फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   NASA-ISRO Synthetic Aperture Radar successfully deploys its giant golden antenna into space

NASA-ISRO NISAR Mission: अंतरिक्ष में खिला सुनहरा फूल, अब आपदाओं पर पैनी नजर; रडार ने स्वर्णिम एंटीना फैलाया

Wed, 20 Aug 2025 06:42 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, बंगलूरू
अमर उजाला नेटवर्क, बंगलूरू Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Wed, 20 Aug 2025 06:42 AM IST
सार

इसरो के अनुसार, निसार का सबसे अनोखा हिस्सा इसका 12 मीटर लंबा और लगभग 64 किलो वजनी एंटीना है। इसे वैज्ञानिकों ने प्यार से सुनहरा फूल (गोल्डेन फ्लावर) नाम दिया। लॉन्च के 17 दिन बाद जब यह एंटीना खुला तो मानो फूल की पंखुड़ियां एक-एक कर खिल उठी हों। इस संरचना में 123 हल्के स्ट्रट्स लगे हैं जो इसे मजबूती देते हैं।
 

विज्ञापन
NASA-ISRO Synthetic Aperture Radar successfully deploys its giant golden antenna into space
नासा-इसरो सिंथेटिक एपर्चर रडार ने अंतरिक्ष में अपना विशाल स्वर्णिम एंटीना सफलतापूर्वक फैलाया - फोटो : अमर उजाला प्रिंट

विस्तार

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के नासा के साथ प्रक्षेपित संयुक्त उपग्रह निसार यानी नासा-इसरो सिंथेटिक एपर्चर राडार ने अंतरिक्ष में अपना विशाल स्वर्णिम एंटीना सफलतापूर्वक फैला दिया है। इसरो के वैज्ञानिकों के मुताबिक यह उपलब्धि केवल तकनीकी प्रगति का प्रतीक नहीं बल्कि वैश्विक सहयोग का ऐतिहासिक उदाहरण है।

विज्ञापन


इसरो के अनुसार, निसार का सबसे अनोखा हिस्सा इसका 12 मीटर लंबा और लगभग 64 किलो वजनी एंटीना है। इसे वैज्ञानिकों ने प्यार से सुनहरा फूल (गोल्डेन फ्लावर) नाम दिया। लॉन्च के 17 दिन बाद जब यह एंटीना खुला तो मानो फूल की पंखुड़ियां एक-एक कर खिल उठी हों। इस संरचना में 123 हल्के स्ट्रट्स लगे हैं जो इसे मजबूती देते हैं। 9 अगस्त को उपग्रह का लंबा धातु बूम धीरे-धीरे खुलना शुरू हुआ। 13 अगस्त तक यह पूर्ण रूप से फैल गया। 15 अगस्त को विस्फोटक बोल्ट खुलने के बाद एंटीना ने ब्लूम प्रक्रिया में फैलकर गोल आकार ले लिया और लॉक हो गया। ब्लूम प्रक्रिया वह चरण है जिसमें निसार उपग्रह का सुनहरा एंटीना अंतरिक्ष में फैलकर काम करने योग्य आकार लेता है। इसरो उपग्रह केंद्र के निदेशक डॉ. संजय शर्मा ने कहा, जब एंटीना पूरी तरह फैला और सुनहरे फूल की तरह खिला, तो यह क्षण केवल तकनीकी नहीं बल्कि भावनात्मक भी था। दशकों की मेहनत का फल हमें उसी पल मिला।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Lok Sabha: 'तमिलनाडु सरकार ने लोगों को नहीं दिए 2.15 लाख मकान', शिवराज सिंह बोले- ये गरीबों के साथ अन्याय है
विज्ञापन
विज्ञापन


भारत-अमेरिका साझेदारी
निसार मिशन भारत और अमेरिका की संयुक्त परियोजना है।नासा ने एल-बैंड रडार, विशाल एंटीना और बूम का निर्माण किया।इसरो ने एस-बैंड रडार, सैटेलाइट बस और लॉन्च की जिम्मेदारी संभाली।इसरो चेयरमैन एस. सोमनाथ ने कहा कि निसार विज्ञान की जीत के साथ-साथ भारत और अमेरिका की गहरी साझेदारी का भी प्रमाण है। जब दो देश विज्ञान और तकनीक में हाथ मिलाते हैं, तो पूरी मानवता लाभान्वित होती है।

ये भी पढ़ें: Alert: इन्सान के दिमाग तक पहुंच जाए अमीबा तो जान बचाना मुश्किल, केरल में तीन मामले सामने आए; लड़की की मौत

एसएआर की क्षमताएं
इस एंटीना में सिंथेटिक एपर्चर रडार (एसएआर) तकनीक लगी है, जो इसे बेहद शक्तिशाली बनाती है। सामान्य परिस्थितियों में इतना छोटा एंटीना सीमित दायरे में काम करता, लेकिन एसएआर की बदौलत यह ऐसा प्रदर्शन करता है जैसे 19 किलोमीटर लंबा एंटीना कार्यरत हो। यह धरती की सतह पर 10 मीटर तक के बदलाव को भी पकड़ सकता है। दिन-रात, बारिश, बादल या धुंध हर स्थिति में यह काम करता रहेगा। हर 12 दिन में पूरी धरती का नक्शा तैयार कर सकेगा। वैज्ञानिकों को समय के साथ धरती पर होने वाले परिवर्तनों की थ्री-डी फिल्म जैसी झलक देंगी। नासा की प्रोजेक्ट वैज्ञानिक डॉ. रोसाली वेगा ने कहा, निसार हमें यह समझने में मदद करेगा कि धरती किस तेजी से बदल रही है। इससे हमें जलवायु संकट और प्राकृतिक आपदाओं की भविष्यवाणी पहले से कहीं अधिक सटीक रूप से करने में सहायता मिलेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed