फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Naxal violence down by 36 pc in 2022 compared to 2018: MoS Home Nityanand Rai in Lok Sabha

Parliament Session: '2018 की तुलना में 2022 में नक्सली हिंसा में 36 फीसदी की कमी', गृह राज्य मंत्री का बयान

Tue, 05 Dec 2023 04:35 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 05 Dec 2023 04:35 PM IST
सार

Parliament Session: केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में वामपंथी उग्रवाद से संबंधित हिंसा की घटनाओं में 22 फीसदी की कमी आई है, जबकि इसके परिणामस्वरूप होने वाली मौतों की संख्या में 60 फीसदी की कमी आई है।

विज्ञापन
Naxal violence down by 36 pc in 2022 compared to 2018: MoS Home Nityanand Rai in Lok Sabha
केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय - फोटो : संसद टीवी (फाइल)

विस्तार

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने मंगलवार को लोकसभा को बताया कि 2018 की तुलना में 2022 में वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) या नक्सलवाद से संबंधित हिंसा की घटनाओं में 36 फीसदी की कमी आई है। एक सवाल के जवाब में राय ने कहा कि इस हिंसा में सुरक्षा बलों और नागरिकों के मौत के आंकड़े में 59 फीसदी की कमी आई है।

विज्ञापन

वामपंथी उग्रवाद से जुड़ी हिंसक घटनाओं में 22 फीसदी की कमी
मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में वामपंथी उग्रवाद से संबंधित हिंसा की घटनाओं में 22 फीसदी की कमी आई है, जबकि इसके परिणामस्वरूप होने वाली मौतों की संख्या में 60 फीसदी की कमी आई है। वामपंथी उग्रवाद से संबंधित हिंसक घटनाओं की संख्या में 2010 के उच्च स्तर की तुलना में 2022 में 76 फीसदी की कमी आई है। मंत्री ने कहा कि परिणामी मौतों (सुरक्षा बलों और नागरिकों) की संख्या भी 2010 में 1,005 के उच्चतम स्तर से 90 फीसदी घटकर 2022 में 98 हो गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

2015 में राष्ट्रीय नीति और कार्य योजना को दी गई थी मंजूरी
राय ने कहा, 'वामपंथी उग्रवाद की हिंसा का भौगोलिक प्रसार भी बाधित हुआ है। हिंसा की रिपोर्ट करने वाले जिले भी 96 (2010) से घटकर 45 (2022) हो गए हैं।' उन्होंने कहा कि वामपंथी उग्रवाद की समस्या से समग्र रूप से निपटने के लिए 2015 में एक राष्ट्रीय नीति और कार्य योजना को मंजूरी दी गई थी, जिसमें सुरक्षा संबंधी उपाय, विकास हस्तक्षेप, स्थानीय समुदायों के अधिकार और हकदारी सुनिश्चित करने के लिए एक बहु-आयामी रणनीति की परिकल्पना की गई।

विज्ञापन

प्रभावित राज्य सरकारों की मदद करती है केंद्र सरकार
सुरक्षा के मोर्चे पर केंद्र सरकार केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल बटालियन, प्रशिक्षण, सुरक्षा संबंधी व्यय (एसआरई) और विशेष बुनियादी ढांचा योजना (एसआईएस) जैसी योजनाओं के जरिए धन का प्रावधान, राज्य पुलिस बलों, उपकरणों और हथियारों के आधुनिकीकरण के लिए धन, खुफिया जानकारी साझा कर वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित राज्य सरकारों की सहायता करती हैं। केंद्र सरकार ने वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण, मोबाइल टावरों की स्थापना, बैंकों, डाकघरों के नेटवर्क में सुधार, स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं सहित विभिन्न उपाय किए हैं।

क्षमता निर्माण के लिए उपलब्ध कराया जाता है धन
मंत्री ने कहा कि सुरक्षा संबंधी व्यय (एसआरई) योजना के तहत प्रभावित राज्यों को वामपंथी उग्रवाद की हिंसा में मारे गए नागरिकों और सुरक्षा बलों के परिवारों को अनुग्रह राशि, सुरक्षा बलों के प्रशिक्षण और संचालन जरूरतों, आत्मसमर्पण करने वाले वामपंथी उग्रवाद के कार्यकर्ताओं के पुनर्वास, सामुदायिक पुलिसिंग, वामपंथी उग्रवादियों द्वारा संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए सुरक्षा बल के कर्मियों और नागरिकों को मुआवजा देने के प्रावधानों के जरिए राज्यों के क्षमता निर्माण के लिए धन उपलब्ध कराया जाता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed