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US Predator Drones Deal: 'हम अभी भी सौदे के प्रक्रिया में...', एयरो शो में नेवी वाइस चीफ ने कही बड़ी बात

Tue, 14 Feb 2023 06:49 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Tue, 14 Feb 2023 06:49 PM IST
सार

एलएसी पर तनाव और हिंद महासागर में चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच भारत ने साल 2017 में इन ड्रोन्स की खरीद के लिए बातचीत शुरू की थी। इस सौदे को लेकर प्रारंभिक योजनाओं के अनुसार, भारत मिसाइलों सहित मारक क्षमता से लैस 30 अमेरिकी प्रीडेटर हाई-एल्टीट्यूड लॉन्ग-एंड्योरेंस ड्रोन हासिल करने की योजना बना रहा था। भारत की तीनों सेनाओं को 10-10 प्रीडेटर ड्रोन्स वितरित किए जाने थे। 
 

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Navy Vice Chief said work on plan to acquire American Predator drones continues
प्रीडेटर ड्रोन - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

सेना में स्वदेशी हथियारों और रक्षा प्रणालियों को बढ़ावा देने के बीच भारतीय नौसेना के वाइस एडमिरल एसएन घोरमाडे ने अमेरिकी प्रीडेटर ड्रोन सौदे को लेकर अहम जानकारी दी है। बेंगलुरु में चल रहे एयरो इंडिया शो 2023 के दौरान उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना अभी भी उस सौदे को लेकर उत्साहित है।  उन्होंने कहा कि हम अभी भी अमेरिकी प्रीडेटर ड्रोन खरीदने के लिए सौदे की प्रक्रिया में हैं। हालांकि हम इस पर भी फोकस कर रहे है कि उसमें 60 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री प्रयोग की जाए। 

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एयरो इंडिया 2023 शो में उन्होंने कहा कि हम अभी भी उस परियोजना पर काम कर रहे हैं। हालांकि हम देख रहे हैं कि इसे कैसे स्वदेशी बनाया जा सकता है।  यह एक ऐसी क्षमता है जिसकी हमें आवश्यकता है।
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 'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा देने के लिए रोक दिया गया था सौदा
बता दें कि अमेरिकी प्रीडेटर ड्रोन सौदा 'मेक इन इंडिया' कार्यक्रम को बढ़ावा देने के मद्देनजर रोके गए सौदों में से एक था। एक लेफ्टिनेंट जनरल की अध्यक्षता वाली एक समिति को पूरे सौदे की समीक्षा करने के लिए कहा गया था। क्योंकि ये सौदा काफी महंगा साबित हो रहा था। सौदे के लिए 30 ड्रोन के लिए लगभग 6 बिलियन अमरीकी डालर देने थे। 
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2017 में शुरू हुई थी वार्ता
एलएसी पर तनाव और हिंद महासागर में चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच भारत ने साल 2017 में इन ड्रोन्स की खरीद के लिए बातचीत शुरू की थी। इस सौदे को लेकर प्रारंभिक योजनाओं के अनुसार, भारत मिसाइलों सहित मारक क्षमता से लैस 30 अमेरिकी प्रीडेटर हाई-एल्टीट्यूड लॉन्ग-एंड्योरेंस ड्रोन हासिल करने की योजना बना रहा था। भारत की तीनों सेनाओं को 10-10 प्रीडेटर ड्रोन्स वितरित किए जाने थे। 

ये है ड्रोन की खासियत
 प्रीडेटर ड्रोन्स की खासियत है कि ये किसी भी हालात में निगरानी करने की क्षमता रखते हैं। ये ड्रोन्स लंबे समय तक आसमान में उड़ान भर सकते हैं। खास बात ये है कि ये ड्रोन्स दिन और रात में भी निगरानी कर सकते हैं और पेलोड लेकर भी उड़ान भर सकते हैं। इन ड्रोन्स में लगे 360 डिग्री कैमरे से समुद्र, आकाश और जमीन पर निगरानी रख सकते हैं। एआई और मशीन लर्निंग तकनीक से लैस ये ड्रोन्स डाटा की समीक्षा कर उसे विभिन्न जगहों पर वितरित भी कर सकते हैं ताकि आपात स्थिति में तुरंत एक्शन लिया जा सके। सर्विलांस के साथ ही राहत और बचाव कार्यों में भी इन ड्रोन्स की मदद ली जा सकती है। इन एमक्यू-9बी प्रीडएटर ड्रोन्स की मदद से भारत की निगरानी करने की क्षमता में जबरदस्त इजाफा होगा। 


म्यूनिशन इंडिया लिमिटेड के सीएमडी रविकांत ने दी जानकारी
इस बीच, म्यूनिशन इंडिया लिमिटेड के सीएमडी रविकांत ने बड़ी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि हमें भारतीय सशस्त्र बलों के लिए 10 लाख से अधिक मल्टी-मोड ग्रेनेड और निर्यात के लिए 3,000 करोड़ रुपये से अधिक के ऑर्डर मिले हैं।  

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