{"_id":"6462dca1918479b4d00a7314","slug":"national-dengue-day-fastest-growing-mosquito-borne-infection-2023-05-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"राष्ट्रीय डेंगू दिवस: बीमारी के खिलाफ आएं एक साथ, सबसे तेजी से बढ़ने वाला मच्छर जनित संक्रमण","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
राष्ट्रीय डेंगू दिवस: बीमारी के खिलाफ आएं एक साथ, सबसे तेजी से बढ़ने वाला मच्छर जनित संक्रमण
Tue, 16 May 2023 07:00 AM IST
देव कश्यप
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली।
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली।
Published by: देव कश्यप
Updated Tue, 16 May 2023 07:00 AM IST
सार
मच्छर जनित बीमारी और उसकी रोकथाम को लेकर जागरूकता लाने के लिए हर साल देश में 16 मई को राष्ट्रीय डेंगू दिवस मनाया जाता है। इस साल “डेंगू के खिलाफ एक साथ: एक मजबूत और सुरक्षित समुदाय का निर्माण” थीम के साथ यह दिवस मनाया जा रहा है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के लिए डेंगू अभी भी एक चुनौती है और इससे निपटने के लिए जितना लोगों का जागरूक होना जरूरी है उतना ही इलाज और टीका व आसान जांच तकनीकों की खोज पर जोर देना जरूरी है। पढ़िए परीक्षित निर्भय की यह रिपोर्ट...
विज्ञापन
डेंगू (सांकेतिक तस्वीर)।
- फोटो : iStock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
2022 में जिओ हेल्थ मेडिकल जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, भारत में डेंगू के चल रहे प्रसार के लिए मानसून की देर से वापसी को जिम्मेदार ठहराया गया है। डेंगू संचरण तीन प्रमुख कारकों- वर्षा, आर्द्रता और तापमान के साथ निकटता से जुड़ा हुआ है। भौगोलिक क्षेत्रों में डेंगू के संचरण के लिए यही जिम्मेदार हैं।
डेंगू और कोरोना संक्रमण के लक्षण काफी हद तक सामान्य हैं। इनके मरीजों में अंतर पता नहीं चलता। इसकी वजह से निदान और उपचार की देरी भी संभव है। - डॉ. राजकुमार, इंडियन स्पाइनल इंजरी सेंटर, नई दिल्ली
सही और सटीक आंकड़े सामने न आने से डेेंगू की रोकथाम, नियंत्रण और अनुसंधान एवं विकास के लिए किए गए प्रयास पूरी तरह सफल नहीं हो पाते।
भारत में सही आंकड़े भी नहीं : आईसीएमआर
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) का कहना है कि आमतौर पर हर साल जून से सितंबर मध्य तक जब मौसम में कुछ नमी रहती है, डेंगू संक्रमण का प्रकोप देखने को मिलता है।
डेंगू के उपचार में आयुर्वेद की भूमिका भी अहम है। दारुहरिद्रा, अपामार्ग, कुटकी, करंज बीज, त्रिभुवन कीर्ति और मृत्युंजय रस से निर्मित फीफाट्रोल दवा दी जाती है। - डॉ. केएन द्विवेदी, वरिष्ठ प्रोफेसर, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय
क्या है डेंगू
नई दिल्ली स्थित एम्स के वरिष्ठ डॉ. संजय राय ने बताया कि डेंगू एक मच्छर जनित उष्णकटिबंधीय बीमारी है जो डेंगू वायरस यानी जीनस फ्लेवीवायरस के कारण होती है।
जांच, इलाज: डेंगू का निदान रक्त परीक्षण से किया जाता है। इसके इलाज के लिए कोई विशेष दवा नहीं है।
डेंगू का टीका
2019 में यूएस एफडीए ने डेंगू के पहले टीके सीवाईडी-टीडीवी या डेंगवाक्सिया को अनुमोदित किया।
2017 1,88,401 325
2018 1,01,192 172
2019 1,57,315 166
2020 44,585 56
2021 1,93,245 346
2022 2,33,251 303
(आंकड़े: राष्ट्रीय वेक्टर-जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अनुसार)
विज्ञापन
