1993 मुंबई सीरियल ब्लास्ट केस के दोषी मुस्तफा दोसा की दिल का दौरा पड़ने से मौत
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1993 मुंबई सीरियल बम ब्लास्ट केस में दोषी करार दिए मुस्तफा दोसा को अचानक सीने में दर्द की शिकायत के बाद जे.जे. हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी मौत हो गई है। हॉस्पिटल के डीन ने कहा कि उसे सीने में दर्द के साथ ही संक्रमण की समस्या थी।
जे.जे. हॉस्पिटल डीन टीपी लहाने ने बताया है कि मुस्तफा को हाई बीपी और मधुमेह भी था। बता दें कि मुस्तफा डोसा ने हृदय रोग के बारे में विशेष अदालत को सूचित किया था और कहा था कि वह एक बायपास सर्जरी कराना चाहता था।
Mumbai 1993 serial blasts convict Mustafa Dossa passes away after he was admitted to hospital for hypertension and diabetes. pic.twitter.com/ClRIrWikDQ
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI_news) June 28, 2017
Mustafa Dossa died due to cardiac arrest today at 2.30 pm: TP Lahane, JJ Hospital Dean
— ANI (@ANI_news) June 28, 2017
एक दिन पहले अभियोजन पक्ष ने की थी फांसी की सजा की मांग
एसपीपी ने मुस्तफा दोसा की मौत के बारे में अदालत को सूचित करने के बाद अदालत ने शुक्रवार तक मामला स्थगित कर दिया।
1993 blasts case: Case adjourned till Friday after SPP informed court about Mustafa Dossa's death & said that he isn't in position to argue
— ANI (@ANI_news) 28 June 2017
बता दें कि बीते एक दिन पहले अभियोजन पक्ष ने फिरोज खान और मुस्तफा के लिए फांसी की सजा की मांग की थी। वहीं, सीबीआई के वकील ने कहा था कि फिरोज खान का रोल याकूब मेनन के जैसा ही था।
मालूम हो कि 12 मार्च 1993 मुंबई में अलग-अलग जगहों पर 12 बम दागे गए थे, जिसमें करीब 257 लोगों की मौत हुई थी और 713 लोग घायल हुए। इसके अलावा हमले में 27 करोड़ रुपये की संपत्ति बर्बाद भी हुई थी। बम ब्लास्ट के आरोपी अबू सलेम और मुस्तफा डोसा के खिलाफ विशेष टाडा अदालत में केस चल रहा था।
इस मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने अबु सलेम समेत 7 के खिलाफ फैसला सुनाया गया था। कोर्ट ने अबु सलेम और 5 आरोपियों को दोषी माना, जबकि मामले में सातवें आरोपी अब्दुल कय्यूम को पर्सनल बॉन्ड पर बरी कर दिया था। मामले की सुनवाई में कोर्ट ने हत्या और साजिश के आरोप में अबु सलेम, मुस्तफा डोसा, उसके भाई मोहम्मद डोसा, फिरोज अब्दुल राशिद और मर्चेंट ताहिर, करीमुल्लाह शेख को दोषी करार दिया था।