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'लोकप्रियता नहीं, जनस्वास्थ्य जरूरी': FDA की ताबड़तोड़ कार्रवाई पर तुकाराम मुंढे का दो टूक जवाब; क्या बोले?

Sun, 06 Sep 2026 02:35 PM IST
शिवम गर्ग पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई Published by: शिवम गर्ग Updated Sun, 06 Sep 2026 02:35 PM IST
सार

महाराष्ट्र एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने कहा कि लोकप्रियता उनका लक्ष्य नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य में सुधार उनकी प्राथमिकता है। मई 2026 से एफडीए ने 12,083 संस्थानों पर कार्रवाई की है। खाद्य सुरक्षा से लेकर दवाओं तक सख्ती पर मुंडे ने कहा कि लोगों का स्वास्थ्य सबसे अहम मुद्दा होना चाहिए। 

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Tukaram Mundhe Says Public Health Matters More Than Popularity Amid Maharashtra FDA Crackdown
तुकाराम मुंढे, एफडीए के आयुक्त, महाराष्ट्र - फोटो : Amar Ujala Graphics

विस्तार

महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के आयुक्त तुकाराम मुंढे इन दिनों राज्य में खाद्य सुरक्षा को लेकर की जा रही सख्त कार्रवाई के कारण चर्चा में हैं। हालांकि, उनका कहना है कि लोकप्रियता कभी उनका लक्ष्य नहीं रही। उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा जनस्वास्थ्य है।

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बातचीत में मुंढे ने कहा कि उनकी बढ़ती लोकप्रियता उनके काम में बाधा नहीं है। उन्होंने कहा, “लोकप्रियता कभी मेरा लक्ष्य नहीं रही। मेरे लिए जनस्वास्थ्य जैसे मुद्दे मायने रखते हैं। यह तुकाराम मुंढे के बारे में नहीं है, यह भारत और जनस्वास्थ्य सुधारने के लक्ष्य के बारे में है।”

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क्या तुकाराम मुंढे के लिए लोकप्रियता मायने नहीं रखती?

मुंढे ने कहा कि खाद्य और औषधि क्षेत्र सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य से जुड़ा है। अगर उनके काम और भूमिका के कारण यह मुद्दा सार्वजनिक चर्चा का विषय बनता है तो उन्हें खुशी होगी। उन्होंने कहा कि नागरिकों को जनस्वास्थ्य को सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में शामिल करना चाहिए। उनके मुताबिक, स्वस्थ मानव संसाधन के बिना भारत सुपरपावर नहीं बन सकता।

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एफडीए ने अब तक कितने प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की?

मुंढे के मुताबिक, मई 2026 में एफडीए आयुक्त का पद संभालने के बाद अब तक 12,083 संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इनमें प्रतिष्ठान बंद करना, लाइसेंस निलंबित या रद्द करना और आपराधिक मामले दर्ज करना शामिल है। उन्होंने बताया कि 5,269 संस्थाओं को सुधार नोटिस दिए गए हैं, जबकि 603 संस्थाओं के खिलाफ निलंबन आदेश जारी किए गए हैं। मुंढे ने बताया कि होटल, रेस्तरां और खाने-पीने के प्रतिष्ठानों के मामले में 1,803 निरीक्षण किए गए। इनमें 948 मामलों में सुधार नोटिस जारी हुए, जबकि 199 लाइसेंस निलंबित किए गए। उनके मुताबिक, रेस्तरां में खाद्य सुरक्षा से जुड़े सबसे आम उल्लंघनों में स्वच्छता और निर्माण संबंधी नियमों का पालन न करना, खराब गुणवत्ता वाले कच्चे माल का इस्तेमाल और प्रशिक्षित कर्मचारियों की कमी शामिल हैं।

ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनियों की कितनी जिम्मेदारी है?

स्विगी और जोमैटो जैसी ऑनलाइन फूड ऑर्डर और डिलीवरी कंपनियों की जिम्मेदारी पर मुंढे ने कहा कि कानून के तहत ये भी फूड बिजनेस ऑपरेटर हैं। उनके मुताबिक, इन कंपनियों के गोदाम भी हैं और एफडीए ने इनके खिलाफ कार्रवाई की है।

फार्मेसियों पर एफडीए ने कितनी कार्रवाई की?

मुंढे के अनुसार, उनके कार्यकाल के दौरान अलग-अलग नियमों के उल्लंघन के मामलों में 740 फार्मेसियों के लाइसेंस रद्द या निलंबित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि घटिया और नकली दवाओं की समस्या महाराष्ट्र में मौजूद है, लेकिन इसकी सही संख्या तय करना मुश्किल है। उन्होंने अधिकारियों से केवल औपचारिक निरीक्षण करने के बजाय दवा निर्माण प्रक्रिया का विस्तृत ऑडिट करने को कहा है।

मुंढे ने कहा कि ऑनलाइन फार्मेसियों और दवा डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर भी निगरानी की जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑनलाइन दवाएं बेचना फिलहाल प्रतिबंधित नहीं है, लेकिन ऐसी कंपनियों को औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम और संबंधित नियमों का पालन करना होगा।

शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ के विज्ञापन पर क्या हुआ?

एफडीए ने अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को इलायची के विज्ञापन में दिखाई देने को लेकर नोटिस जारी किए हैं। एफडीए को संदेह है कि यह प्रतिबंधित पान विज्ञापन का सरोगेट प्रमोशन हो सकता है। मुंढे ने बताया कि इनमें से दो लोगों ने अब तक जवाब दिया है और तीनों को जवाब देने के लिए दिए गए 30 दिन की समयसीमा अभी पूरी नहीं हुई है।

क्या एफडीए कर रहा त्योहारों पर रोक लगाने की तैयारी?

एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंडे ने कहा कि एफडीए के हालिया खाद्य सुरक्षा निर्देश का उद्देश्य खाद्य पदार्थों में मिलावट की निगरानी और उसे रोकना है। इसका मकसद त्योहारों पर किसी तरह की पाबंदी लगाना नहीं है। मुंडे ने कहा, "हम त्योहारों को नियंत्रित नहीं कर रहे हैं। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि त्योहारों में परोसा जाने वाला भोजन, ठीक उसी तरह जैसे शादी, भंडारा, ईद, क्रिसमस, नववर्ष की पूर्व संध्या के कार्यक्रमों और अन्य आयोजनों में परोसा जाता है, सुरक्षित हो और 2011 से लागू कानून के अनुरूप हो।"

खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ कई महीनों से जारी कार्रवाई के बाद एफडीए ने हाल ही में साल भर के लिए "त्योहार प्रवर्तन कैलेंडर" शुरू किया है। इसका उद्देश्य त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ व्यवस्थित तरीके से कार्रवाई करना है। मुंडे ने कहा, "त्योहारों और बड़े सार्वजनिक आयोजनों के दौरान खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जारी स्थायी आदेश के संबंध में कुछ गलतफहमी और आशंका दिखाई दे रही है।"

सिप्ला मामले में हाईकोर्ट की टिप्पणी पर मुंढे ने क्या कहा?

बॉम्बे हाईकोर्ट की ओर से एफडीए की कार्रवाई पर सवाल उठाए जाने के संदर्भ में मुंढे ने कहा कि मामले में कोई बड़ी प्रक्रियात्मक गलती नहीं हुई थी। उन्होंने इसे एक छोटी गलती बताया। एफडीए ने पुणे स्थित सिप्ला की इकाई में दवाओं के भंडारण और रखरखाव में गंभीर अनियमितताओं के चलते दवा बिक्री लाइसेंस रद्द किए थे। मुंढे के मुताबिक, एक अधिकारी ने कंपनी को आखिरी बार अपना पक्ष रखने का मौका दिया, लेकिन सुनवाई सार्वजनिक अवकाश के दिन रखी गई थी। इसके बाद नोटिस दोबारा जारी किया गया है और इस पर फैसला लिया जा रहा है।

क्या एफडीए अपनी SOP में बदलाव करेगा?

मुंढे ने कहा कि एफडीए कानून के मुताबिक काम कर रहा है और मौजूदा एसओपी में बदलाव की जरूरत नहीं है। हालांकि, अगर कोई प्रक्रियात्मक गलती होती है तो उसे गंभीरता से लिया जाता है। मुंढे ने कहा कि फिलहाल एफडीए की प्रयोगशालाएं पर्याप्त हैं, लेकिन उनकी क्षमता बढ़ाने की जरूरत है। इसी उद्देश्य से राज्य में चार नई प्रयोगशालाओं का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्टाफिंग पैटर्न से जुड़ा प्रस्ताव सरकार को भेज दिया गया है। उनके मुताबिक, स्वीकृत पदों में से अधिकांश भरे जा चुके हैं। हालांकि, ड्रग इंस्पेक्टर के पदों पर भर्ती परीक्षा रद्द होने के कारण रिक्तियां बनी हुई हैं।

ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा क्यों रद्द हुई?

महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग ने एफडीए में ड्रग इंस्पेक्टर (ग्रुप-B) पदों पर भर्ती के लिए मार्च में परीक्षा कराई थी। परीक्षा प्रक्रिया की गोपनीयता भंग होने के बाद इसे रद्द कर दिया गया। इस मामले में प्रश्नपत्र लीक से जुड़े आरोपों को लेकर अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मुंढे के मुताबिक, महाराष्ट्र में खाद्य और दवा सुरक्षा को लेकर कार्रवाई का उद्देश्य किसी व्यक्ति की लोकप्रियता बढ़ाना नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य को बेहतर बनाना है।

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