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अब छात्रों के फीडबैक से मिलेगी नैक मान्यता
Sat, 13 Jul 2019 07:25 AM IST
Avdhesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Sat, 13 Jul 2019 07:25 AM IST
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- फोटो : a
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देश के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में अब नैक मान्यता छात्रों के फीडबैक से मिलेगी। केंद्र सरकार ने उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार योजना में छात्रों को भी शामिल कर रही है। इसी के तहत स्टूडेंट सेटिस्फैक्शन सर्वे शुरू होगा। इसमें नैक टीम छात्रों से कैंपस में शिक्षकों के पढ़ाने के ढंग समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं की जानकारी लेगी। इसी के आधार पर नैक स्कोर मिलेगा। खास बात यह है कि स्टेट यूनिवर्सिटी में इंफ्रास्ट्रक्चर में कमी को दूर करने के लिए विशेष ग्रांट भी दी जाएगी।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय देश की उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार योजना के तहत सभी विश्वविद्यालयों के लिए नैक एक्रिडिटेशन में बदलाव कर रहा है। अभी तक नैक एक्रिडिटेशन में छात्रों का फीडबैक नहीं लिया जाता था। अक्सर नैक टीम के बाद आरोप लगता था कि जब कैंपस में शिक्षकों की कमी व पढ़ाने में दिक्कत समेत अन्य कमियां हैं तो ऐसे में नैक स्केार बेहतर कैसे मिल गया?,
इन्हीं दिक्कतों को दूर करने के लिए स्टूडेंट फीडबैक शामिल किया जा रहा है। यदि कोई संस्थान छात्रों को पढ़ने की बेहतर सुविधा नहीं देता है तो उसे अच्छा एक्रिडिटेशन में अच्छा स्कोर भी नहीं मिलेगा। स्कोर अच्छा न होने रैकिंग से लेकर सरकार से मिलने वाली अन्य ग्रांट भी रुक जाएगी।
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शिक्षकों के पद भरने के साथ होगा इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार
100 स्टेट यूनिवर्सिटी के इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार के लिए केंद्र सरकार विशेष ग्रांट देगी। छात्रों की संख्या बढ़ाने, शिक्षकों के पदों को भरने व इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए स्टेट यूनिवर्सिटी को 50-50 करोड़ रुपये और कॉलेज को दस-दस करोड़ रुपये की एक बार ग्रांट दी जाएगी। इसके अलावा शिक्षकों के खाली पदों को नियमित और विजिटिंग फैकल्टी से भरा जाएगा। इसके लिए विशेष ग्रांट भी मुहैया कराई जाएगी।
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मानव संसाधन विकास मंत्रालय देश की उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार योजना के तहत सभी विश्वविद्यालयों के लिए नैक एक्रिडिटेशन में बदलाव कर रहा है। अभी तक नैक एक्रिडिटेशन में छात्रों का फीडबैक नहीं लिया जाता था। अक्सर नैक टीम के बाद आरोप लगता था कि जब कैंपस में शिक्षकों की कमी व पढ़ाने में दिक्कत समेत अन्य कमियां हैं तो ऐसे में नैक स्केार बेहतर कैसे मिल गया?,
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इन्हीं दिक्कतों को दूर करने के लिए स्टूडेंट फीडबैक शामिल किया जा रहा है। यदि कोई संस्थान छात्रों को पढ़ने की बेहतर सुविधा नहीं देता है तो उसे अच्छा एक्रिडिटेशन में अच्छा स्कोर भी नहीं मिलेगा। स्कोर अच्छा न होने रैकिंग से लेकर सरकार से मिलने वाली अन्य ग्रांट भी रुक जाएगी।
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शिक्षकों के पद भरने के साथ होगा इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार
100 स्टेट यूनिवर्सिटी के इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार के लिए केंद्र सरकार विशेष ग्रांट देगी। छात्रों की संख्या बढ़ाने, शिक्षकों के पदों को भरने व इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए स्टेट यूनिवर्सिटी को 50-50 करोड़ रुपये और कॉलेज को दस-दस करोड़ रुपये की एक बार ग्रांट दी जाएगी। इसके अलावा शिक्षकों के खाली पदों को नियमित और विजिटिंग फैकल्टी से भरा जाएगा। इसके लिए विशेष ग्रांट भी मुहैया कराई जाएगी।