Saudi Visit: सऊदी यात्रा से पहले भारतीयों के लिए ये नियम जानना जरूरी, दवाओं को लेकर NCB ने दी अहम चेतावनी
सऊदी अरब जाने वाले भारतीय यात्रियों को कुछ दवाएं साथ ले जाने से पहले ऑनलाइन अनुमति लेना अनिवार्य होगा। एनसीबी ने बताया कि सऊदी अरब ने नया क्लीयरेंस सिस्टम लागू किया है। आइए जानते हैं ये कौन सा सिस्टम है और ऐसी कौन सी दवाइयां हैं, जिन्हें लेकर यात्रियों को सतर्कता बरतना जरूरी है।
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क्या है नया नियम
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अनुसार, सऊदी अरब के जनरल डायरेक्टरेट ऑफ नारकोटिक्स कंट्रोल ने भारत को सूचित किया है कि कुछ दवाएं, जो भारत या अन्य देशों में कानूनी रूप से उपलब्ध हैं। वो सऊदी में प्रतिबंधित या सीमित श्रेणी में आती हैं। इसके अलावा तय सीमा से अधिक मात्रा में दवाएं ले जाने पर कार्रवाई भी हो सकती है।
सऊदी अरब ने दवाओं के लिए एक इलेक्ट्रॉनिक सेवा प्लेटफॉर्म शुरू किया है। इस पोर्टल के जरिए यात्री व्यक्तिगत उपयोग के लिए ले जाई जाने वाली दवाओं की अनुमति ऑनलाइन ले सकते हैं। एनसीबी ने कहा है कि आवेदन यात्री स्वयं या उनके अधिकृत प्रतिनिधि द्वारा किया जा सकता है।
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एनसीबी ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे यात्रा से पहले सऊदी अधिकारियों द्वारा जारी प्रतिबंधित और निषिद्ध दवाओं की आधिकारिक सूची जरूर देख लें। जिन दवाओं को ले जाने की योजना है, उनकी अनुमति है या नहीं, इसकी जांच करना जरूरी है।
एजेंसी ने साफ किया है कि बिना अनुमति या तय सीमा से ज्यादा दवाएं ले जाने पर सऊदी अरब में कानूनी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे मामलों में नियामक कार्रवाई की जा सकती है, जिससे यात्रियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
एनसीबी ने दोहराया है कि भारतीय यात्रियों को दवाओं से जुड़े नियमों की पूरी जानकारी लेकर ही सऊदी यात्रा करनी चाहिए। आवश्यक अनुमति पहले से लेने से अनावश्यक परेशानी और कानूनी जोखिम से बचा जा सकता है।
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