फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Nagpur 1.5 crore rupees were spent in the treatment of black fungus after all one eye was lost

नागपुर: ब्लैक फंगस के इलाज में डेढ़ करोड़ रुपये हुए खर्च, फिर भी गंवानी पड़ी एक आंख

Thu, 10 Jun 2021 12:57 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागपुर Published by: देव कश्यप Updated Thu, 10 Jun 2021 12:57 AM IST
सार

नागपुर में एक व्यक्ति को कोरोना होने के कुछ महीने बाद म्यूकरमाइकोसिस बीमारी हो गई, परिवार वालों ने इलाज में डेढ़ करोड़ रुपये खर्च किए फिर भी गंवानी पड़ी एक आंख

विज्ञापन
Nagpur 1.5 crore rupees were spent in the treatment of black fungus after all one eye was lost
ब्लैक फंगस के इलाज में डेढ़ करोड़ खर्च करने के बाद भी गंवानी पड़ी एक आंक - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कोरोना के बाद ब्लैक फंगस भी महामारी का रूप ले चुकी है। देश के 25 राज्यों में फैली इस बीमारी ने भी अब कहर मचाना शुरू कर दिया है। इसी बीच महाराष्ट्र के नागपुर से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। नागपुर के एक व्यक्ति को कोरोना होने के कुछ महीने बाद म्यूकरमाइकोसिस बीमारी हो गई और उसके परिवार ने इलाज के लिए डेढ़ करोड़ रुपये खर्च किए। लेकिन, दुर्भाग्य की बात यह है कि इतना पैसा खर्च करने के बाद भी उस व्यक्ति को अपनी एक आंख हमेशा के लिए गंवानी पड़ी।

विज्ञापन


नागपुर के नवीन पॉल जीएसटी विभाग में काम करते हैं। कोरोना के बाद उन्हें म्यूकरमाइकोसिस बीमारी हो गई और इसके इलाज के लिए उन्हें लगातार 6 अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती होना पड़ा। जिसके लिए उन्हें 1 करोड़ 48 लाख रुपये खर्च करने पड़े।
विज्ञापन


नवीन पॉल को पिछले कुछ महीनों पहले कोरोना हो गया था जिससे वो ठीक भी हो गए लेकिन कुछ दिनों बाद उन्हें आंखों में दिक्कत होने लगी और दांत हिलने लगे। जब उन्होंने नागपुर के एक डॉक्टर से इस बारे में पूछताछ की तो उन्हें आगे के इलाज के लिए हैदराबाद जाने की सलाह दी गई लेकिन हैदराबाद में कोई खास इलाज नहीं हुआ तो वे मुंबई चले गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


मुंबई में एक महीने तक उनका इलाज चला। उस इलाज से भी उन्हें कोई खास फायदा नहीं मिला तो पॉल इलाज के लिए नागपुर वापस लौट आए। यहीं पर उनका इलाज किया गया और डॉक्टर ने उनकी एक आंख निकालने का फैसला किया। परिजनों की सहमति के बाद पॉल की एक आंख निकाल दी गई।


इन सभी अस्पतालों में इलाज के लिए पॉल को 1 करोड़ 48 लाख रुपये का बिल देना पड़ा। नवीन की पत्नी रेलवे में काम करती हैं इसलिए इन सभी उपचारों के लिए रेल विभाग ने उनकी काफी मदद की। नवीन की पत्नी संगीता ने अपने पति को बचाने के लिए बहुत प्रयास किए। उन्होंने बताया कि जैसे-जैसे उनके पति के इलाज के लिए खर्च बढ़ती जा रही थी, उनके रिश्तेदारों ने भी उनकी बहुत मदद की। उनकी जान बचाने के लिए हर कोई मदद के लिए आगे आ रहा था और नागपुर में डॉक्टरों ने भी बहुत प्रयास किया और नवीन की जान बच गई। पॉल का कहना है कि रेलवे एवं उनके दोस्त एवं परिवार ने उनकी बहुत मदद की।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed