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Nagaland: नागालैंड में जबरन वसूली का जमकर विरोध, बाजार और कार्यालय बंद
Sat, 27 Apr 2024 03:20 PM IST
मेघा झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मेघा झा
Updated Sat, 27 Apr 2024 03:20 PM IST
सार
नागालैंड में अंडरग्राउंड समूह के लोगों की जबरन वसूली के विरोध में व्यापारियों ने अनिश्चितकाल तक बाजार बंद करने का फैसला किया है। इसके अलावा कई निजी कार्यालय भी बंद रहे।
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बाजार बंद
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नागालैंड में अंडरग्राउंड समूह के लोगों की जबरन वसूली के विरोध में व्यापारियों ने अनिश्चितकाल तक बाजार बंद करने का फैसला किया है। इसके अलावा कई निजी कार्यालय भी बंद रहे।
शुक्रवार को पहली बार नागालैंड की वाणिज्यिक राजधानी दीमापुर बंद रही। इसके बाद कन्फेडरेशन ऑफ नागालैंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (सीएनसीसीआई) के आह्वान पर अन्य जिलों के बाजार भी बंद होते चले गए। दरअसल सीएनसीआई का कहना है कि व्यापारिक समुदाय जबरन वसूली से त्रस्त हो चुका है। और अब वे लोग इस तरह की वसूली बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने सरकार से इन अंडरग्राउंड समूह की वसूली, धमकी को रोकने के सख्त कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि जबरन वसूली अब सहन नहीं की जाए। प्रशासन इसके लिए कोई सख्त कदम उठाए। इस तरह की गतिविधियों को बंद किया जाए। उन्होंने कहा कि पहले भी सरकार से कई बार इसकी शिकायत की गई है, लेकिन उसका कोई असर नहीं हुआ। इसलिए अब विरोध जारी रहेगा, बाजार बंद रहेगा।
बंद रहेंगे दफ्तर बाजार और दफ्तर
सीएनसीआई ने सभी बाजार, व्यापार संबंधी निजी कार्यालयों को बंद रखने का ऐलान किया है। हालांकि बैंक, शैक्षणिक संस्थान, सरकारी कार्यालय और अस्पतालों को इस बंद से बाहर रखा गया है।
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सीजफायर एग्रीमेंट के बाद भी हुई वसूली, पुलिस को निर्देश
राज्य के गृह आयुक्त विक्की केन्या का कहना है कि सरकार को मिली सूचना के अनुसार व्यवसायों से खासतौर पर दीमापुर में कई समूहों द्वारा कर वसूली की गई। इनमें से अधिकांश ने सरकार के साथ युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह स्थति सही नहीं है। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिए कि राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत जबरन वसूली करने वालों को गिरफ्तार किया जाए। साथ ही दीमापुर पुलिस आयुक्त को बाजार में गश्त बढ़ाने के लिए कहा है। इसके अलावा आईआरबीएन कर्मियो की होगी तैनाती भी कराई जाएगी।
विशेष सेल का होगा गठन
जबरन वसूली के मामलों की जांच के लिए सरकार ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि विशेष सेल का गठन किया जाए। जो कि जबरन वसूली के मामलों पर गंभीरता से जांच करे।
पहले भी पुलिस को जांच के लिए दिए थे निर्देश
दीमापुर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (डीसीसीआई) ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पहले भी ऐसे निर्देश दे चुकी है। लेकिन फिर भी स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं आया। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार कोई संतोषजनक कदम नहीं उठाती तब तक बंद जारी रहेगा।
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शुक्रवार को पहली बार नागालैंड की वाणिज्यिक राजधानी दीमापुर बंद रही। इसके बाद कन्फेडरेशन ऑफ नागालैंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (सीएनसीसीआई) के आह्वान पर अन्य जिलों के बाजार भी बंद होते चले गए। दरअसल सीएनसीआई का कहना है कि व्यापारिक समुदाय जबरन वसूली से त्रस्त हो चुका है। और अब वे लोग इस तरह की वसूली बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने सरकार से इन अंडरग्राउंड समूह की वसूली, धमकी को रोकने के सख्त कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि जबरन वसूली अब सहन नहीं की जाए। प्रशासन इसके लिए कोई सख्त कदम उठाए। इस तरह की गतिविधियों को बंद किया जाए। उन्होंने कहा कि पहले भी सरकार से कई बार इसकी शिकायत की गई है, लेकिन उसका कोई असर नहीं हुआ। इसलिए अब विरोध जारी रहेगा, बाजार बंद रहेगा।
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बंद रहेंगे दफ्तर बाजार और दफ्तर
सीएनसीआई ने सभी बाजार, व्यापार संबंधी निजी कार्यालयों को बंद रखने का ऐलान किया है। हालांकि बैंक, शैक्षणिक संस्थान, सरकारी कार्यालय और अस्पतालों को इस बंद से बाहर रखा गया है।
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सीजफायर एग्रीमेंट के बाद भी हुई वसूली, पुलिस को निर्देश
राज्य के गृह आयुक्त विक्की केन्या का कहना है कि सरकार को मिली सूचना के अनुसार व्यवसायों से खासतौर पर दीमापुर में कई समूहों द्वारा कर वसूली की गई। इनमें से अधिकांश ने सरकार के साथ युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह स्थति सही नहीं है। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिए कि राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत जबरन वसूली करने वालों को गिरफ्तार किया जाए। साथ ही दीमापुर पुलिस आयुक्त को बाजार में गश्त बढ़ाने के लिए कहा है। इसके अलावा आईआरबीएन कर्मियो की होगी तैनाती भी कराई जाएगी।
विशेष सेल का होगा गठन
जबरन वसूली के मामलों की जांच के लिए सरकार ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि विशेष सेल का गठन किया जाए। जो कि जबरन वसूली के मामलों पर गंभीरता से जांच करे।
पहले भी पुलिस को जांच के लिए दिए थे निर्देश
दीमापुर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (डीसीसीआई) ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पहले भी ऐसे निर्देश दे चुकी है। लेकिन फिर भी स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं आया। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार कोई संतोषजनक कदम नहीं उठाती तब तक बंद जारी रहेगा।