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NEET पेपर लीक मामला: नीट अब नीलामी है, 10 साल में 89 पेपर लीक, राहुल गांधी का प्रधानमंत्री मोदी पर बड़ा हमला

Mon, 11 May 2026 08:49 PM IST
Rahul Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: Rahul Kumar Updated Mon, 11 May 2026 08:49 PM IST
सार

मेडिकल दाखिले के लिए नीट-यूजी 2026 का आयोजन एक बार फिर विवादों में है। इस मामले के सामने आने के बाद विपक्ष सरकार पर हमलावर हो गया है। राहुल गांधी ने इस मामले को उठाते हुए सरकार पर निशाना साधा है। 

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NEET Paper Leak Row: Rahul Gandhi Alleges Exams Being Sold Under Modi Govt
गुरुग्राम में जनसभा को संबोधित करते राहुल गांधी - फोटो : यूट्यूब (Rahul Gandhi)

विस्तार

नीट 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा अब परीक्षा नहीं, बल्कि नीलामी बन गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा से करीब 42 घंटे पहले सवाल व्हाट्सएप पर बेचे जा रहे थे, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया।

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राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, नीट 2026 के पेपर लीक की खबर सुनी। परीक्षा नहीं - नीट अब नीलामी है। कई सवाल परीक्षा से 42 घंटे पहले व्हाट्सएप  पर बिक रहे थे। 22 लाख से ज़्यादा बच्चे साल भर रात-रात भर आँखें जलाकर पढ़ते रहे और एक रात में उनका भविष्य बाज़ार में सरेआम नीलाम हो गया। यह पहली बार नहीं है। 10 साल में 89 पेपर लीक - 48 बार दोबारा परीक्षा। हर बार वही वादे, और फिर वही खामोशी।
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प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा,  मोदी जी, जब आप अपनी हर नाकामी का बिल जनता पर डालते हैं, तो ग़रीब के बच्चों का भविष्य भी उसी बिल में आता है। 22 लाख बच्चों का भरोसा टूटा है। और मोदी सरकार से बड़ा ख़तरा भारत के युवाओं के सपनों के लिए कोई नहीं। मैं भारत के युवा के साथ हूँ। यह वक़्त बेहद मुश्किल है - मैं जानता हूँ। लेकिन यह व्यवस्था ऐसे नहीं रहेगी। हम मिलकर इसे बदलेंगे।
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क्या है मामला? 
वर्ष 2024 में भी सीकर में एक स्पष्ट पैटर्न सामने आया था। यहां 27,216 000 उम्मीदवारों में से 149 ने 700 से अधिक तो 2037 ने 650 से अधिक अंक तो 4297 ने 600 से अधिक अंक प्राप्त किए थे। सीकर अब कोटा के बाद दूसरा बड़ा कोचिंग हब बनकर उभर रहा है। यह आंकड़े सांख्यिकीय रूप से संदिग्ध थे, फिर भी अदालत में जांच सांख्यिकीय पैटर्न के बजाय ठोस, वास्तविक सबूतों पर केंद्रित रहीं थी।


अब तक क्या क्या हुआ? 
परीक्षा के कुल 180 प्रश्नों में से 150 से अधिक प्रश्न एक सैंपल पेपर से हुबहू मेल खाते हैं। केरलम से पांच लाख रुपये में प्रश्न पत्र सैंपल के रूप में राजस्थान के सीकर पहुंचा। फिर यहां एक काउंसलर ने छात्रों को 30-30 हजार रुपये में बेचा। यही नहीं, यूटयूब पर नीट एक्सपर्ट ने महत्वपूर्ण प्रश्न कहकर इसका ऑनलाइन सेशन तक चला दिया। एक मई से नीट यूजी के आयोजन यानी तीन मई दोपहर तक यह खेल खुलेआम चलता रहा। लेकिन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) और डार्कनेट पर नजर रखने वाली सरकारी जांच एजेंसियां बेफिक्र होकर सोती रहीं।

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