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पीएमओ और गृह मंत्रालय से गुम हो गई नेताजी से जुड़ी दो फाइलें

Wed, 27 Apr 2016 04:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 27 Apr 2016 04:36 AM IST
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Netaji files missing

सरकार ने स्वीकार किया है कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़ीं दो महत्वपूर्ण फाइलें गुम हो गई हैं। इनमें एक प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से जुड़ी है। दूसरी गायब फाइल गृह मंत्रालय से जुड़ी है। इन फाइलों को तलाशने का काम जारी है।

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लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान नेताजी के मौत के रहस्य से जुड़े सवालों का उत्तर देते हुए केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय से जो फाइल गुम है, वह टोक्यो से नेताजी की अस्थियां लाने और लाल किले पर उनके सम्मान में एक राष्ट्रीय स्मारक के निर्माण प्रस्ताव से जुड़ी है।
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उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय से भी एक फाइल फिलहाल गुम है।  यद्यपि इसके लिए प्रयास किए जा रहे है। वहीं विदेशों से नेताजी से जुड़ी फाइलें लाने के मामले पर रिजिजू ने कहा कि इस साल के अंत तक जापान नेताजी से जुड़ी दो फाइलें गोपनीय सूची से बाहर करने पर सहमत हुआ है।
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उन्होंने कहा कि  नरेंद्र मोदी सरकार ने रूस और जापान सहित विभिन्न देशों से नेताजी से जुड़े दस्तावेजों, फाइलें हासिल करने के प्रयास किए हैं। जापान ने इस साल के अंत तक पांच में से दो फाइलों को गोपनीय की सूची से हटाने पर सहमति जताई है।

रिजिजू ने यह भी कहा कि अन्य तीन फाइलों के बारे में जापान ने कोई भरोसा नहीं दिया है। गृह राज्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने हर माह नेताजी से जुड़ी 25 फाइलें गोपनीय श्रेणी से बाहर करने का निर्णय लिया है।

रिजिजू ने बताया कि ऑस्ट्रिया, रूस और अमेरिका ने भारत सरकार को बताया है कि उनके पास नेताजी से जुड़े कोई दस्तावेज नहीं हैं। जबकि ब्रिटेन ने बताया है कि उसके पास मौजूद सभी 62 फाइलों को ब्रिटिश लाइब्रेरी को सौंप दिया गया और वे जनता के लिए उपलब्ध हैं। जर्मनी ने भी बताया है कि नेताजी से जुड़ी फाइलों को सार्वजनिक कर उन्हें अभिलेखागार में रखा गया है।


नेताजी के मौत की पुष्टि के मामले पर रिजिजू ने कहा कि बोस के बारे में पता लगाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा गठित किए गए दो जांच आयोगों का मानना था कि बोस 1945 में ताइवान में एक विमान हादसे के बाद मारे गए थे लेकिन मुखर्जी आयोग ने पिछले दो आयोगों की जांच को खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा कि हम यह बताने की स्थिति में नहीं हैं कि वास्तव में नेताजी को क्या हुआ था।

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