ईडी की ईमेल और पुलिस कमिश्नर के आग्रह के बाद माने पवार, आज नहीं जाएंगे ईडी दफ्तर
- एमएससी बैंक घोटाले में एनसीपी प्रमुख शरद पवार पर मनी लांड्रिंग का आरोप
- ईडी ने पूछताछ के लिए बुलाया नहीं, पर बिन बुलाए ही दफ्तर जाने वाले थे पवार
- चुनावी माहौल के बीच किसी तरह की गड़बड़ी रोकने को लेकर धारा 144 लागू
- शिवसेना सांसद संजय राउत ने पवार को भीष्म पितामह बताया, कहा- ईडी की कार्रवाई गलत
- राहुल गांधी बोले- प्रतिशोध वाली सरकार के निशाने पर हैं पवार, यह कार्रवाई अवसरवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
विधानसभा चुनाव को लेकर महाराष्ट्र में जारी सियासी ड्रामे के बीच अपने खिलाफ लगे मनी लांड्रिंग के आरोपों के बाद राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार शुक्रवार प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) दफ्तर जाने वाले थे। ईडी के ईमेल और ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर के आग्रह के बाद उन्होंने शुक्रवार को ईडी दफ्तर जाने का अपना फैसला बदल लिया।
उन पर महाराष्ट्र राज्य सहकारी (एमएससी) बैंक घोटाले में मनी लांड्रिंग का आरोप है। ईडी ने अबतक उन्हें पूछताछ के लिए नहीं बुलाया था, इसके बावजूद पवार शुक्रवार को दोपहर दो बजे ईडी दफ्तर जाने पर अड़े थे। इसको लेकर बलार्ड पियर स्थित ईडी दफ्तर के बाहर और दक्षिण मुंबई के अन्य क्षेत्रों में निषेधाज्ञा (धारा 144) लागू कर दी गई थी।
इस बीच शरद पवार के घर पर और एनसीपी कार्यालय में मुंबई पुलिस पहुंची। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर विनय चौबे ने उनके घर पर मुलाकात की। पवार के अनुसार, पुलिस कमिश्नर ने उनसे आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कोई हंगामा न हो, इसके लिए आग्रह किया। उनके आग्रह के बाद उन्होंने ईडी दफ्तर जाने का फैसला रद्द कर दिया।
दोपहर दो बजे से पहले शरद पवार घर से निकले और मीडिया को बताया कि वह ईडी दफ्तर नहीं जाएंगे। ईडी कार्यालय जाने की योजना फिलहाल के लिए टाल दी है। मेरे खिलाफ ईडी की कार्रवाई का मकसद विपक्ष के नेताओं की छवि खराब करना है।
उन्होंने कहा कि मुझ पर आरोप लगने के बाद मैंने 24 सितंबर को यह कहा था कि आरोप झूठे हैं। मैं बैंक में न तो निदेशक और न ही किसी अन्य पद पर रहा। मैं अपनी बात रखने ईडी दफ्तर जाने वाला था, लेकिन पुलिस कमिश्नर के आग्रह के बाद मैंने फिलहाल ईडी दफ्तर जाना टाल दिया है।
पढ़ें, इससे पहले क्या-क्या हुआ
-ईडी ने भेजा मेल, दफ्तर आने की कोई जरुरत नहीं
एनसीपी लीडर नवाब मलिक ने मुंबई में कहा कि प्रवर्तन निदेशालय ने पार्टी प्रमुख शरद पवार को ईमेल भेजा है, जिसमें कहा है कि उन्हें शुक्रवार को ईडी दफ्तर आने की कोई आवश्यकता नहीं है। जब जरुरत होगी, ईडी उन्हें सूचित करेगा। मलिक ने कहा कि इसके बावजूद पवार ईडी दफ्तर जाने का दृढ़ निश्चय कर चुके हैं।
NCP leader Nawab Malik in Mumbai: Enforcement Directorate (ED) has sent an e-mail stating that Sharad Pawar is not required to visit the office today. When required, ED will intimate him. But, Sharad Pawar is firm to go to ED office. pic.twitter.com/w2MPVjq1C1
— ANI (@ANI) September 27, 2019
-शिवसेना नेता संजय राउत अपनी धुर विरोधी पार्टी एनसीपी के प्रमुख शरद पवार के समर्थन में उतरे हैं। मनी लांड्रिंग के आरोपों से घिरे एनसीपी प्रमुख शरद पवार के बारे में उन्होंने कहा है कि उन पर लगे आरोपों पर लोग विश्वास नहीं रखते। राउत ने कहा कि जिस तरह से उनका नाम इस मामले में आया है, उसे लोग स्वीकार नहीं करेंगे। शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा कि आज एक बड़ा इवेंट होने वाला है। हम अलग पार्टी के हैं, वे अलग पार्टी के हैं। फिर भी उनपर जो आरोप लगे हैं उसपर विश्वास नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि जो टाइमिंग है, वह भी सोचने वाली है।
