{"_id":"5cb49fd8bdec221420475d59","slug":"muslim-women-ask-for-permission-to-read-prayers-in-mosque-petition-filed-in-supreme-court","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुस्लिम महिलाओं ने मस्जिद में नमाज पढ़ने के लिए सुप्रीम कोर्ट से मांगी इजाजत, कुरान का दिया हवाला","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
मुस्लिम महिलाओं ने मस्जिद में नमाज पढ़ने के लिए सुप्रीम कोर्ट से मांगी इजाजत, कुरान का दिया हवाला
Tue, 16 Apr 2019 05:40 AM IST
अमर शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Tue, 16 Apr 2019 05:40 AM IST
विज्ञापन
जामा मस्जिद में नमाज पढ़ते नमाजी (फाइल फोटो)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर मुस्लिम महिलाओं को मस्जिद में नमाज पढ़ने की इजाजत देने की गुहार की गई है। वकील आशतोष दुबे की ओर से दायर इस याचिका में कहा गया कि मुस्लिम महिलाओं पर मस्जिद में जाकर नमाज पढ़ने पर रोक गैरकानूनी और असंवैधानिक है। यह मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।
याचिका में कहा गया कि कुरान और हदीस में लिंग के आधार पर कोई भेदभाव नहीं है। इस तरह की परंपरा महिलाओं की गरिमा के भी खिलाफ है।
याचिका में कहा गया है कि पुरुषों की तरह महिलाओं का भी इबादत करने का संवैधानिक अधिकार है।
याचिका में कहा गया है कि अभी जमात-ए-इस्लामी और शिया समुदाय के फिरकों में ही मुस्लिम महिलाओं को मस्जिद में नमाज पढ़ने की इजाजत है जबकि सुन्नी समुदाय के कई फिरको में इसकी मनाही है।
यहां तक कि जहां मुस्लिम महिलाओं को नमाज के लिए मस्जिद में जाने की इजाजत है वहां उनके लिए अलग जगह है।
विज्ञापन
याचिका में कहा गया कि कुरान और हदीस में लिंग के आधार पर कोई भेदभाव नहीं है। इस तरह की परंपरा महिलाओं की गरिमा के भी खिलाफ है।
याचिका में कहा गया है कि पुरुषों की तरह महिलाओं का भी इबादत करने का संवैधानिक अधिकार है।
याचिका में कहा गया है कि अभी जमात-ए-इस्लामी और शिया समुदाय के फिरकों में ही मुस्लिम महिलाओं को मस्जिद में नमाज पढ़ने की इजाजत है जबकि सुन्नी समुदाय के कई फिरको में इसकी मनाही है।
विज्ञापन
यहां तक कि जहां मुस्लिम महिलाओं को नमाज के लिए मस्जिद में जाने की इजाजत है वहां उनके लिए अलग जगह है।