फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   new provisions in fdi grew concerned of rashtriya swayamsevak sangh,wil review in kanpur

एफडीआई के नए प्रावधानों से संघ की बढ़ी चिंता, करेगा समीक्षा

Sun, 26 Jun 2016 02:55 AM IST
एम संजय/ अमर उजाला, नई दिल्ली
एम संजय/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 26 Jun 2016 02:55 AM IST
विज्ञापन
new provisions in fdi  grew concerned of rashtriya swayamsevak sangh,wil review in kanpur

उत्तर प्रदेश के कानपुर में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ सरकार की आर्थिक नीतियों की समीक्षा करेगा। हाल में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के नियमों में किए गए बदलाव को लेकर संघ की चिंता बढ़ी हुई है। इस मुद्दे पर भारतीय मजदूर संघ, स्वदेशी जागरण मंच जैसे उसके आनुषांगिक संगठन सरकार के खिलाफ बोल ही रहे हैं।

विज्ञापन


एफडीआई के मामले में सरकार के नए कदमों पर संघ भी अब मंथन करेगा। बताया जा रहा है कि 13 से 15 जुलाई के बीच कानपुर में होने वाली प्रांत प्रचारकों की बैठक में संघ इस मामले पर चर्चा करेगा।
विज्ञापन


संघ के एक शीर्ष पदाधिकारी के अनुसार एफडीआई के नियमों में किए गए अहम बदलाव से संघ की चिंता बढ़ी हुई है। खासतौर से वह खुदरा क्षेत्र में विदेशी निवेश को मंजूरी देने को लेकर चिंतित है। संघ का मानना है कि इस मामले पर सरकार को जिस तरह की चर्चा करनी चाहिए थी, वह नहीं हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रांत प्रचारकों की बैठक में इस मसले पर चर्चा का संकेत देते हुए उक्त पदाधिकारी ने बताया कि स्वदेशी जागरण मंच, भारतीय मजदूर संघ और भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों को अपना मत रखने का न्योता दिया है।

स्वामी के पीछे स्वदेशी लॉबी

new provisions in fdi  grew concerned of rashtriya swayamsevak sangh,wil review in kanpur
हालांकि, भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ प्रस्ताव पारित करते हुए हड़ताल का आह्वान किया है। आगामी आठ जुलाई को बीएमएस के कार्यकर्ता देशभर में जिला मुख्यालयों और औद्योगिक केंद्रों पर प्रदर्शन कर विरोध जताएंगे।

बीएमएस के राष्ट्रीय महासचिव विरजेश उपाध्याय ने इस आशय की जानकारी देते हुए कहा है कि मानसून सत्र से पहले वे इस मामले में सभी सांसदों को एक ज्ञापन भी देंगे। स्वदेशी जागरण मंच ने भी एफडीआई पर सरकार के फैसले को वादाखिलाफी वाला कदम करार दिया है।

वहीं केंद्र सरकार के आर्थिक रणबांकुरों के खिलाफ सरेआम हल्ला बोल रहे भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी के पीछे संघ की स्वदेशी लॉबी का हाथ बताया जा रहा है। सरकार की आर्थिक नीतियों को लेकर स्वदेशी विचारकों को तगड़ा झटका लगा है।

इसलिए, वे स्वामी के जरिए उन्हीं लोगों पर निशाना साध रहे हैं, जिन्होंने मोदी सरकार की नीति को अमेरिका के हित में प्रभावित करने में मदद की है। संघ की ओर से स्वामी के मामले पर अब तक कोई बयान नहीं आया है। संघ के मौन को स्वामी के समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है।

Published By Rahul Sankrityayan
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed