फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   New techniques a big threat to indian education sector says ex vice chancellor Dinesh Singh of DU

रोबोटिक्स तकनीक रोजगार सेक्टर के लिए चुनौती बनेगी: प्रो. दिनेश सिंह

Sun, 14 Jan 2018 09:19 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 14 Jan 2018 09:19 PM IST
विज्ञापन
New techniques a big threat to indian education sector says ex vice chancellor Dinesh Singh of DU
रविवार को नई दिल्ली में आचार्य महाप्रज्ञ मेमोरियल लेक्चर कार्यक्रम में बोलते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व वाइस चांसलर प्रो. दिनेश सिंह एवं मंच पर मौजूद अन्य वक्ता। - फोटो : amar ujala

रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी नई तकनीक की बढ़ती चुनौतियां भारतीय वोकेशनल एजुकेशन सेक्टर के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है। अगर सरकार ने वोकेशनल एजुकेशन को मजबूत करने के उपाय नहीं किए तो आने वाले वर्षों में बेरोजगारी बड़ी समस्या बनकर उभरेगी। यह विचार दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व वाइस चांसलर प्रोफेसर दिनेश सिंह ने व्यक्त किए। 

विज्ञापन


रविवार को नई दिल्ली में आचार्य महाप्रज्ञ मेमोरियल लेक्चर के मुख्य उद्घाटन भाषण में प्रोफेसर दिनेश सिंह ने यह भी कहा कि जरुरत डिग्री और डिप्लोमा की अंधी दौड़ में थकने की नहीं बल्कि आवश्यकता इस बात की है कि नौजवानों में अपने हुनर के विकास के लिए सच्ची लगन और चाह पैदा की जाए। 
विज्ञापन


जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा दिल्ली और जैन श्वेताम्बर तेरापंथी दक्षिण दिल्ली द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुनि श्री जयंत कुमार जी और जैन समाज के कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। मुनि जयंत कुमार ने अपने संबोधन में शिक्षा और वोकेशनल ट्रेनिंग को भारतीय मूल्यों से जोड़ने की वकालत की। 
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि संयुक्त परिवार और अहिंसा जैसे मूल्यों पर चलकर कोई भी व्यावसायिक संस्थान अपने उद्देश्यों में सफल हो सकता है। जयंत जी ने पीएचडी चैंबर के सभागार में आए सैकड़ों श्रोताओं को कई पवित्र संकल्प भी करवाए।

कार्यक्रम में फेडरेशन ऑफ इंडियन पेट्रोलियम इंडस्ट्री के महानिदेशक आर के मल्होत्रा पीएचडी चैंबर की वोकेशनल ट्रेनिंग कमेटी के प्रमुख श्री विशाल जिंदल, श्री गोविंद बापना, आचार्य महाप्रज्ञ मेमोरियल लेक्चर कार्यक्रम के संयोजक एम के डूग्गर एवं अमर उजाला डॉट कॉम के संपादक संजय अभिज्ञान ने भी अपने विचार वयक्त किए। 

लगभग सभी वक्ताओं ने इस बात पर चिंता जताई कि भारत में वोकेशनल ट्रेनिंग में समय की जरुरत के हिसाब से विकास नहीं हो रहा है जिससे इंडस्ट्री में वोकेशनल ट्रेनिंग के ग्रेजुएट पैदा नहीं हो रहे।


स्कूल और पॉलिटेक्निक संस्थानों में आवश्यक संसाधनों का अभाव भी बना हुआ है, ऐसे में वर्ष 2022 तक देश के 50 करोड़ नौजवानों को हुनरमंद बनाने का मोदी सरकार का लक्ष्य प्राप्त करना कठिन हो सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed