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हर महीने 10 हजार युवाओं को अपने साथ जोड़ रहा संघ, भाजपा की स्टाइल को किया कॉपी
एजेंसी, नई दिल्ली
Updated Mon, 30 Apr 2018 03:55 AM IST
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
- फोटो : amar ujala
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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के डिजिटल माध्यमों से अपनी सदस्यता संख्या को जबरदस्त बढ़ावा देने के बाद उसका थिंकटैंक कहे जाने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने भी यही तरीका अपनाया है। अपनी वेबसाइट पर चलाए गए ‘आरएसएस से जुड़ो’ अभियान के तहत संघ हर महीने करीब 10 हजार नए सदस्य अपने साथ जोड़ने में सफल हो रहा है। अपने सदस्यों में युवा वर्ग को जोड़ने के लक्ष्य के तहत चलाए गए इस अभियान को संघ पूरी तरह सफल मान रहा है।
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शहरों में आ रहे अपार्टमेंट कल्चर के बीच अपनी पैठ बढ़ाने के लिए संघ ने अब अपने कार्यकर्ताओं को ‘अपार्टमेंट प्रमुख’ का पद भी देने का निर्णय लिया है, जो अपनी सोसाइटी में संघ की शाखा लगाने के लिए उत्तरदायी होगा।
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ये जानकारी देते हुए संघ के राष्ट्रीय स्तर के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा, अब कोई भी हमारी वेबसाइट पर ‘ज्वॉइन आरएसएस’ पर मात्र एक क्लिक के जरिए संघ का सदस्य बन सकता है। शाखाओं के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, हमार लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचने और शहरों व गांवों में छोटे से छोटे क्षेत्र में शाखा आयोजित करने का है।
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उन्होंने आगे कहा कि शाखा संघ की सबसे छोटी यूनिट और संगठन की रीढ़ है, जो अधिक से अधिक लोगों को समाजसेवा से जोड़कर समाज में बदलाव ला रही हैं।
फेसबुक-ट्विटर की भी ले रहे मदद
आरएसएस युवाओं तक फेसबुक, ट्विटर जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिए भी पहुंच बढ़ा रहा है। संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि फेसबुक पर जहां संघ के 54 लाख फॉलोअर हैं और इस प्लेटफार्म पर किसी भी युवा की जिज्ञासा या मैसेज का एक दिन के अंदर जवाब दे दिया जाता है।
वहीं संघ के पास अपना वेरीफाइड ट्विटर अकाउंट भी है। इन सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिए संघ अपने आयोजनों और साहित्य के बारे में भी लगातार अपडेट जारी करता रहता है।