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NEET Paper Leak: पैसे लेकर 'सीक्रेट क्लास' में लिखवाए प्रश्न-उत्तर, छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ की पूरी पटकथा
Sat, 16 May 2026 09:53 AM IST
Pavan
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Pavan
Updated Sat, 16 May 2026 09:53 AM IST
सार
सीबीआई ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले की जांच जारी है, मामले का मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार हो चुका है। आरोप है कि रिटायर्ड केमिस्ट्री टीचर कुलकर्णी ने पुणे में स्पेशल क्लास चलाकर छात्रों को परीक्षा के सवाल और जवाब लिखवाए। अब तक कई शहरों से सात आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। पेपर लीक विवाद के बाद नीट परीक्षा रद्द कर 21 जून को दोबारा कराने का फैसला लिया गया है।
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नीट पेपर लीक की पटकथा
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई ने बड़ा खुलासा किया है। जांच एजेंसी ने इस मामले के कथित 'किंगपिन' पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार किया है। कुलकर्णी पुणे में रिटायर्ड केमिस्ट्री टीचर है और उन पर आरोप है कि उन्होंने परीक्षा से पहले छात्रों को गुप्त तरीके से पेपर के सवाल और जवाब बताए। करीब 22 लाख छात्रों ने इस साल नीट-यूजी परीक्षा दी थी। लेकिन पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई। अब यह परीक्षा दोबारा 21 जून को आयोजित होगी।
अप्रैल के आखिरी हफ्ते में बना खास ग्रुप
सीबीआई जांच में सामने आया कि अप्रैल के आखिरी हफ्ते में पीवी कुलकर्णी ने अपनी साथी आरोपी मनीषा वाघमारे के साथ मिलकर कुछ छात्रों का एक खास ग्रुप तैयार किया। मनीषा वाघमारे को 14 मई को गिरफ्तार किया गया था।
यह भी पढ़ें- कुलकर्णी की काली करतूत: 23 लाख अभ्यर्थियों की मेहनत पर फेरा पानी, CBI ने बताया कैसे लीक हुआ NEET का पेपर?
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घर पर 'स्पेशल कोचिंग क्लास' में लिखवाए नोट्स
आरोप है कि कुलकर्णी ने किसी डिजिटल कॉपी या प्रिंटेड पेपर का इस्तेमाल नहीं किया, बल्कि अपने पुणे स्थित घर पर 'स्पेशल कोचिंग क्लास' चलाकर छात्रों को सवाल और उनके सही जवाब डिक्टेट किए। इन गुप्त क्लासों में छात्रों को सवाल, विकल्प और सही उत्तर हाथ से अपनी कॉपी में लिखवाए गए। बाद में सीबीआई को जो हस्तलिखित नोट्स मिले, वे नीट-यूजी 2026 के असली केमिस्ट्री पेपर से पूरी तरह मेल खाते पाए गए।
एक प्रतिष्ठित कॉलेज में केमिस्ट्री के टीचर थे पीवी कुलकर्णी
जांच एजेंसी के अनुसार पीवी कुलकर्णी महाराष्ट्र के लातूर जिले के रहने वाले हैं और एक प्रतिष्ठित कॉलेज में केमिस्ट्री फैकल्टी रह चुके हैं। वह करीब चार साल पहले रिटायर हुए थे। सीबीआई का दावा है कि कुलकर्णी का नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की परीक्षा प्रक्रिया से भी संबंध था, जिसके कारण उन्हें गोपनीय प्रश्नपत्रों तक पहुंच मिली। हालांकि एजेंसी ने अभी उनके सटीक रोल की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
सीबीआई ने कई राज्यों में की छापेमारी
इस मामले की जांच 12 मई को सीबीआई ने अपने हाथ में ली, जब केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। सबसे पहले यह मामला 7 मई को राजस्थान में सामने आया था। इसके बाद सीबीआई ने कई राज्यों में छापेमारी की और मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और अहम दस्तावेज जब्त किए। इन सभी की फॉरेंसिक जांच चल रही है।
कई शहरों में छापेमारी के बाद कुल सात आरोपी गिरफ्तार
अब तक जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर समेत कई शहरों से सात आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच में यह भी पता चला है कि बिचौलियों का एक नेटवर्क छात्रों से लाखों रुपये लेकर उन्हें इस 'स्पेशल क्लास' के जरिए लीक सामग्री उपलब्ध करा रहा था।
यह भी पढ़ें- भारत में बेरोजगारी दर छह माह के उच्च स्तर पर: अप्रैल में 5.2 फीसदी तक पहुंची, शहरों में मामूली सुधार
जांच के दायरे में लातूर की रेनुकाई केमिस्ट्री क्लासेस
इस मामले में लातूर की रेनुकाई केमिस्ट्री क्लासेस (आरसीसी) भी जांच के दायरे में आ गई है। सीबीआई ने संस्थान के डायरेक्टर शिवराज मोटेगांवकर से पूछताछ की है। 28 सदस्यीय सीबीआई टीम ने उनके घर पहुंचकर कई लोगों से पूछताछ की। हालांकि एजेंसी ने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि कोचिंग संस्थान का इस पूरे नेटवर्क से कितना संबंध था।
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अप्रैल के आखिरी हफ्ते में बना खास ग्रुप
सीबीआई जांच में सामने आया कि अप्रैल के आखिरी हफ्ते में पीवी कुलकर्णी ने अपनी साथी आरोपी मनीषा वाघमारे के साथ मिलकर कुछ छात्रों का एक खास ग्रुप तैयार किया। मनीषा वाघमारे को 14 मई को गिरफ्तार किया गया था।
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घर पर 'स्पेशल कोचिंग क्लास' में लिखवाए नोट्स
आरोप है कि कुलकर्णी ने किसी डिजिटल कॉपी या प्रिंटेड पेपर का इस्तेमाल नहीं किया, बल्कि अपने पुणे स्थित घर पर 'स्पेशल कोचिंग क्लास' चलाकर छात्रों को सवाल और उनके सही जवाब डिक्टेट किए। इन गुप्त क्लासों में छात्रों को सवाल, विकल्प और सही उत्तर हाथ से अपनी कॉपी में लिखवाए गए। बाद में सीबीआई को जो हस्तलिखित नोट्स मिले, वे नीट-यूजी 2026 के असली केमिस्ट्री पेपर से पूरी तरह मेल खाते पाए गए।
एक प्रतिष्ठित कॉलेज में केमिस्ट्री के टीचर थे पीवी कुलकर्णी
जांच एजेंसी के अनुसार पीवी कुलकर्णी महाराष्ट्र के लातूर जिले के रहने वाले हैं और एक प्रतिष्ठित कॉलेज में केमिस्ट्री फैकल्टी रह चुके हैं। वह करीब चार साल पहले रिटायर हुए थे। सीबीआई का दावा है कि कुलकर्णी का नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की परीक्षा प्रक्रिया से भी संबंध था, जिसके कारण उन्हें गोपनीय प्रश्नपत्रों तक पहुंच मिली। हालांकि एजेंसी ने अभी उनके सटीक रोल की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
सीबीआई ने कई राज्यों में की छापेमारी
इस मामले की जांच 12 मई को सीबीआई ने अपने हाथ में ली, जब केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। सबसे पहले यह मामला 7 मई को राजस्थान में सामने आया था। इसके बाद सीबीआई ने कई राज्यों में छापेमारी की और मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और अहम दस्तावेज जब्त किए। इन सभी की फॉरेंसिक जांच चल रही है।
कई शहरों में छापेमारी के बाद कुल सात आरोपी गिरफ्तार
अब तक जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर समेत कई शहरों से सात आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच में यह भी पता चला है कि बिचौलियों का एक नेटवर्क छात्रों से लाखों रुपये लेकर उन्हें इस 'स्पेशल क्लास' के जरिए लीक सामग्री उपलब्ध करा रहा था।
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जांच के दायरे में लातूर की रेनुकाई केमिस्ट्री क्लासेस
इस मामले में लातूर की रेनुकाई केमिस्ट्री क्लासेस (आरसीसी) भी जांच के दायरे में आ गई है। सीबीआई ने संस्थान के डायरेक्टर शिवराज मोटेगांवकर से पूछताछ की है। 28 सदस्यीय सीबीआई टीम ने उनके घर पहुंचकर कई लोगों से पूछताछ की। हालांकि एजेंसी ने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि कोचिंग संस्थान का इस पूरे नेटवर्क से कितना संबंध था।
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