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MBBS: छात्राओं ने प्रिंसिपल को लिखा पत्र, हिजाब नहीं तो ओटी में सर्जिकल हुड और लंबी बांह का जैकेट मिले
Thu, 29 Jun 2023 05:56 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Thu, 29 Jun 2023 05:56 AM IST
सार
2020 बैच की एक छात्रा ने 26 जून को प्रिंसिपल डॉ. लिनेट जे मॉरिस को एक पत्र लिखा, जिसमें कॉलेज के विभिन्न बैचों की छह अन्य मेडिकल छात्राओं के भी हस्ताक्षर हैं।
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Hijab, हिजाब, बुर्का सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
तिरुवनंतपुरम सरकारी मेडिकल कॉलेज की एमबीबीएस की मुस्लिम छात्राओं के एक समूह ने ऑपरेशन थिएटर (ओटी) के अंदर हिजाब पहनने की अनुमति नहीं दिए जाने पर चिंता व्यक्त की है और जल्द से जल्द लंबी आस्तीन वाले स्क्रब जैकेट और सर्जिकल हुड पहनने की अनुमति मांगी है।
2020 बैच की एक छात्रा ने 26 जून को प्रिंसिपल डॉ. लिनेट जे मॉरिस को एक पत्र लिखा, जिसमें कॉलेज के विभिन्न बैचों की छह अन्य मेडिकल छात्राओं के भी हस्ताक्षर हैं। छात्राओं ने बताया कि दुनिया के अन्य हिस्सों में अस्पताल कर्मियों के लिए उपलब्ध विकल्पों का उपयोग यहां भी किया जा सकता है।
इस पर जताई नाराजगी
पत्र में एमबीबीएस छात्राओं ने शिकायत की कि उन्हें ऑपरेशन थिएटर के अंदर सिर ढकने की इजाजत नहीं दी गई। उन्होंने लिखा कि हमारी धार्मिक मान्यता के अनुसार, मुस्लिम महिलाओं के लिए हर परिस्थिति में हिजाब पहनना अनिवार्य है। हिजाब पहनने वाली मुस्लिम महिलाओं को अस्पताल और ऑपरेशन कक्ष के नियमों का पालन करते हुए धार्मिक पोशाक पहनने और शील बनाए रखने के बीच संतुलन बनाने में कठिनाई होती है।
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सर्जन व विशेषज्ञों की टीम करेगी निर्णय
प्रिंसिपल मॉरिस ने कहा कि वह इस मुद्दे पर चर्चा के लिए सर्जनों और इन्फेक्शन कंट्रोल टीम की एक समिति गठित करेंगी। टीम तय करेगी कि यह संभव है या नहीं। प्रिंसिपल के अनुसार, उन्होंने छात्राओं को समझाया कि यह कितना मुश्किल हो सकता है, क्योंकि हर बार जब वे ओटी में प्रवेश करते हैं तो उन्हें कोहनी तक अपने हाथों को कीटाणुरहित करना होता है और फिर गाउन पहनना होता है। इसलिए लंबी आस्तीन के जैकेट से समस्या हो सकती है।
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2020 बैच की एक छात्रा ने 26 जून को प्रिंसिपल डॉ. लिनेट जे मॉरिस को एक पत्र लिखा, जिसमें कॉलेज के विभिन्न बैचों की छह अन्य मेडिकल छात्राओं के भी हस्ताक्षर हैं। छात्राओं ने बताया कि दुनिया के अन्य हिस्सों में अस्पताल कर्मियों के लिए उपलब्ध विकल्पों का उपयोग यहां भी किया जा सकता है।
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इस पर जताई नाराजगी
पत्र में एमबीबीएस छात्राओं ने शिकायत की कि उन्हें ऑपरेशन थिएटर के अंदर सिर ढकने की इजाजत नहीं दी गई। उन्होंने लिखा कि हमारी धार्मिक मान्यता के अनुसार, मुस्लिम महिलाओं के लिए हर परिस्थिति में हिजाब पहनना अनिवार्य है। हिजाब पहनने वाली मुस्लिम महिलाओं को अस्पताल और ऑपरेशन कक्ष के नियमों का पालन करते हुए धार्मिक पोशाक पहनने और शील बनाए रखने के बीच संतुलन बनाने में कठिनाई होती है।
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सर्जन व विशेषज्ञों की टीम करेगी निर्णय
प्रिंसिपल मॉरिस ने कहा कि वह इस मुद्दे पर चर्चा के लिए सर्जनों और इन्फेक्शन कंट्रोल टीम की एक समिति गठित करेंगी। टीम तय करेगी कि यह संभव है या नहीं। प्रिंसिपल के अनुसार, उन्होंने छात्राओं को समझाया कि यह कितना मुश्किल हो सकता है, क्योंकि हर बार जब वे ओटी में प्रवेश करते हैं तो उन्हें कोहनी तक अपने हाथों को कीटाणुरहित करना होता है और फिर गाउन पहनना होता है। इसलिए लंबी आस्तीन के जैकेट से समस्या हो सकती है।