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नारी शक्ति वंदन अधिनियम: महिला आरक्षण विधेयक लोकसभा में पारित, 454 सांसदों ने पक्ष और दो ने विरोध में वोट किया

Wed, 20 Sep 2023 08:25 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Wed, 20 Sep 2023 08:25 PM IST
सार

पीएम मोदी ने कहा कि इस अभूतपूर्व समर्थन के साथ बिल पारित होने पर खुशी हुई। मैं सभी पार्टियों के सांसदों को धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने इस विधेयक के समर्थन में मतदान किया। नारी शक्ति वंदन अधिनियम एक ऐतिहासिक कानून है, जो महिला सशक्तिकरण को और बढ़ावा देगा और हमारी राजनीतिक प्रक्रिया में महिलाओं की और भी अधिक भागीदारी को सक्षम करेगा।

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Nari Shakti Vandan Act Women Reservation passed in Lok Sabha 454 MPs voted in favor 2 MPs against know all
women reservation bill - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33% सीटें देने वाला महिला आरक्षण विधेयक लोकसभा में पारित हुआ। 454 सांसदों ने बिल के पक्ष में और 2 सांसदों ने इसके खिलाफ वोट किया। विधेयक पारित किए जाने के दौरान सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि इस अभूतपूर्व समर्थन के साथ बिल पारित होने पर खुशी हुई। मैं सभी पार्टियों के सांसदों को धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने इस विधेयक के समर्थन में मतदान किया। नारी शक्ति वंदन अधिनियम एक ऐतिहासिक कानून है, जो महिला सशक्तिकरण को और बढ़ावा देगा और हमारी राजनीतिक प्रक्रिया में महिलाओं की और भी अधिक भागीदारी को सक्षम करेगा।

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एआईएमआईएम ने किया विरोध
सदन में कांग्रेस, सपा, द्रमुक, तृणमूल कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों ने विधेयक का समर्थन किया। हालांकि, असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने विधेयक का विरोध किया। सदन में ओवैसी समेत एआईएमआईएम के दो सदस्य हैं।
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27 महिला सदस्यों ने लिया बहस में हिस्सा
कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने विधेयक पर चर्चा की शुरुआत की। राहुल गांधी, गृह मंत्री अमित शाह, महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी समेत कुल 60 सदस्यों ने इस विधेयक पर चर्चा में भाग लिया। इनमें 27 महिला सदस्य शामिल हैं।
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यही भी पढ़ें- महिला आरक्षण: कभी इसकी प्रति फाड़ी गई, कभी हाथापाई की नौबत आई, 27 साल में कब कैसे हंगामे की भेंट चढ़ा विधेयक

महिला आरक्षण विधेयक पर गुरुवार को राज्यसभा में चर्चा
अब महिला आरक्षण विधेयक पर गुरुवार को राज्यसभा में चर्चा होगी। राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने सदन में इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि सदन में विभिन्न दलों के नेताओं के साथ विचार-विमर्श के बाद यह तय किया गया कि संविधान (128वां संशोधन) विधेयक, 2023 पर कल चर्चा होगी। लोकसभा में विधेयक के पारित होने के बाद इसे उच्च सदन में चर्चा व पारित किए जाने के लिए पेश किया जाएगा। विधेयक पर चर्चा के लिए साढ़े सात घंटे का समय तय किया गया है।

जातिगत जनगणना के आंकड़े जारी कीजिए: राहुल
इससे पहले विधेयक पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक को आज पारित कीजिए और लागू कीजिए। परिसीमन और जनगणना की कोई जरूरत नहीं है। सीधे 33 फीसदी आरक्षण महिलाओं को दे दीजिए। आप जातिगत जनगणना के आंकड़े जारी कीजिए। अगर आपने जारी नहीं किए तो हम जारी कर डालेंगे। पढ़ें पूरी खबर

'हम विधेयक को फंसने नहीं देंगे, पक्का प्रबंध कर रहे हैं'
इस पर केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने विपक्ष से कहा कि क्या आप चाहते हैं कि तुरंत दे दें और सुप्रीम कोर्ट में मामला फंस जाए, लेकिन तकनीकी बातें हैं। इस विधेयक को हम अब फंसने नहीं देंगे। महिलाओं को इंतजार नहीं करना पड़े, इसका पक्का प्रबंध कर रहे हैं। हम नहीं चाहते कि लोग जनहित याचिकाएं लगाएं। उनके पास न तो नीति थी, न नीयत थी, न नेतृत्व था। हमारे पास नीति भी है, नीयत भी है और मोदी जी जैसा नेतृत्व भी है।

कांग्रेस की ज्योतिमणि के इस कटाक्ष पर कि दलित महिलाएं पानी को तरसती थीं, मेघवाल ने कहा कि उस वक्त शासन किसका था, उन्हें खुद सोचना चाहिए था, लेकिन अब तो मोदी सरकार ने ‘हर घर-नल जल’ की व्यवस्था कर दी है। इससे पहले मेघवाल ने लोकसभा में कहा था कि विधेयक में फिलहाल 15 साल के लिए आरक्षण का प्रावधान किया गया है और संसद को इसे बढ़ाने का अधिकार होगा। केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया था कि महिलाओं की आरक्षित सीट में भी अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण होगा। पढ़ें पूरी खबर

तो आरक्षण लागू कब से होगा, अमित शाह ने दे दिए संकेत
शाह ने कहा, ''सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने भूमिका बनाना शुरू कर दी है कि इसे समर्थन मत करो क्योंकि परिसीमन की बात कही जा रही है। इसका समर्थन मत करो क्योंकि मुस्लिम आरक्षण नहीं है। ...मेरा उनसे कहना है कि समर्थन नहीं करोगे तो क्या जल्दी आरक्षण आ जाएगा? तब भी तो 2029 के बाद आएगा। एक बार श्रीगणेश तो करो। गणेश चतुर्थी के दिन यह विधेयक आया है। एक बार शुरुआत तो करो।'' पढ़ें पूरी खबर



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