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NSA: ‘जिन्ना ने भी सिर्फ उन्हें स्वीकार किया था नेता’, सुभाष चंद्र बोस को याद कर बोले अजीत डोभाल

Sat, 17 Jun 2023 12:43 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: काव्या मिश्रा Updated Sat, 17 Jun 2023 12:43 PM IST
सार

एनएसए अजीत डोभाल कहा कि नेताजी देश को राजनीतिक पराधीनता से मुक्त कराना चाहते हैं, बल्कि लोगों की राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक मानसिकता को बदलना चाहते थे।

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Netaji said I will not compromise for anything less than full independence and freedom: NSA AJIT
अजित डोभाल। - फोटो : एएनआई

विस्तार

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस में अंग्रेजों को निडर होकर चुनौती देने का साहस था और अगर वह उस समय होते तो भारत का विभाजन नहीं होता। बोस भारत की आजादी के लिए अंग्रेजों से लड़ने के लिए दृढ़ थे और कभी भी आजादी की भीख नहीं मांगना चाहते थे।

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चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एसोचैम) के पहले नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्मृति व्याख्यान में डोभाल ने शनिवार को कहा कि जिन्ना ने कहा था कि मैं केवल एक नेता को स्वीकार कर सकता हूं और वह नेताजी सुभाष चंद्र बोस हैं। बोस न सिर्फ राजनीतिक अधीनता को समाप्त करना चाहते थे, बल्कि महसूस करते थे कि लोगों की राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक मानसिकता को बदलना होगा। उन्हें आकाश में मुक्त पक्षियों की तरह महसूस करना चाहिए। 
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डोभाल ने बोस के जीवन के विभिन्न पहलुओं के बारे में बताते हुए कहा कि उनमें महात्मा गांधी को चुनौती देने की भी हिम्मत थी, लेकिन बोस के मन में गांधी के लिए गहरा सम्मान भी था। डोभाल ने कहा, उनके मन में यह विचार था कि अंग्रेजों से लड़ूंगा, आजादी की भीख नहीं मांगूंगा। यह मेरा अधिकार है और मुझे इसे प्राप्त करना ही होगा।  
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युद्ध को तैयार देश ही पाता है विश्व में मुकाम 
डोभाल ने कहा कि अगर देश युद्ध के लिए तैयार नहीं, तो हार का दोष दुश्मन पर नहीं मढ़ सकते। एक कमजोर देश सिर्फ युद्ध में ही नहीं, बल्कि हर लिहाज से दुश्मन का शिकार बनता है। युद्ध के लिए मजबूती से तैयार देश ही आर्थिक और राजनीतिक तौर पर दुनिया में अपनी जगह बनाता है। डोभाल ने मजबूत भारत के लिए बोस के राजनीतिक दर्शन को दोहराते हुए कहा, देश में ठोस युद्ध उद्योग प्रणाली समय की मांग है।


जयराम रमेश बोले- असल इतिहास पढ़ें डोभाल 
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि एनएसए अजीत डोभाल भी अब तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने वाले क्लब में शामिल हो गए हैं। उन्हें देश का असल इतिहास पढ़ना चाहिए।

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