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NCERT: पाठयक्रम में बदलाव पर क्यों हो रहा बवाल, क्यों हटाया जा रहा आवर्त सारणी से लेकर डार्विन का सिद्धांत तक?

Fri, 02 Jun 2023 07:45 PM IST
शिवेंद्र तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Fri, 02 Jun 2023 07:45 PM IST
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सार
डार्विन के विकासवाद के सिद्धांत से लेकर आवर्त सारणी तक के विषय अब पाठ्यपुस्तकों में नहीं मिलेंगे। एनसीईआरटी ने कक्षा 10 की पाठ्यपुस्तकों से तत्वों के पीरियोडिक क्लासिफिकेशन को स्थायी रूप से हटा दिया है।
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NCERT: Why there is row over the change in syllabus and list of deleted contents
एनसीईआरटी - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

एनसीईआरटी की कक्षा 10वीं की किताबें पढ़ने वाले छात्र अब डार्विन के विकासवाद का सिद्धांत, आवर्त सारणी, राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में कृषि का योगदान, लोकतंत्र की चुनौतियों और प्राकृतिक संसाधनों के सतत प्रबंधन सहित कई पाठ नहीं पढ़ेंगे। एनसीईआरटी इन सभी को पाठ्यक्रम से हटाने का फैसला किया है। पाठ्यक्रम से इन अध्यायों को हटाने पर विवाद भी खड़ा हो गया है। 


NCERT के पाठयक्रम को लेकर अभी क्या हुआ है? इसमें क्या बदलाव हुए हैं? विवाद क्यों हो रहा है? NCERT ने क्या प्रतिक्रिया दी? क्या पहले भी अध्याय हटाए गए थे? आइये जानते हैं...

एनसीईआरटी
एनसीईआरटी - फोटो : Social Media
NCERT के पाठयक्रम को लेकर अभी क्या हुआ?  
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) की ओर से एक जून को विज्ञान और इतिहास की पुस्तकों का पाठ्यक्रम संशोधित किया गया है। एनसीईआरटी ने गुरुवार, एक जून को जारी बयान में कहा कि कोविड-19 महामारी के मद्देनजर छात्रों पर सामग्री का बोझ कम करने के लिए कक्षा 10वीं की पाठ्यपुस्तक से तत्वों, लोकतंत्र, राजनीतिक दलों (पूरे पृष्ठ) और लोकतंत्र की चुनौतियां और पीरियोडिक टेबल (आवर्त सारणी) के अध्यायों को हटा दिया है। 

Charls Darwin
Charls Darwin - फोटो : SOCIAL MEDIA
कौन-कौन से अध्याय हटे?
डार्विन के विकासवाद के सिद्धांत से लेकर आवर्त सारणी तक के विषय अब पाठ्यपुस्तकों में नहीं मिलेंगे। एनसीईआरटी ने कक्षा 10 की पाठ्यपुस्तकों से तत्वों के पीरियोडिक क्लासिफिकेशन को स्थायी रूप से हटा दिया है। हालांकि, आवर्त सारणी कक्षा 11 के पाठ्यक्रम का हिस्सा बनी हुई है। 

विज्ञान की पाठ्यपुस्तकों से जिन विषयों को हटा दिया गया है उनमें कक्षा छह, सात और आठ में फाइबर और फैब्रिक्स पर अध्याय शामिल हैं। कक्षा नौ की विज्ञान की पाठ्यपुस्तक से "हम बीमार क्यों पड़ते हैं" अध्याय हटाया गया है।

periodic table
periodic table - फोटो : SOCIAL MEDIA
विवाद किस पर है?
विशेषज्ञों ने आवर्त सारणी अध्याय को हटाने पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि यह रसायन विज्ञान शिक्षा की 'नींव' बनाता है और तत्वों और उनके गुणों की व्यापक समझ प्रदान करता है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि इस तरह की चूक छात्रों की आवश्यक रासायनिक सिद्धांतों की समझ को कम कर सकती है।

डार्विन के विकासवाद चैप्टर हटाने पर विशेषज्ञों ने कहा कि विकासवाद का सिद्धांत एक अवधारणा है जो जीव विज्ञान के केंद्र में है। यह छात्रों को पृथ्वी पर सभी जीवन और इसकी विविधता के बीच संबंध को समझ प्रदान करता है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि विकास के सिद्धांत को हटाने से छात्रों की प्राकृतिक दुनिया को समझने की क्षमता में रुकावट आ सकती है।

NCERT ने क्या प्रतिक्रिया दी है?
एनसीईआरटी ने कहा कि पिछले साल एक रेशनलाइजेशन प्रोसेस थी क्योंकि कोरोना के कारण हर जगह छात्रों पर दबाव था। विशेषज्ञ समिति ने सिफारिश की है कि यदि अध्याय को हटा दिया जाता है, तो इससे बच्चों के ज्ञान पर कोई असर नहीं पड़ेगा और एक अनावश्यक बोझ को हटाया जा सकता है।

