फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Nagaland violence case news update today: People of Oting village demanding action against the military officers in lieu of compensation 

Nagaland Violence: जहां हुई शादी, चार दिन बाद वहीं हो गया दफन; उस काली रात से सिहर रहा ओटिंग गांव

Tue, 07 Dec 2021 08:09 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोहिमा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोहिमा Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव Updated Tue, 07 Dec 2021 08:09 AM IST
सार

गांव के रहने वाले टी नहवांग बताते हैं कि होकुप की शादी में पूरा गांव शामिल हुआ था। किसी ने नहीं सोचा था कि उसे वहीं दफनाना पड़ेगा, जहां उसकी शादी हुई थी। 

विज्ञापन
Nagaland violence case news update today: People of Oting village demanding action against the military officers in lieu of compensation 
Nagaland Violence - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

नगालैंड के मोन जिले में सुरक्षाबलों की कार्रवाई में 14 ग्रामीणों की मौत के बाद जब उनके शव ओटिंग गांव लौटे तो हर कोई सिहर उठा। इन शवों में एक शव 38वर्षीय होकुप का भी था, जिसकी शादी बीते सोमवार को ओटिंग गांव में ही हुई थी। मौत के बाद होकुप को उसी परिसर में दफना दिया गया, जहां उसकी शादी हुई थी। गांव के रहने वाले टी नहवांग बताते हैं कि होकुप की शादी में पूरा गांव शामिल हुआ था। किसी ने सोचा भी नहीं था कि एक सप्ताह बाद उसे यहीं पर दफन करना पड़ेगा। 

विज्ञापन


गांव वालों का कहना है कि इन मौतों के बदले सरकार हमें मुआवजा दे रही है। लेकिन उस पैसे से हमें न्याय नहीं मिलेगा। ग्रामीणों की मौत के बदले जिम्मेदार अधिकारियों को सजा मिलनी चाहिए। वे कहते हैं कि हम पुलिस, सेना या गांव को जिम्मेदार नहीं ठहरा रहे, लेकिन लापरवाही की सजा अधिकारियों को मिलनी ही चाहिए, यही हमारे साथ न्याय होगा। 
विज्ञापन


शादी में शामिल दो जुड़वा भाईयों की भी हुई मौत
होकुप की शादी में दो जुड़वा भाई लैंगवांग और थापवांग भी शामिल हुए थे। 25वर्षीय दोनों भाई शादी के बाद गांव से छह किलोमीटर दूर कोयले की खदान में काम करने के लिए रवाना हो गए। एक स्थानीय नागरिक के मुताबिक, यह खदान करीब 15 वर्षों से काम कर रही है और ओटिंग गांव के लिए आय का मुख्य स्रोत भी यही खदान है। दोनों जुड़वा भाई पिछले तीन साल से इसी खदान में काम कर रहे थे। पूरे सप्ताह इस खदान में काम करने के बाद शनिवार की रात चर्च सेवा के लिए वे अन्य साथियों के साथ गांव लौट रहे थे। उनकी यही यात्रा अंतिम यात्रा साबित हुई और वे कभी घर वापस नहीं लौट पाए। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पूरा गांव कर रहा विरोध 
सुरक्षा बलों की कार्रवाई के बाद भड़की हिंसा के बाद अब ओटिंग गांव शांत है। लेकिन यहां के हर एक घर में इस कार्रवाई का विरेाध हो रहा है। महिलाओं ने काले झंडे बनाए हैं, जिन्हें कारों व बाइकों में लगाया गया है। 


गलत पहचान के कारण हुई थी मौत
मोन जिले में बीते शनिवार की रात सुरक्षा बलों ने गलती से ग्रामीणों को उग्रवादी समझ लिया और उन पर गोलियां बरसा दीं। इस कार्रवाई में अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है। असम राइफल्स का कहना है कि उन्हें उग्रवादियों को लेकर खुफिया जानकारी हाथ लगी थी, इसीलिए सुरक्षाबलों की ओर से घेराव किया गया था, लेकिन इसी दौरान वहां ग्रामीण आ गए, जिन्हें गलती से उग्रवादी समझ लिया गया। इस मामले में सरकार की ओर से एसआईटी का गठन किया गया है तो असम राइफल्स ने भी कोर्ट ऑफ इंक्वायरी बिठा दी है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed