अयोध्या मामला : समाचार चैनलों को एनबीएसए की एडवाइजरी, चर्चा से तनाव पैदा न करें
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अयोध्या मामले पर टीवी समाचार चैनलों में हो रही चर्चा को ध्यान में रखते हुए न्यूज ब्रॉडकास्टिंग स्टैंडर्स अथॉरिटी (एनबीएसए) ने 'एहतियात' बरतने की सलाह दी है। एनबीएसए ने इस संबंध में बुधवार को सभी टीवी समाचार चैनलों को एडवाइजरी जारी की है।
'भड़काऊ बहस' से बचने की सलाह
एडवाइजरी में राम जन्मभूमि—बारी मस्जिद मामले में 'भड़काऊ बहस' से बचने को कहा गया है। एनबीएसए समाचार चैनलों की एक स्वायत्त संस्था है। इसने बाबरी मस्जिद के तोड़े जाने की फुटेज का इस्तेमाल भी नहीं करने की सलाह दी है। दो पन्नों की एडवाइजरी में कहा गया है, 'इस मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा फैसला सुनाने से पहले ऐसी कोई ब्रॉडकास्टिंग नहीं होनी चाहिए जिसमें मौजूदा कार्यवाही को लेकर किसी तरह की अटकलें जारी हों।'
News Broadcasting Standards Authority (NBSA) issues advisory on #AyodhyaHearing coverage:
*Do not speculate court proceedings.
*Ascertain facts of hearing.
*Do not use mosque demolition footage.
*Do not broadcast any celebrations.
*Ensure no extreme views are aired in debates. — ANI (@ANI) October 16, 2019
खबर दिखाने से पहले तथ्यों की करें जांच
संस्था ने यह भी कहा है कि अयोध्या मामले से संबंधित कोई भी समाचार तब नहीं दिखाया जाए जब तक रिपोर्टर या संपादक उसके तथ्यों की सही से जांच न कर ले। सिर्फ उन्हीं तथ्यों का इस्तेमाल किया जाए जो या तो कोर्ट के रिकॉर्ड में हों या फिर रिपोर्टर खुद सुनवाई के दौरान अदालत में मौजूद रहा हो।
विरोध वाले फुटेज न दिखाएं
एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि चैनल उन फुटेज को भी न दिखाएं, जिसमें लोग अयोध्या मामले को लेकर विरोध—प्रदर्शन कर रहे हों। साथ ही समाचार या कार्यक्रम में पक्षपात नहीं झलकना चाहिए। चैनलों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बहस या किसी अन्य माध्यम से किसी को भी आपत्तिजनक नजरिया रखने का मौका न मिले।