- वर्ष 1951 से 1960 और वर्ष 2012 से 2021 के बीच भारत में डेंगू संचरण की प्रवृत्ति में 1.69% की वृद्धि हुई है।
- जलवायु परिवर्तन के चलते थार रेगिस्तान के गर्म शुष्क इलाके में एडीज एजिप्टी और ठंडे ऊपरी हिमालय में एडीज एल्बोपिक्टस मच्छर के विस्तार का अनुमान है।
- वर्तमान में, एडीज एजिप्टी दक्षिणी प्रायद्वीप, पूर्वी समुद्र तट, उत्तर-पूर्वी राज्यों और उत्तरी मैदानों में अधिक प्रचलित है। एडीज एल्बोपिक्टस पूर्वी और पश्चिमी तट रेखाओं, उत्तर-पूर्वी राज्यों और निम्न हिमालय में सक्रिय है। डेंगू के पीछे इन्हीं दो प्रजातियों को जिम्मेदार माना जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
डेंगू और कोरोना संक्रमण के लक्षण काफी हद तक सामान्य हैं। इनके मरीजों में अंतर पता नहीं चलता। इसकी वजह से निदान और उपचार की देरी भी संभव है। - डॉ. राजकुमार, इंडियन स्पाइनल इंजरी सेंटर, नई दिल्ली
सही और सटीक आंकड़े सामने न आने से डेेंगू की रोकथाम, नियंत्रण और अनुसंधान एवं विकास के लिए किए गए प्रयास पूरी तरह सफल नहीं हो पाते।
भारत में सही आंकड़े भी नहीं : आईसीएमआर
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) का कहना है कि आमतौर पर हर साल जून से सितंबर मध्य तक जब मौसम में कुछ नमी रहती है, डेंगू संक्रमण का प्रकोप देखने को मिलता है।
- देश के 24 राज्यों में इसका सबसे ज्यादा असर रहता है। हालांकि, भारत में सही आंकड़े भी सामने नहीं आते हैं।
- 2022 में श्रीलंका में डेंगू के कुल मामले 75,953 दर्ज किए गए थे, यानी उनके यहां एक लाख की आबादी पर 361.68 मामले पाए गए।
- वहीं, भारत में कुल मामले 1,10,473 थे, जो एक लाख की आबादी पर 7.89 ही हैं।
डेंगू के उपचार में आयुर्वेद की भूमिका भी अहम है। दारुहरिद्रा, अपामार्ग, कुटकी, करंज बीज, त्रिभुवन कीर्ति और मृत्युंजय रस से निर्मित फीफाट्रोल दवा दी जाती है। - डॉ. केएन द्विवेदी, वरिष्ठ प्रोफेसर, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय
क्या है डेंगू
नई दिल्ली स्थित एम्स के वरिष्ठ डॉ. संजय राय ने बताया कि डेंगू एक मच्छर जनित उष्णकटिबंधीय बीमारी है जो डेंगू वायरस यानी जीनस फ्लेवीवायरस के कारण होती है।
- इसका प्रसार मच्छरों की कई जीनस एडीज प्रजातियों मुख्य रूप से एडीज इजिप्टी द्वारा होता है।
- यह मच्छर चिकनगुनिया, पीला बुखार व जीका संक्रमण का भी वाहक है।
- डेंगू के चार अलग-अलग, लेकिन आपस में संबंधित सीरोटाइप होते हैं, जिन्हें डेन-1, डेन-2, डेन-3 और डेन-4 नाम से जानते हैं।
जांच, इलाज: डेंगू का निदान रक्त परीक्षण से किया जाता है। इसके इलाज के लिए कोई विशेष दवा नहीं है।
- हाल ही में इंडोनेशिया में डेंगू नियंत्रित करने के लिए वोल्बाचिया बैक्टीरिया से संक्रमित मच्छरों का इस्तेमाल किया है। इसी पर भारत में भी शोध हो रहा है।
डेंगू का टीका
2019 में यूएस एफडीए ने डेंगू के पहले टीके सीवाईडी-टीडीवी या डेंगवाक्सिया को अनुमोदित किया।
- यह टीका से एक जीवित, क्षीण डेंगू वायरस से निर्मित है, जिसे 9 से 16 वर्ष की आयु के उन बच्चों को लगाया जाता है, जो पहले कभी डेंगू की चपेट में आए।
- आईसीएमआर के मुताबिक, वैक्सीन निर्माता आईआईएल द्वारा भारत की पहली डेंगू वैक्सीन विकसित की जा रही है। इसे पहले चरण के परीक्षण की अनुमति मिल गई है।
- बीते छह साल की स्थिति
2017 1,88,401 325
2018 1,01,192 172
2019 1,57,315 166
2020 44,585 56
2021 1,93,245 346
2022 2,33,251 303
(आंकड़े: राष्ट्रीय वेक्टर-जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अनुसार)