{"_id":"60d7870bac55ad3cf819fba0","slug":"ncb-international-gang-smuggling-through-darknet-busted-8-people-arrested","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनसीबी: डार्कनेट के जरिये ड्रग तस्करी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़, 8 लोग गिरफ्तार ","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
एनसीबी: डार्कनेट के जरिये ड्रग तस्करी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़, 8 लोग गिरफ्तार
Sun, 27 Jun 2021 01:29 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sun, 27 Jun 2021 01:29 AM IST
सार
- ड्रग तस्करी के अंतरराष्ट्रीय गिरोह भारत में दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में फैला हुआ है और संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और फिलीपींस में इसका जाल है। खेप मुख्य रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोप और अन्य देशों में जाती है।
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ड्रग तस्करी
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने डार्कनेट के जरिये चलाए जा रहे ड्रग तस्करी के अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ करने का शनिवार को दावा किया। इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
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ट्रामाडोल जैसी 22 लाख साइकोट्रोपिक टैबलेट और 245 किलो अन्य नशीले पदार्थ जब्त
अब तक की कार्रवाई में ट्रामाडोल जैसी 22 लाख साइकोट्रोपिक टैबलेट और 245 किलोग्राम अन्य मादक पदार्थ जब्त किया गया। एनसीबी ने बताया कि उसकी दिल्ली क्षेत्रीय इकाई के अधिकारियों के दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में पिछले दो महीने के दौरान मारे गए छापों में इस नेटवर्क का खुलासा हुआ। एनसीबी के उपनिदेशक (अभियान) केपीएस मल्होत्रा ने बताया कि गिरोह ने इंटरनेट फार्मेंसी को भी तस्करी के एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया।
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इसमें इस्तेमाल की जा रहीं नौ वेबसाइट भारत के बाहर पंजीकृत हैं। गिरोह भारत में दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में फैला हुआ है और संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और फिलीपींस में इसका जाल है। खेप मुख्य रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोप और अन्य देशों में जाती है। ड्रग्स तस्करी की डीलिंग क्रिप्टो करेंसी और बिटकॉइन में होती थी। भारत से बाहर के बैंक खाते जांच के दायरे में हैं।
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भारी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त
मल्होत्रा ने बताया कि ट्रामाडोल जैसी 22 लाख साइकोट्रोपिक (नशीली) टैबलेट, कोडीन वाली सीरप की 70,000 शीशी और 245 किलोग्राम अन्य मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं। इस नेटवर्क में हरिद्वार की एक दवा कंपनी भी शामिल थी। ड्रग्स हर्बल सप्लीमेंट पैकेट में छिपाए जाते थे। डिजिटल फोरेंसिक से इस मॉड्यूल द्वारा पहले ही भेजे जा चुके एक लाख के ऑर्डर का पता चला है।
क्या है डार्कनेट
डार्कनेट को डार्क वेब के नाम से भी जाना जाता है। यह इंटरनेट का वह हिस्सा (छिपा हुआ) है, जहां तक सर्च इंजन की पहुंच नहीं है और वहां तक पहुंचने के लिए खास सॉफ्टवेयर और खास अनुमति की जरूरत होती है।
कर्नाटक में नष्ट किए गए 50 करोड़ कीमत के जब्त नशीले पदार्थ
कर्नाटक के गृहमंत्री बसवराज बोम्मई ने शनिवार को बताया कि पुलिस द्वारा जब्त किए गए 50 करोड़ रुपये से अधिक कीमत के नशीले पदार्थों को नष्ट किया गया है। यह जब्त किए गए नशीले पदार्थों का मात्र 60 फीसदी है। शेष 40 फीसदी नशीले पदार्थ को नष्ट करने के लिए कोर्ट की अनुमति और फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी की रिपोर्ट का इंतजार है। हम शेष नशीले पदार्थों को भी जल्द नष्ट करेंगे।