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Bribery Case: अदालत ने रेलवे के इंजीनियर को सुनाई तीन साल की सजा, कहा- लोक सेवकों का भ्रष्टाचार बड़ी समस्या
Fri, 29 Mar 2024 02:23 AM IST
गुलाम अहमद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: गुलाम अहमद
Updated Fri, 29 Mar 2024 02:23 AM IST
सार
पश्चिमी रेलवे के इंजीनियर केएल मीण पर अप्रैल, 2015 में एक व्यक्ति से ठेका दिलाने के लिए तीन लाख रुपये रिश्वत मांगने का मामला दर्ज किया गया था। सीबीआई ने शिकायतकर्ता से एक लाख रुपये लेते उसे रंगे हाथ पकड़ा था।
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अदालत का फैसला
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
पश्चिमी रेलवे के एक अधिकारी को रिश्वतखोरी के एक मामले में गुरुवार को तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। मुंबई की विशेष सीबीआई अदालत के न्यायाधीश एमआर पुरवार ने डब्ल्यूआर डिवीजनल इलेक्ट्रिकल इंजीनियर (पावर) केएल मीणा को यह कहते हुए सजा सुनाई कि इरादतन और आधिकारिक पद का दुरुपयोग करते हुए पैसा हड़पना चिंताजनक है। अदालत ने कहा कि लोक सेवकों का भ्रष्टाचार एक बड़ी समस्या बन गई है। पूरे देश का कामकाज इससे व्यापक रूप से प्रभावित हो रहा है।
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रेलवे के इंजीनियर मीण पर अप्रैल, 2015 में एक व्यक्ति से ठेका दिलाने के लिए तीन लाख रुपये रिश्वत मांगने का मामला दर्ज किया गया था। सीबीआई ने शिकायतकर्ता से एक लाख रुपये लेते उसे रंगे हाथ पकड़ा था। सीबीआई ने मामले में अक्तूबर, 2015 में चार्जशीट दायर की और अभियोजन पक्ष ने मुकदमे के दौरान 12 गवाहों से पूछताछ की।
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अदालत के आदेश में कहा गया है कि यह स्पष्ट है कि अभियोजन बिना किसी संदेह के यह साबित करने में सफल रहा है कि आरोपी ने शुरू में दो रेलवे अनुबंध आवंटित करने के लिए इनाम के रूप में और शिकायतकर्ता को तीसरा अनुबंध आवंटित करने के मकसद से तीन लाख रुपये की मांग की थी।
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