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दहेज कानून में मुस्लिमों को जेल तो तीन तलाक में प्रावधान पर विरोध क्यों : कानून मंत्री
एजेंसी, नई दिल्ली
Updated Fri, 10 Aug 2018 12:59 AM IST
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केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद
मुस्लिमों को जब दहेज कानून के तहत और घरेलू हिंसा कानून के तहत जेल भेजा जा सकता है तो फिर तीन तलाक के लिए जेल भेजने के कानून का विरोध क्यों किया जा रहा है? ये सवाल केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बृहस्पतिवार को कैबिनेट की तरफ से मुस्लिम महिला विवाह संरक्षण बिल में संशोधन को हरी झंडी दिखाए जाने के बाद उठाया।
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कानून मंत्री ने उन रिपोर्ट पर आश्चर्य जताया, जिनमें कांग्रेस, बसपा और तृणमूल कांग्रेस के इस बिल में जमानत का प्रावधान कर दिए जाने के बावजूद विरोध जारी रखने की बात कही गई थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यदि सोनिया गांधी, मायावती और ममता बनर्जी लैंगिक समानता चाहती हैं तो उन्हें बिल का विरोध नहीं करना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की तरफ से तीन तलाक को गैरकानूनी बता दिए जाने के बावजूद पिछले साल इससे जुड़ी शिकायतों की बढ़ी संख्या दिखाती है कि इस बिल की कितनी जरूरत है। बता दें कि तीन तलाक से जुड़े बिल में जमानत का प्रावधान करना विपक्षी दलों की मुख्य मांग में से एक था।
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- तीन तलाक का बढ़ता आंकड़ा ः
- 389 तीन तलाक के मामले सामने आए थे वर्ष 2017 में
- 229 शिकायतें जनवरी से अगस्त तक पहले 8 महीने में की गईं
- 160 शिकायतें सुप्रीम कोर्ट की तरफ से गैरकानूनी ठहराने के बाद की गईं