-संजय राउत ने पवार को भारतीय राजनीति का भीष्म पितामह बताते हुए कहा कि पूरा महाराष्ट्र जानता है जिस बैंक में घोटाले को लेकर ईडी ने एफआईआर में नाम दर्ज किया है, उस बैंक में शरद पवार किसी भी पद पर नहीं रहे हैं। शिकायतकर्ता ने भी कहा है कि उन्होंने शरद पवार का कहीं भी नाम नहीं दिया था। अन्ना हजारे भी उन्हें क्लीन चिट दे चुके हैं। ईडी उनके साथ ठीक नहीं कर रही है।
-राहुल गांधी बोले- चुनाव से पहले कार्रवाई में अवसरवाद की बू
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि प्रतिशोध के तहत कारवाई करने वाली सरकार शरद पवार को निशाना बना रही है। गांधी ने ट्वीट कर कहा कि शरद पवार जी प्रतिशोध वाली सरकार के निशाने पर आए हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई महाराष्ट्र में चुनाव से एक महीने पहले की जा रही है। इससे अवसरवाद की बू आती है।
अन्ना हजारे ने पवार का नाम आने पर आश्चर्य व्यक्त किया
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने शरद पवार का नाम करोड़ों रुपये के महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक घोटाले में आने पर आश्चर्य व्यक्त किया है। हजारे ने कहा कि यह मामला जब मेरे सामने आया था तो शरद पवार का नाम इसमें नहीं था। उनका नाम कैसे आया, किसने डाला ये सभी चीजें वही जानते हैं।
-सुबह करीब 10:15 बजे शरद पवार के ईडी दफ्तर पहुंचने से पहले मुंबई पुलिस की एक टीम नेशनल कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के कार्यालय पहुंची। पुलिस की टीम यहां खोजी कुत्ते के साथ पहुंची और तलाशी अभियान चलाया।
Maharashtra: A police team arrives with sniffer dog at Nationalist Congress Party's office in Mumbai. pic.twitter.com/LTKhDHTIGL
— ANI (@ANI) September 27, 2019
- सुबह करीब 10 बजे ज्वाइंट कमिश्नर विनय चौबे पुलिस अधिकारियों की टीम के साथ शरद पवार के आवास पहुंचे। मनी लांड्रिंग केस में एनसीपी प्रमुख आज दोपहर ईडी दफ्तर पहुंचने वाले हैं।
Mumbai: Joint CP Vinay Choubey and a team of police officers arrive at the residence of NCP Chief Sharad Pawar; He will visit ED office later today for ED investigation in the money laundering case, in which he has been named. pic.twitter.com/Ub7JMvsPE3
— ANI (@ANI) September 27, 2019
-चुनावी माहौल में अपने खिलाफ लगे आरोपों के बाद पवार ने कहा था कि वह खुद ईडी दफ्तर जाएंगे। इसको लेकर संभावना जताई जा रही है कि बड़ी संख्या में उनके समर्थक वहां जमा हो सकते हैं। हालांकि एनसीपी प्रमुख ने गुरुवार को पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की थी कि वे यहां केंद्रीय एजेंसी के कार्यालय के पास एकत्र न हों और सुनिश्चित करें कि लोगों को कोई असुविधा न हो।
Mumbai: Sec144 CrPC has been imposed at Ballard Estate, where the office of Enforcement Directorate is situated;NCP Chief Sharad Pawar to visit ED office today to make himself available to the agency for their investigation in the money laundering case, in which he has been named pic.twitter.com/lixmftwYma
— ANI (@ANI) September 27, 2019
मनी लांड्रिंग रोकथाम कानून (पीएमएलए) के अंतर्गत दर्ज शिकायत के तहत ईडी उन आरोपों की जांच कर रही है कि एमएससीबी के शीर्ष अधिकारी, अध्यक्ष, एमडी, निदेशक, सीईओ और प्रबंधकीय कर्मचारी तथा सहकारी चीनी फैक्टरी के पदाधिकारियों को अनुचित तरीके से कर्ज दिए गए।
एजेंसी ने कर्ज देने और अन्य प्रक्रिया में कथित अनियमितता की जांच के लिए पवार, उनके भतीजे और राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार तथा करीब 70 अन्य के खिलाफ पीएमएलए के तहत मामला दर्ज किया था। ईडी का मामला मुंबई पुलिस की प्राथमिकी पर आधारित है, जिसमें बैंक के निदेशकों, राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार और सहकारी बैंक के 70 पूर्व पदाधिकारियों के नाम हैं।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री शरद पवार का नाम ईडी की शिकायत में पुलिस एफआईआर के आधार पर शामिल किया गया है। यह मामला ऐसे समय दर्ज किया गया, जब राज्य में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। राज्य में एक चरण में 21 अक्तूबर को विधानसभा की सभी 288 सीटों पर मतदान होगा।