विज्ञान की किताब से हटाए गए विषयों में पर्यावरणीय स्थिरता और ऊर्जा के स्रोत का अध्याय भी है। एनसीईआरटी ने इन अध्यायों को हटाने को जरूरी बताते हुए कहा, इससे छात्रों पर बोझ नहीं पड़ेगा। हालांकि, छात्र इन अध्यायों को आगे पढ़ सकते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें कक्षा 11 और कक्षा 12 में इन विषयों को चुनना होगा। 

मुगल इतिहास
मुगल इतिहास - फोटो : Agency (File Photo)
पहले कौन से अध्याय हटाए गए थे? 
बीते महीने से लगातार इतिहास और राजनीति विज्ञान की किताबों में बदलाव को लेकर एनसीईआरटी सवालों के घेरे में रहा है। इसी सप्ताह एनसीईआरटी की ओर से कक्षा 12वीं राजनीति विज्ञान की किताब में उन विवादित अंशों को हटाने की जानकारी दी गई थी, जिनमें श्रीआनंदपुर साहिब प्रस्ताव को कथित तौर पर खालिस्तान की मांग से जोड़ा गया था।  

अप्रैल में सामने आई जानकारी के अनुसार, एनसीईआरटी ने कक्षा 10वीं, 11वीं, 12वीं की इतिहास की पुस्तकों से राजाओं और उनके इतिहास से संबंधित अध्यायों और विषयों को हटा दिया। इसने शैक्षिक सत्र 2023-24 से इंटरमीडिएट में चलने वाली ‘आरोह भाग दो’ में कई परिवर्तन किए। इसमें फिराक गोरखपुरी गजल और ‘अंतरा भाग दो’ से सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की ‘गीत गाने दो मुझे’ नहीं पढ़ सकेंगे। इसके अलावा विष्णु खरे की एक काम और सत्य को भी एनसीईआरटी ने ‘अंतरा भाग दो’ से हटा दिया है। ‘विद्यार्थी आरोह भाग दो’ में ‘चार्ली चैपलिन यानी हम सब’ को भी छात्र इस सत्र में नहीं पढ़ सकेंगे।
 
थीम्स इन वर्ल्ड हिस्ट्री, थीम्स ऑफ इंडियन हिस्ट्री-पार्ट-2 में हुए ज्यादा बदलाव
नए पाठ्यक्रम के तहत इतिहास की किताब थीम्स ऑफ इंडियन हिस्ट्री-पार्ट-2 से द मुगल कोर्ट्स (16वीं और 17वीं सदी) को हटा दिया गया है। इसी तरह, सेंट्रल इस्लामिक लैंड्स, संस्कृतियों का टकराव और औद्योगिक क्रांति से संबंधित पाठों को भी कक्षा 11वीं की पाठ्यपुस्तक थीम्स इन वर्ल्ड हिस्ट्री से हटा दिया गया है।

कक्षा 12वीं की इतिहास की किताबों से छात्रों को अकबरनामा और बादशाहनामा, मुगल शासकों और उनके साम्राज्य, पांडुलिपियों की रचना, रंग चित्रण, आदर्श राज्य, राजधानियां और दरबार, उपाधियां और उपहारों, शाही परिवार, शाही नौकरशाही, मुगल अभिजात वर्ग, साम्राज्य और सीमाओं के बारे में भी पढ़ने को नहीं मिलेगा।
 
विश्व राजनीति में अमेरिकी दबदबे और एरा ऑफ वन पार्टी डोमिनेंस के चैप्टर भी हटाए
इसके अलावा विश्व राजनीति में अमेरिकी आधिपत्य और द कोल्ड वॉर एरा जैसे अध्यायों को भी कक्षा 12वीं की नागरिक शास्त्र की पाठ्यपुस्तक से पूरी तरह से हटा दिया गया है। कक्षा 12वीं की किताब पॉलिटिक्स इन इंडिया सिंस इंडिपेंडेंस से राइज ऑफ पॉपुलर मूवमेंट्स और एरा ऑफ वन पार्टी डोमिनेंस को भी हटाया गया है।

इनमें कांग्रेस, सोशलिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय जनसंघ और स्वतंत्र पार्टी के प्रभुत्व के बारे में बताया गया था। जबकि 10वीं कक्षा की किताब डेमोक्रेटिक पॉलिटिक्स-2 से लोकतंत्र और विविधता, लोकप्रिय संघर्ष और आंदोलन, लोकतंत्र की चुनौतियां जैसे पाठ भी हटा दिए गए हैं। 

2002 के गुजरात दंगों के सभी संदर्भ सभी एनसीईआरटी सामाजिक विज्ञान पाठ्यपुस्तकों से हटा दिए गए हैं। उदाहरण के लिए, 12वीं कक्षा की वर्तमान राजनीति विज्ञान की पाठ्यपुस्तक के अंतिम अध्याय के दंगों पर दो पृष्ठ, जिसका शीर्षक है, पॉलिटिक्स इन इंडिया सिंस इंडिपेंडेंस, को हटा दिया गया है। दूसरे पृष्ठ के एक खंड में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रसिद्ध 'राज धर्म' टिप्पणी को भी हटा दिया गया है। वहीं हिंदू चरमपंथियों की गांधी के प्रति नफरत,महात्मा गांधी की हत्या के बाद आरएसएस पर लगे प्रतिबंध जैसी बातें एनसीईआरटी कक्षा 12 की किताब में नहीं होंगी।
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