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नेशनल हैराल्ड मामला: राहुल-सोनिया को 31 दिसंबर के सर्कुलर को रिकार्ड पर लाने का निर्देश      

Tue, 08 Jan 2019 09:35 PM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आसिम खान Updated Tue, 08 Jan 2019 09:35 PM IST
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National Herald case: supreme court Directed on Rahul gandhi-Sonia to bring circulars on record 

सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और सोनिया गांधी को केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड(सीबीडीटी) के 31 दिसंबर को उस सर्कुलर को रिकार्ड पर लाने के लिए कहा है, जिसे चार दिनों के बाद वापस ले लिया गया था। ऐसा दावा किया जा रहा है कि  उस सर्कुलर से राहुल व सोनिया कोआयकर मामले में राहत मिल सकती थी।  वहीं आयकर विभाग ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि आयकर विभाग ने राहुल गांधी, सोनिया के वर्ष 2011-12 द्वारा दिए गए आयकर को पुनर्मूल्यांकन आदेश दिया जा चुका है लेकिन अदालत केनिर्देशानुसार आदेश का अनुपालन नहीं किया गया है। 

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मालूम हो कि गत चार दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने आयकर के पुनर्मूल्यांकन करने की प्रक्रिया जारी रखने का निर्देश दिया था। हालांकि यह साफ किया था कि जब तक उसके द्वारा इस मसले का अंतिम निपटारा नहीं कर लिया जाता तब तक आयकर विभाग के निर्णय का क्रियान्वन नहीं होगा।  न्यायमूर्ति एके सिकरी की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने सोनिया और राहुल को सीबीडीटी द्वारा जारी 31 दिसंबर केसर्कुलर को रिकार्ड पर लाने और हलफनामा दाखिल करने के लिए है। वहीं हलफनामा दाखिल करने केबाद एक हफ्ते में आयकर विभाग को अपना जवाब दाखिल करने के लिए कहा गया है। अगली सुनवाई 29 जनवरी को होगी। 
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इससे पहले राहुल-सोनिया की ओर से पेश वरिष्ठ वकील पी चिदम्बरम ने पीठ से कहा कि गत 31 दिसंबर को सीबीडीटी ने कंपनी के शेयर से संबंधित एक सर्कुलर जारी किया था। उस सर्कुलर के मुताबिक, नए सिरे से शेयर जारी करना कर में दायरे में नहीं आएगा। लेकिन इस सर्कुलर को चार जनवरी को वापस ले लिया गया। चिदम्बरम ने कहा कि अगर सीबीडीटी आयकर अधिनियम केप्रावधानों का परीक्षण कर रही है तो ऐसे में आयकर विभाग के अधिकारी अदालत में अपना नजरिया कैसे रख सकते हैं, क्योंकि वे सीबीडीटी केअधीन हैं। 
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जवाब में आयकर विभाग की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सीबीडीटी लोगों की फीडबैक पर प्रावधानों का परीक्षण करती रहती हैं। इसका यह कतई मतलब नहीं है कि आयकर अधिकारी मौजूदा प्रावधानों केमुताबिक प्रक्रिया जारी नहीं रख सकते।  इस पर पीठ ने चिदम्बरम को 31 दिसंबर केसर्कुलर को रिकार्ड पर लाने केलिए कहा है। साथ ही इस संबंध में हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा है।  

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