जापान-इटली की तरह देश में कोरोना की जांच करेंगी नई मशीनें, दो घंटे में आएगी रिपोर्ट
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जापान और इटली की तरह भारत में अत्याधुनिक मशीनों से कोरोना वायरस की जांच की जाएगी। सरकार जल्द ही नोएडा व भुवनेश्वर में लैब शुरू करेगी। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव ने मंगलवार को कहा, रविवार तक में हाई थ्रोपुट डायग्नोस्टिक सिस्टम के तहत रैपिड दो मशीनें स्थापित की जा रही हैं। ये काफी अत्याधुनिक हैं।
इनकी रोजाना 1400 सैंपल की जांच करने की क्षमता है। अभी देश की मौजूदा लैब में कोरोना वायरस की जांच में करीब साढ़े चार घंटे का वक्त लगता है लेकिन नई तकनीक की मदद से महज दो घंटे के भीतर पता चल जाएगा कि मरीज को पॉजिटिव है या नहीं। आईसीएमआर ने देश भर में कोरोना की जांच करने के लिए प्राइवेट लैब से अपील की है कि मुफ्त में लोगों की जांच की जाए।
मंगलवार को प्रेस कान्फ्रेंस में आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव ने कहा कि सरकार कोरोना वायरस की चिकित्सीय व्यवस्था को मजबूत बनाने में जुटी हुई है। हर दिन करीब 500 लोगों की जांच की जा रही है। जबकि सरकारी लैब के पास प्रतिदिन 8 हजार सैंपल की जांच करने की क्षमता है। इसके बावजूद देश में 51 एनएबीएच सर्टिफिकेट प्राप्त प्राइवेट लैब हैं, जिनसे लोगों की मुफ्त जांच करने की अपील की गई है।
भार्गव ने बताया, आईसीएमआर की 72 लैब 24 घंटे कोरोना संदिग्ध मरीजों के सैंपल की जांच कर रही हैं। अगले एक सप्ताह में विभिन्न राज्यों के मेडिकल कॉलेज, डीबीटी, डीआरडीओ और सीएसआईआर की 49 और लैब शुरू हो जाएंगी। यहां जांच किट इत्यादि की व्यवस्था भी जल्द होगी।
हर किसी को नहीं करानी जांच
डॉ. भार्गव ने बताया कि कोरोना वायरस की जांच हर किसी व्यक्ति को कराने की जरूरत नहीं है। जो लोग हाल ही में विदेश यात्रा से लौटकर आए हैं या इन लोगों के संपर्क में कोई आया है। साथ ही इन्हें बुखार, कफ और सांस लेने में तकलीफ है तो ये अपनी जांच करा सकते हैं। इसके अलावा अस्पतालों में काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मचारी भी अपनी जांच करा सकते हैं।
घर बैठे मिलेगी जांच सुविधा
आईसीएमआर से जुड़े सूत्रों की मानें तो जल्द ही घर बैठे लोगों को कोरोना जांच की सुविधा मिल सकती है। इसके लिए स्वास्थ्य मंत्रालय की हेल्पलाइन पर लोगों को कॉल करना होगा और उन्हें ये बताना होगा कि उनका कोरोना वायरस से क्या संबंध है? इनकी विदेश यात्रा और विदेशों से आने वाले संपर्क होने पर घर बैठे जांच कराई जा सकेगी। ऐसा इसलिए किया जाएगा ताकि संदिग्ध मरीज को बाहरी वातावरण से दूर रखा जा सके।