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परमबीर सिंह पर बड़ा आरोप: रिटायर्ड एसीपी पठान ने कहा-आतंकी कसाब का फोन पूर्व पुलिस कमिश्ननर ने छिपाया
Thu, 25 Nov 2021 10:06 AM IST
मुकेश कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: मुकेश कुमार झा
Updated Thu, 25 Nov 2021 10:06 AM IST
सार
रिटायर्ड एसीपी ने आरोप लगाया है कि जहां कसाब को पकड़ा गया था वहां परमबीर सिंह भी मौके पर आए थे।
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परमबीर सिंह
- फोटो : ANI
विस्तार
मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह मामले में नया खुलासा हुआ है। सिंह के खिलाफ आरोप लगाया गया है कि उन्होंने 26/11 आतंकी हमले का मास्टरमाइंड कसाब का मोबाइल फोन गायब करवाने में मदद की थी। यह आरोप मुम्बई पुलिस के रिटायर्ड एसीपी शमशेर खान पठान ने लगाया है। शमशेर खान पठान इस मामले में 26 सितंबर 2021 को मुंबई सीपी को एक पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने इसकी जांच कराने की मांग की। रिटायर्ड एसीपी ने आरोप लगाया है कि जहां कसाब को पकड़ा गया था वहां परमबीर सिंह भी मौके पर आए थे। तब परमबीर सिंह ने वो फोन अपने पास रख लिया जबकि उन्हें जांच अधिकारी रमेश महाले को देना चाहिए था।
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इससे पहले तक ऐसी जानकारी थी कि परमबीर सिंह जांच से बचने के लिए देश छोड़कर भाग गए हैं, लेकिन पता चला है कि वह भारत में ही हैं। परमबीर सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट में उनके वकील ने बताया कि वह इसलिए छुपे हुए हैं, क्योंकि मुंबई पुलिस से उनकी जान को खतरा है। उन्होंने बताया कि वह 48 घंटे के भीतर सीबीआई या कोर्ट में पेश होने के लिए तैयार हैं। बता दें कि महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख पर 100 करोड़ रुपये की अवैध वसूली कराने का आरोप लगाने के बाद से परमबीर सिंह फरार चल रहे हैं।
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अब छह दिसंबर को होगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट की ओर से इस मामले में सीबीआई और महाराष्ट्र डीजीपी को नोटिस भी जारी किया गया है। इसके तहत परमबीर सिंह के खिलाफ फिलहाल कार्रवाई पर रोक लगा दी गई है। कोर्ट अब इस मामले में छह दिसंबर को अगली सुनवाई करेगा। इससे पहले उनके वकील ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस आदेश पर सवाल उठाया जिसमें उन्हें केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण(कैट) का दरवाजा खटखटाने का निर्देश दिया गया था। शीर्ष अदालत ने 18 नवंबर को संरक्षण की मांग वाली सिंह की याचिका पर यह कहते हुए विचार करने से इनकार करते हुए कहा था कि जब तक वह अपने ठिकाने का खुलासा नहीं कर देते तब तक न तो उनकी याचिका पर सुनवाई होगी और न ही राहत दी जा सकती है। मुंबई की एक अदालत ने 17 नवंबर को उसे भगोड़ा घोषित करने के लिए मुंबई पुलिस की अर्जी को स्वीकार कर लिया था।
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परमबीर सिंह के वकील के दावे से महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वालसे हैरान
परमबीर सिंह के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में दावा किया कि मुंबई में उन्हें खतरा है। सिंह के वकील के इस दावे पर महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वालसे ने हैरानी जताई है। उन्होंने कहा है कि यह जानकर हैरान हूं कि जिस व्यक्ति (मुंबई और ठाणे के पुलिस आयुक्त के रूप में सेवा करने वाले पूर्व सीपी परमबीर सिंह) ने महत्वपूर्ण पदों पर काम किया, वह अपने जीवन के लिए खतरा महसूस करता है।