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नई व्यवस्था: भूकंप पीड़ितों का पहले इलाज, फिर किया जाएगा पुनर्वास, स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी कीं सिफारिशें
Tue, 18 Jul 2023 05:58 AM IST
Jeet Kumar
परीक्षित निर्भय, देहरादून।
परीक्षित निर्भय, देहरादून।
Published by: Jeet Kumar
Updated Tue, 18 Jul 2023 05:58 AM IST
सार
जल्द ही देश के सभी अस्पतालों में भूकंप और उसकी वजह से घायल लोगों के उपचार को लेकर नई सिफारिशें लागू होंगी। इसके तहत पहले अस्पताल में इलाज देकर घायलों को स्थिर किया जाएगा, जिसके तुरंत बाद शरीर के अंगों का पुनर्वास किया जाएगा।
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Earthquake
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
जल्द ही देश के सभी अस्पतालों में भूकंप और उसकी वजह से घायल लोगों के उपचार को लेकर नई सिफारिशें लागू होंगी। इसके तहत पहले अस्पताल में इलाज देकर घायलों को स्थिर किया जाएगा, जिसके तुरंत बाद शरीर के अंगों का पुनर्वास किया जाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों के साथ भूकंप के बाद घायलों के चिकित्सा पुनर्वास के लिए सिफारिशों को साझा किया है।
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इन सिफारिशों को दिल्ली एम्स सहित देश के तीन बड़े अस्पतालों के अलावा स्वास्थ्य महानिदेशक की एक टीम ने तैयार किया है, जिसे जिला और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के स्तर पर लागू किया जाएगा। इतना ही नहीं, भूकंप में घायलों का पुनर्वास किस तरह किया जाए? डॉक्टर और नर्स को इसका प्रशिक्षण देने के लिए मंत्रालय ने स्वास्थ्य चिंतन शिविर में दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। 38 पेज के इन दिशा-निर्देशों में शरीर के प्रत्येक अंग से जुड़े उपचार को लेकर चित्रों के साथ जानकारी दी गई है।
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भुज भूकंप से आया सुझाव
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण का कहना है कि साल 2001 के दौरान गुजरात के भुज में भूकंप आया जिसमें 56 फीसदी घायलों को शरीर के निचले हिस्से में चोटें आईं। 17 फीसदी घायलों को रीढ़ और पेडू में चोटे आई थीं। केवल 13 फीसदी घायलों को शरीर के ऊपरी हिस्से यानी छाती पर चोटे आईं। भूकंप में घायलों को सिर्फ उपचार ही नहीं बल्कि उनका आगे का जीवन परेशानी मुक्त करने के लिए पुनर्वास बहुत जरूरी है, जिसके लिए इन सिफारिशों को लागू किया जा रहा है। आगामी दिनों में जिला और ब्लॉक स्तर पर पुनर्वास को लेकर जोर दिया जाएगा।
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2017 से अब तक की स्थिति
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के अनुसार, बीते कुछ वर्ष के दौरान भारत में भूकंप की घटनाएं काफी तेजी से बढ़ी हैं। इसी साल पहली तिमाही तक देश के अलग-अलग हिस्सों में 10 बार भूकंप के झटके महसूस किए गए। साल 2017 से 31 जनवरी 2020 के बीच 3.0 और उससे अधिक तीव्रता के कुल 768 भूकंप आए। 2017 में 226, 2018 में 203 और 2019 में 309 भूकंप आए।
वहीं, चार या उससे अधिक तीव्रता के भूकंप 2018 में 78 से लगभग दोगुने होकर 2019 में 159 हुए। केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉ. एसपी सिंह बघेल का कहना है कि विशेषज्ञों की एक टीम ने इन सिफारिशों को तैयार किया है। अच्छी बात यह है कि ग्रामीण या ब्लॉक स्तर के स्वास्थ्य केंद्रों पर भी इन्हें लागू करना, डॉक्टर और नर्स के अलावा अन्य कर्मचारियों को प्रशिक्षण देना बेहद आसान है।