पीएम मोदी का 76वां जन्मदिन: शुभकामनाओं के लिए जताया आभार, कहा- लोगों का प्रेम देता है सेवा की नई ऊर्जा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 76वें जन्मदिन पर देश-विदेश से मिली शुभकामनाओं के लिए लोगों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि लोगों का स्नेह उन्हें देश की सेवा के लिए नई ऊर्जा देता है। पीएम ने सेवा गतिविधियों में शामिल लोगों की सराहना करते हुए विकसित भारत का संकल्प को दोहराया।
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन के अवसर पर देश-विदेश से मिलीं ढेर सारी शुभकामनाओं, स्नेह और आशीर्वाद के लिए सभी का दिल से आभार व्यक्त किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि लोगों द्वारा भेजे गए प्रेम और अपनेपन के हर एक शब्द को वे अपने दिल में संजोकर रखते हैं।
पीएम मोदी ने लिखा, "दुनियाभर से मिली शुभकामनाओं, स्नेह और आशीर्वाद के लिए मैं आप सभी का हृदय से आभारी हूं। आप सभी के प्रेम का एक-एक शब्द मेरे लिए बेहद खास है और यह मुझे देशवासियों की सेवा करने के लिए एक नई ऊर्जा और संकल्प देता है।"
My heartfelt gratitude for the wishes, affection and blessings that have poured in from all across.
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Every word of warmth is deeply cherished and gives me renewed strength to serve our people.
I also appreciate everyone engaged in Seva activities throughout the day.
Let us…— Narendra Modi (@narendramodi) September 17, 2026
सेवा कार्यों की सराहना और 'विकसित भारत' का संकल्प
अपने जन्मदिन को 'सेवा दिवस' के रूप में मनाए जाने का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने देशभर में चलाए गए कल्याणकारी अभियानों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि जिस तरह से लोगों ने और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने इस दिन को सेवा कार्यों (सेवा पखवाड़ा) के रूप में समर्पित किया है, वह अत्यंत सराहनीय है।
प्रधानमंत्री ने देशवासियों का आह्वान करते हुए लिखा, 'मैं उन सभी लोगों का विशेष रूप से अभिनंदन करता हूं जो आज के दिन अलग-अलग सेवा गतिविधियों में लगे रहे। आइए, हम सब मिलकर एक 'विकसित भारत' के निर्माण के अपने संकल्प को पूरा करने के लिए लगातार आगे बढ़ते रहें।' गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के अवसर पर देश भर में स्वच्छता अभियान, रक्तदान शिविर, और वृक्षारोपण जैसे कई सामाजिक और जन-कल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इससे पहले प्रधानमंत्री के 76वें जन्मदिन पर उनके पूर्व शिक्षक एच सी पटेल ने उनके स्कूली दिनों, असाधारण साहस और तेज याददाश्त से जुड़े संस्मरण साझा किए। पटेल ने वडनगर के भागवत आचार्य नारायण आचार्य स्कूल में जून 1965 से मई 1967 के दौरान 11वीं और 12वीं कक्षा में नरेंद्र मोदी को विज्ञान पढ़ाया था। शिक्षक पटेल ने बताया कि स्कूल की चारदीवारी के लिए फंड जुटाने के उद्देश्य से नरेंद्र मोदी ने एक नाटक में 19वीं सदी के प्रसिद्ध बागी जोगीदास खुमान की भूमिका निभाई थी। उनके इस दमदार अभिनय पर दर्शकों ने लगातार 10 मिनट तक तालियां बजाई थीं। उन्होंने बचपन का एक मशहूर वाकया दोहराते हुए बताया कि मोदी एक बार शर्मिष्ठा झील से मगरमच्छ का एक छोटा बच्चा पकड़कर घर ले आए थे। इस पर उनकी मां हीराबा ने उनसे पूछा, 'तुमने यह क्या किया? इसकी मां क्या करेगी? तुम बच्चे को यहाँ ले आए, लेकिन उसकी मां का क्या होगा?' मां के समझाने पर उन्होंने अगले ही दिन उस बच्चे को वापस शर्मिष्ठा झील में छोड़ दिया।
पटेल ने बताया कि गुजरात का मुख्यमंत्री बनने के बाद जब वे एक रिश्तेदार के तबादले के सिलसिले में मोदी से मिले, तो उन्होंने बेहद शालीनता से इनकार कर दिया था। हालांकि, साल 2012 में पटेल के पैतृक गांव में मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में मोदी ने उनका न्योता खुशी से स्वीकार किया और कार्यक्रम में शामिल हुए। शिक्षक ने बताया कि मोदी के मुख्यमंत्री बनने से पहले उन्होंने उनके छोटे भाई पंकज भाई से इस बारे में पूछा था, जिन्होंने तब ऐसी किसी संभावना से मना किया था। पटेल ने कहा कि मोदी में बचपन से ही विलक्षण प्रतिभा थी। उन्होंने ईश्वर से उनके उत्तम स्वास्थ्य की प्रार्थना की ताकि वे 'वसुधैव कुटुंबकम' की भावना से देश और दुनिया की सेवा करते रहें।