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NCRB Report: साइबर अपराध के शिकार हो रहे बच्चे, एक साल में 32 फीसदी मामले बढ़े; आधे केस इन पांच राज्यों से
Mon, 16 Sep 2024 03:40 AM IST
दीपक कुमार शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Mon, 16 Sep 2024 03:40 AM IST
सार
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट में पाया गया है कि 2022 में बच्चों के खिलाफ साइबर अपराध के 1,823 मामले दर्ज किए गए, जो 2021 में दर्ज किए गए 1,376 मामलों की तुलना में 32 फीसदी अधिक हैं।
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साइबर अपराध (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
बच्चों के खिलाफ साइबर अपराध के मामले बढ़ रहे हैं। वैश्विक अपराध रैकेट इंटरनेट पर नाबालिगों को निशाना बना रहे हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट में पाया गया है कि 2022 में बच्चों के खिलाफ साइबर अपराध के 1,823 मामले दर्ज किए गए, जो 2021 में दर्ज किए गए 1,376 मामलों की तुलना में 32 फीसदी अधिक हैं।
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रिपोर्ट के अनुसार, इन अपराधों में साइबर पोर्नोग्राफी, अश्लील यौन सामग्री होस्ट करने या प्रकाशित करने के 1,171 मामले, साइबर स्टॉकिंग या धमकाने के 158 मामले और अन्य प्रकृति के बच्चों के खिलाफ साइबर अपराध के 416 मामले दर्ज किए गए। विशेषज्ञों को डर है कि कोविड-19 महामारी के दौरान जब दुनियाभर के करोड़ों बच्चे ऑनलाइन कक्षाओं में भाग लेने के लिए मजबूर हुए थे तभी इस दुर्भाग्यपूर्ण प्रवृत्ति को बल मिला। चाइल्ड राइट्स एंड यू (सीआरयू) के अनुसार, कोविड महामारी ने बच्चों को विभिन्न ऑनलाइन शिक्षा और अन्य मनोरंजन प्लेटफॉर्मों के संपर्क में ला दिया है जो वास्तव में कई स्तरों पर प्रकट होने वाले बच्चों के लिए जोखिम को बढ़ाता है।
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हर घंटे बच्चों के खिलाफ हो रहे 18 अपराध
रिपोर्ट के अनुसार, देश की ऑफलाइन व्यवस्था भी पिछले साल युवा आबादी के लिए अधिक असुरक्षित हो गई है। एनसीआरबी के अनुसार, 2022 में बच्चों के खिलाफ 1,62,449 अपराध दर्ज किए गए। इसका मतलब है कि पिछले साल हर घंटे बच्चों के खिलाफ औसतन 18 अपराध हुए। इस तरह 2021 की तुलना में बच्चों के खिलाफ अपराधों में लगभग 9 फीसदी की वृद्धि हुई। यह विशेष रूप से चिंताजनक है, क्योंकि 2022 में देश में कुल अपराध के मामलों में कमी आई है।
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आधे मामले पांच राज्यों से
विश्लेषण से पता चला कि बच्चों के खिलाफ होने वाले सभी अपराधों में से लगभग आधे पांच राज्यों में हैं। इनमें महाराष्ट्र (12.8), मध्य प्रदेश (12.6), उत्तर प्रदेश (11.5), राजस्थान (5.8 ) और पश्चिम बंगाल (5.5 फीसदी ) हैं। अपराध दर यानी प्रत्येक एक लाख की आबादी पर अपराध के मामलों की संख्या दिल्ली में सबसे अधिक थी। एनसीआरबी के अनुसार, साल 2020 में बच्चों के खिलाफ साइबर अपराध में 400 फीसदी से ज्यादा की वृद्धि हुई।
- इनमें से 90% मामले यौन कृत्यों से जुड़े थे। इस दौरान बच्चों के खिलाफ ऑनलाइन अपराधों के कुल 842 मामले सामने आए, जिनमें से 738 मामले बच्चों को यौन कृत्यों में चित्रित करने वाली सामग्री को प्रकाशित करने या प्रसारित करने से संबंधित थे। रिपोर्ट के मुताबिक, बच्चों के खिलाफ साइबर अपराध मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश (170), कर्नाटक (144), महाराष्ट्र (137), केरल (107) और ओडिशा (71) में हुए।