'हनुमान की भक्त' नाजनीन की ख्वाहिश, अयोध्या में बने राम मंदिर
- राममंदिर निर्माण के लिए आगे आईं नाजनीन
- राम मंदिर मुकदमे के पक्षकार हाशिम अंसारी से करेंगी मुलाकात
- ख्वाहिश, हिंदुओं की पवित्र भूमि पर हो राम मंदिर का निर्माण
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ये काशी की माटी है और गंगा के पानी की रवायत का असर भी...। जब भी मजहब के नाम के सियासी घमासान हुआ है इस पुरातन शहर की गंगा-जमुनी तहजीब और भी जीवटता से उठ खड़ी हुई है। एक बार फिर जब सूबे में सियासी घमासान मचा हुआ है, ऐसी ही अनूठी पहल लेकर काशी की बेटी नाजनीन अंसारी उठ खड़ी हुई हैं।
हनुमान चालीसा का पाठ करने वाली नाजनीन अयोध्या जाने की तैयारी में हैं जहां वे राम मंदिर मुकदमे के पक्षकार हाशिम अंसारी से मुलाकात करेंगी। उनकी कोशिश है कि हिंदुओं की इस पवित्र भूमि पर भव्य राममंदिर का निर्माण हो।
मुस्लिम महिला फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नाजनीन अंसारी की ख्वाहिश है कि राम मंदिर का मसला अब सुलझ ही जाना चाहिए। नाजनीन का कहना है कि जिस तरह मक्का मदीना हर मुसलमान के लिए पाक है, वहां कोई दूसरा धर्मस्थल बर्दाश्त नहीं किया जा सकता, उसी तरह अयोध्या हिंदुओं के लिए पाक है। फिर वहां कुछ और कैसे स्वीकार हो सकता है।
रामनवमी पर राम की करती हैं पूजा
ऐसे में इस मसले को लेकर वे हाशिम अंसारी से मुलाकात करेंगी। उनसे अपील करेंगी कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए न सिर्फ वह साथ दें, बल्कि देश के सभी मुस्लिमों से वे खुद भी अपील करें।
हर रामनवमी पर भगवान श्रीराम को पूजने वाली नाजनीन को अगर राम भक्त कहा जाए तो गलत नहीं।
नाजनीन का कहना है कि अयोध्या भगवान श्रीराम की थी और उन्हीं की रहेगी। वह कहती हैं, ‘मंगोलों ने राम मंदिर तोड़ा था लेकिन तोहमत मुसलमानों पर लगाई गई। चंगेज खान का वंशज ही बाबर मंगोल था जिसके पूर्वज हलाकू ने 1258 ई. में इस्लाम के अंतिम खलीफा को मार डाला। इन्हीं मंगोलों की वजह से मुसलमानों का कोई खलीफा नहीं।
बाबर के पूर्वजों ने इस्लाम का सत्यानाश किया। बाबर के सेनापति मीर बाकी ने अयोध्या में राम जन्म स्थान पर बने हुए मंदिर को तोड़कर 1528-29 ई. में मस्जिद बनवाई। वह जगह राम मंदिर की थी और रहेगी।’