Mansukh Mandaviya: 'मानसून सत्र में पेश होगा राष्ट्रीय खेल शासन विधेयक', खेल मंत्री मनसुख मांडविया का बयान
Mansukh Mandaviya: खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने घोषणा की कि राष्ट्रीय खेल शासन विधेयक 21 जुलाई से शुरू होने वाले मानसून सत्र में पेश किया जाएगा। यह विधेयक खेल संघों में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नियामक बोर्ड और आयोगों की स्थापना का प्रस्ताव करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में पाकिस्तान की भागीदारी पर कोई रोक नहीं होगी।
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खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने सोमवार को कहा कि लंबे समय से प्रतीक्षित राष्ट्रीय खेल शासन विधेयक संसद के मानसून सत्र में पेश किया जाएगा, जो 21 जुलाई से शुरू हो रहा है। मांडविया ने यह जानकारी उस समय दी, जब वह नशा मुक्ति के खिलाफ युवा कार्य विभाग के एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बात कर रहे थे। उन्होंने यह भी दोहराया कि पाकिस्तान के खिलाड़ियों को भारत में बहुपक्षीय खेल आयोजनों में भाग लेने से नहीं रोका जाएगा। उन्होंने कहा, विधेयक को आगामी सत्र में संसद में पेश किया जाएगा। मैं कुछ दिनों में और जानकारी दूंगा।
यह विधेयक देश के खेल प्रशासकों के लिए अधिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक कदम है। इसके तहत एक नियामक बोर्ड का गठन किया जाएगा, जिसे राष्ट्रीय खेल महासंघों (एनएसएफ) को मान्यता देने और उन्हें फंडिंग प्रदान करने का अधिकार होगा। यह सब इस बात पर निर्भर करेगा कि वह सुशासन से जुड़ी शर्तों का कितना पालन करते हैं। यह बोर्ड यह भी सुनिश्चित करेगा कि खेल महासंघ उच्चतम शासन, वित्तीय और नैतिक मानकों का पालन करें।
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इसके अलावा, इस विधेयक के मसौदे में आचार संहिता आयोग और विवाद निवारण आयोग की स्थापना का भी प्रस्ताव है, ताकि खेलों के संचालन में पारदर्शिता बनी रहे। इस विधेयक पर लंबे समय से बहस चल रही है। भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने इसका विरोध भी किया है, क्योंकि उसका मानना है कि एक नियामक बोर्ड की स्थापना से उसकी राष्ट्रीय खेल महासंघों के प्रमुख निकाय के रूप में स्थिति कमजोर हो सकती है।
मांडविया ने दोहराया कि पाकिस्तान और भारत के बीच राजनीतिक संबंधों में तनाव होने के बावजूद भारत में होने वाले अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में पाकिस्तान की भागीदारी पर कोई रोक नहीं होगी। पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद दोनों देशों के संबंध और भी खराब हो गए हैं। अगले महीने बिहार में पुरुष एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट, नवंबर-दिसंबर में तमिलनाडु में एफआईएच जूनियर वर्ल्ड कप और सितंबर-अक्टूबर में नई दिल्ली में जूनियर शूटिंग वर्ल्ड कप — इन आयोजनों में पाकिस्तान की भागीदारी की उम्मीद है।
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मांडविया ने कहा, हमारा रुख स्पष्ट है। हमें पाकिस्तान के साथ किसी भी अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन में खेलने में कोई आपत्ति नहीं है, चाहे वह क्रिकेट हो, हॉकी हो या कोई और खेल। लेकिन जब बात द्विपक्षीय खेल आयोजनों की आती है, तो सरकार की स्थिति सभी को पता है। पाकिस्तान हॉकी संघ (पीएचएफ) ने भारत में होने वाले दो टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए अपनी सरकार से अनुमति मांगी है, लेकिन अभी तक स्पष्ट नहीं है कि उन्हें इजाजत मिली है या नहीं।
खेल मंत्री ने कहा, हमने पाकिस्तान से कहा है कि हम उन्हें एशिया कप और जूनियर वर्ल्ड कप हॉकी टूर्नामेंट के लिए वीजा देंगे, लेकिन अब यह उनकी सरकार पर निर्भर करता है कि वह टीमें भेजती है या नहीं। हमारी तरफ से कोई समस्या नहीं है। उन्होंने कहा, दोनों ही अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट हैं और जो भी टीमें हिस्सा लेंगी, उन्हें समान व्यवहार मिलेगा। ॉएशिया कप 27 अगस्त से 7 सितंबर तक राजगीर में होगा, जबकि जूनियर वर्ल्ड कप 28 नवंबर से 10 दिसंबर तक आयोजित किया जाएगा।