फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   National Medical Commission order - Doctors should not confuse people with sign boards

National Medical Commission : आयोग का आदेश- साइन बोर्ड से लोगों को भ्रमित न करें डॉक्टर, और भी कई निर्देश

Sun, 08 Oct 2023 05:15 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 08 Oct 2023 05:15 AM IST
सार

राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग ने देश के चिकित्सकों के लिए यह नैतिक सिफारिशें 'प्रोफेशनल कंडक्ट रिव्यू' नाम से जारी एक ई-बुक में की हैं। सिफारिशों में यह भी कहा है कि साइनबोर्ड पर अपने नाम, योग्यता, विशेषज्ञता और पंजीकरण संख्या के अलावा कुछ न लिखवाएं। दवा के पर्चे पर भी केवल यही चीजें लिखें। 

विज्ञापन
National Medical Commission order - Doctors should not confuse people with sign boards
नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) - फोटो : NMC

विस्तार

डॉक्टरों को बड़े-बड़े साइनबोर्ड नहीं लगाने चाहिए। केमिस्ट शॉप या जहां डॉक्टर न खुद रहते हों, न काम करते हों, वहां भी इन्हें लगवाना अनुचित है। विजिटिंग कार्ड और घोषणा पत्रों के जरिये भी चिकित्सक लोगों को भ्रमित न करें।

विज्ञापन


राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग ने देश के चिकित्सकों के लिए यह नैतिक सिफारिशें 'प्रोफेशनल कंडक्ट रिव्यू' नाम से जारी एक ई-बुक में की हैं। सिफारिशों में यह भी कहा है कि साइनबोर्ड पर अपने नाम, योग्यता, विशेषज्ञता और पंजीकरण संख्या के अलावा कुछ न लिखवाएं। दवा के पर्चे पर भी केवल यही चीजें लिखें। 
विज्ञापन


सर्टिफिकेट कोर्स करके खुद को कंसल्टेंट न लिखें 
आयुर्विज्ञान आयोग ने एक डॉक्टर के अल्ट्रासाउंड तकनीक का 6 महीने का सर्टिफिकेट कोर्स करके खुद को कंसल्टेंट सोनोलॉजिस्ट बताने पर कड़े निर्देश दिए। आयोग ने कहा कि बिना योग्यता कोई भी डॉक्टर खुद को विशेषज्ञ कंसल्टेंट न लिखें। विशेषज्ञता के लिए पोस्ट ग्रेजुएशन करनी होती है। संबंधित मामले में डॉक्टर बिना योग्यता व प्रशिक्षण के ही साल 2004 से विशेषज्ञ बना हुआ था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


नहीं दे रहे जानकारियां
14 साल के एक बीमार बच्चे को इलाज के लिए पीएचसी, जिला अस्पताल और फिर आईसीयू व वेंटिलेटर पर रखने और उसकी मौत के मामले में आयोग ने डॉक्टरों के खिलाफ जांच की। इसमें लापरवाही तो नहीं मानी, लेकिन कहा कि अधिकतर मामलों में डॉक्टर और मरीज व उसके परिजनों के बीच संवाद की कमी है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed