बंगाल के जिलों से एक केंद्र शासित प्रदेश बनाया जाए। कर्सियांग से भाजपा विधायक विष्णु प्रसाद शर्मा ने पिछले साल भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा को पत्र लिखकर दार्जिलिंग हिल्स को पश्चिम बंगाल से अलग करने की मांग की थी।
कांग्रेस पश्चिम बंगाल का विभाजन कभी नहीं होने देगी: चौधरी
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि उनकी पार्टी पश्चिम बंगाल का कभी विभाजन नहीं होने देगी। मालदा जिले के रतुआ स्थित श्रीपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए चौधरी ने कहा कि भाजपा अगले साल होने वाले पंचायत चुनाव के मद्देनजर ऐसे मुद्दों को हवा दे रही है। हम पश्चिम बंगाल का विभाजन कभी नहीं होने देंगे। चुनाव आ रहे हैं और इसलिए भाजपा ऐसे मुद्दों को हवा दे रही है।