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सरकार के खिलाफ बुद्धिजीवियों को एकजुट कर रहे थे नवलखा, आईएसआई जनरल से भी मिले
Wed, 14 Oct 2020 02:35 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 14 Oct 2020 02:35 AM IST
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गौतम नवलखा
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भीमा-कोरेगांव मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के आरोपपत्र में बड़ा खुलासा हुआ है। इसके मुताबिक, आरोपी गौतम नवलखा सरकार के खिलाफ बुद्धिजीवियों को एकजुट करने में लगे हुए थे। कार्यकर्ता नवलखा पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के भी संपर्क में भी थे। जानकारी के मुताबिक, नवलखा ने 2010 से 2011 के बीच तीन बार अमेरिका का दौरा किया था।
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पिछले हफ्ते दायर की गई चार्जशीट में हुए खुलासे के मुताबिक, नवलखा पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) के सक्रिय सदस्य गुलाम नबी फई के संपर्क में थे, जिसके बदले में उसने नवलखा को आईएसआई के जनरल से मिलवाया था।
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फई को जुलाई, 2011 में आईएसआई और पाकिस्तान सरकार से कई करोड़ की धनराशि स्वीकार करने के लिए अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई द्वारा गिरफ्तार किया गया था। नवलखा फोन और ईमेल के जरिए फई से संपर्क कर रहे थे।
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उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र के पुणे के पास भीमा-कोरेगांव में एक युद्ध स्मारक के पास एक जनवरी 2018 को हिंसा भड़क गई थी। पुणे पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू की थी, मगर बाद में केंद्र सरकार ने इस मामले को एनआईए के हवाले कर दिया था।
नवलखा ने फई पर रहम के लिए लिखा था पत्र
आरोपपत्र के मुताबिक, फई कश्मीरी अमेरिकी परिषद (केएसी) नामक एक संगठन का कार्यकारी निदेशक है। एनआईए के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के मुद्दे को भुनाने के लिए केएसी वाशिंगटन डीसी आधारित एक आईएसआई मॉड्यूल है।
एनआईए अधिकारियों के अनुसार, फई का जन्म जम्मू-कश्मीर में हुआ था और बाद में वह अमेरिकी नागरिक बन गया। फई को साजिश के लिए दो साल की सजा काटनी थी, मगर उसे 16 महीने की सजा के बाद 2013 में रिहा कर दिया गया था। जब फई अमेरिकी जेल में अपनी सजा काट रहा था, तब नवलखा ने उसके क्षमादान के लिए अमेरिकी अदालत के न्यायाधीश को पत्र लिखकर उसका समर्थन किया था।
स्टेन स्वामी ने माओवादियों से लिए थे आठ लाख रुपये
भीमा-कोरेगांव मामले में पिछले हफ्ते रांची से गिरफ्तार फादर स्टेन स्वामी ने माओवादी दुष्प्रचार और गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबंधित सीपीआई माओवादियों से आठ लाख रुपये लिए थे। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अपने आरोपपत्र में यह खुलासा किया है।
इसमें कहा गया है कि 83 वर्षीय स्टेन के घर से कई दस्तावेज जब्त किए गए, जिसमें जीएसएम नेटवर्क पर एनक्रिप्टेड डाटा कम्युनिकेशन गाइड, भूमिगत होने के लिए एक पुस्तिका, कई कॉमरेड के बीच सांकेतिक भाषा में पत्र व्यवहार और शहरी गुरिल्ला प्रणाली पर पुस्तिका शामिल थी।