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तीन महीने में आएगी नई साइबर सुरक्षा नीति, भारत दूसरा सर्वाधिक साइबर क्राइम वाला देश
Thu, 12 Mar 2020 03:05 AM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Thu, 12 Mar 2020 03:05 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
भारत जल्द ही नई साइबर सुरक्षा नीति तैयार करने जा रहा है। इसकी घोषणा अगले दो से तीन महीनों में हो सकती है। छठवीं साइबर सुरक्षा इंडिया समिट 2020 में पीएमओ के राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा समन्वयक लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. राजेश पंत ने इस विषय पर जानकारी दी।
उन्हाेंने बताया कि नई नीति में सभी पहलुओं का ध्यान रखा जाएगा। इसके जरिए साइबर खतरों को समझते हुए और संबंधित पक्षों के बीच साझेदारी विकसित की जाएगी। वहीं समिट में बताया गया कि भारत दूसरा सर्वाधिक साइबर हमले झेलने वाला मुल्क है। इसकी वजह से देश की जीडीपी पर असर हो सकता है। भारत में डाटा के मालिकाना हक पर बहस भी महत्वपूर्ण हो चुकी है।
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उन्हाेंने बताया कि नई नीति में सभी पहलुओं का ध्यान रखा जाएगा। इसके जरिए साइबर खतरों को समझते हुए और संबंधित पक्षों के बीच साझेदारी विकसित की जाएगी। वहीं समिट में बताया गया कि भारत दूसरा सर्वाधिक साइबर हमले झेलने वाला मुल्क है। इसकी वजह से देश की जीडीपी पर असर हो सकता है। भारत में डाटा के मालिकाना हक पर बहस भी महत्वपूर्ण हो चुकी है।
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रेलवे रोजाना तीस लाख लोगों का डाटा जुटा रहा
रेलवे सूचना व्यवस्था केंद्र (क्रिस) के महानिदेशक विजय के देवनाथ ने बताया कि रोजाना तीन करोड़ लोगों को सेवाएं देते हुए 30 लाख लोगों का डाटा क्रिस के जरिए जमा किया जा रहा है। 14 लाख कर्मचारियों का डाटा भी 45 से 50 वर्ष तक संभाला जा रहा है। इस डाटा की निजता का ध्यान रखते हुए सेवाएं देना कठिन काम होता जा रहा है।
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