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महाराष्ट्र: भाजपा ने शरद पवार पर हिंदू विरोधी होने के लगाया आरोप, एनसीपी प्रमुख ने कविता के माध्यम से साधा निशाना

Fri, 13 May 2022 02:28 AM IST
देव कश्यप पीटीआई, मुंबई।
पीटीआई, मुंबई। Published by: देव कश्यप Updated Fri, 13 May 2022 02:28 AM IST
सार

भाजपा पर निशाना साधते हुए पवार ने कहा कि वह एक कविता की पंक्तियां पेश कर रहे हैं जो कामगार वर्ग की पीड़ा को उजागर करती हैं, लेकिन जो गलत सूचनाएं फैलाना चाहते हैं वे इसके लिए स्वतंत्र हैं।

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NCP chief Sharad Pawar explains poem after BJP accuses him of being Hindu hater
राकांपा प्रमुख शरद पवार। - फोटो : ANI

विस्तार

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महाराष्ट्र इकाई द्वारा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद पवार के भाषण के एक वीडियो को संपादित कर ट्वीट करने और उन पर हिंदू विरोधी होने का आरोप लगाने के एक दिन बाद गुरुवार को शरद पवार ने भाजपा पर एक कविता के माध्यम से निशाना साधा।

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पवार ने कविता के माध्यम से भाजपा पर साधा निशाना
भाजपा पर निशाना साधते हुए पवार ने कहा कि वह एक कविता की पंक्तियां पेश कर रहे हैं जो कामगार वर्ग की पीड़ा को उजागर करती हैं, लेकिन जो गलत सूचनाएं फैलाना चाहते हैं वे इसके लिए स्वतंत्र हैं।
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भाजपा ने पवार के भाषण का वीडियो किया था जारी
भाजपा की राज्य इकाई (@BJP4Maharashtra) ने सातारा में पवार के भाषण का एक वीडियो बुधवार को जारी किया था और दावा किया कि ‘‘नास्तिक शरद पवार ने हमेशा हिंदू धर्म से नफरत की है’’ और हिंदू देवी देवाताओं का अपमान किए बगैर उन्हें राजनीतिक सफलता हासिल नहीं होती।
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इस पर पवार ने गुरुवार को पत्रकारों से कहा कि वह राठौर की कविता ‘पत्थरवत’ (स्टोन-कटर) की कुछ पंक्तियां पढ़ रहे हैं। सोशल मीडिया के कुछ यूजर्स ने कहा कि पवार जवाहर राठौर की एक कविता का जिक्र कर रहे हैं जो जातिवाद के मुद्दे से संबंधित है।

इस कविता में मूर्तिकार कहता है कि उसने अपनी छेनी से भगवान ब्रह्मा,विष्णु और महेश की मूर्तियां बनायी हैं और इन मूर्तियों को मंदिर में स्थापित किया गया है, लेकिन वह स्वंय मंदिर में नहीं जा सकता क्योंकि वह निचली जाति से है।

राकांपा प्रमुख ने कविता पढ़ते हुए कहा, "पत्थर काटने वाला सवाल करता है कि क्या ब्रह्मा दुनिया के निर्माता हैं या हम (उनकी मूर्ति बनाने वाले) उनके पिता हैं।"

एनसीपी प्रमुख ने भाजपा का नाम लिए बिना कहा, "इस कविता में कवि उन मजदूरों के दर्द को आवाज देता है जो इस बात से दुखी हैं कि उन्होंने चट्टान से मूर्तियां गढ़ी, लेकिन उन्हें मंदिर में प्रवेश करने से रोक दिया गया। कविता कामगार वर्ग के दर्द को उजागर करती है, लेकिन अगर कुछ लोग गलत सूचना फैलाना चाहते हैं, तो वे ऐसा करने के लिए स्वतंत्र हैं।" 

उन्होंने कहा, "जब लोग देखेंगे कि यह कहां लिखा है, तो उन्हें यह किताब मिल जाएगी।" एनसीपी नेता और राज्य के आवास मंत्री जितेंद्र आव्हाड ने कहा कि महाराष्ट्र में "परंपराओं की उपेक्षा करने की विरासत है जिसने 5,000 से अधिक वर्षों से लोगों को गुलाम बनाया।" उन्होंने कहा, 'पवार की आलोचना करने वालों को इसे नहीं भूलना चाहिए।"

जनता जानती है कि गलत राजनेताओं को कैसे सबक सिखाया जाता: पवार
इस बीच, पुरंदर में संवाददाता सम्मेलन में पवार ने यह भी कहा कि देश के लोग बुद्धिमान हैं और वे जानते हैं कि गलत राजनेताओं को कैसे सबक सिखाया जाता है। पवार ने कहा कि जब इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाया, तो लोगों ने उन्हें अगले चुनावों में हरा दिया और मोरारजी देसाई और अटल बिहारी वाजपेयी को सत्ता दी। लेकिन जब यह स्पष्ट हो गया कि ये नेता सरकार नहीं चला सकते, तो लोगों ने फिर से इंदिरा गांधी को बागडोर दे दी।


पाकिस्तान की आवाम हमारी विरोधी नहीं
एनसीपी के शरद पवार ने कहा कि मेरा व्यक्तिगत अनुभव है कि पाकिस्तान के आम लोग हमारे विरोधी नहीं हैं। जो राजनीति करना चाहते हैं और सेना की मदद से सत्ता पर नियंत्रण रखना चाहते हैं, वे संघर्ष और नफरत फैला रहे हैं। लेकिन पाकिस्तान में अधिकांश लोग शांतिपूर्ण माहौल बनाना चाहते हैं।

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