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उगाही केस: ठाणे पुलिस के सामने पेश हुए परमबीर सिंह, डीसीपी की निगरानी में हो रही जांच
Fri, 26 Nov 2021 12:37 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Fri, 26 Nov 2021 12:37 PM IST
सार
ठाणे पुलिस ने इस साल जुलाई में बिल्डर केतन तन्ना की शिकायत के आधार पर सिंह और 28 अन्य के खिलाफ रंगदारी (वसूली) का मामला दर्ज किया था। मामले में सिंह के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया था।
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परमबीर सिंह
- फोटो : ANI
विस्तार
मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह शुक्रवार को ठाणे में पुलिस अधिकारियों के सामने पेश हुए। उन्हें यहां दर्ज वसूली के एक मामले में समन भेजा गया था। इसी मामले की जांच के लिए सिंह शुक्रवार सुबह 10.30 बजे अपने वकीलों के साथ पुलिस स्टेशन पहुंचे। सिंह ने कहा कि वे सूत्रों के मुताबिक, जांच दल उनका बयान दर्ज करेगा। इस दौरान जोनल पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) अविनाश अंबुरे खुद थाने में मौजूद रहे।
ठाणे पुलिस ने इस साल जुलाई में बिल्डर केतन तन्ना की शिकायत के आधार पर सिंह और 28 अन्य के खिलाफ रंगदारी (वसूली) का मामला दर्ज किया था। मामले में सिंह के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया था। उनके अलावा इस मामले में इंस्पेक्टर प्रदीप शर्मा, इंस्पेक्टर राजकुमार कोठमिरे और डीसीपी देवराज भी आरोपी हैं।
हाल में एक अदालत ने सिंह को भगोड़ा घोषित किया था और कई महीनों तक उनका कुछ अता-पता नहीं चल पाया था। वे गुरुवार को मुंबई पहुंचे। उनके आने के बाद मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने वसूली के एक अलग मामले में उनसे सात घंटे तक पूछताछ की। हाईकोर्ट ने कुछ दिन पहले ही सिंह को गिरफ्तारी से संरक्षण दिया था।
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परमबीर पर महाराष्ट्र में वसूली के कुल पांच मामले दर्ज हैं। देश के सबसे बड़े उद्योगपतियों में शुमार मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के पास एक एसयूवी में विस्फोटक मिलने के मामले में पुलिस अधिकारी सचिन वाजे की गिरफ्तारी और बाद में कारोबारी मनसुख हिरन की संदिग्ध स्थिति में मौत के मामले के बाद उन्हें मुंबई पुलिस कमिश्नर के पद से हटाया गया था।
इस बीच खबर है कि राज्य सरकार द्वारा नियुक्त चंडीवाल आयोग ने 29 नवंबर को परमबीर सिंह को पेश होने के लिए कहा है। यह आयोग महाराष्ट्र सरकार के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख की ओर से परमबीर पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए गठित किया गया था।
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ठाणे पुलिस ने इस साल जुलाई में बिल्डर केतन तन्ना की शिकायत के आधार पर सिंह और 28 अन्य के खिलाफ रंगदारी (वसूली) का मामला दर्ज किया था। मामले में सिंह के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया था। उनके अलावा इस मामले में इंस्पेक्टर प्रदीप शर्मा, इंस्पेक्टर राजकुमार कोठमिरे और डीसीपी देवराज भी आरोपी हैं।
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हाल में एक अदालत ने सिंह को भगोड़ा घोषित किया था और कई महीनों तक उनका कुछ अता-पता नहीं चल पाया था। वे गुरुवार को मुंबई पहुंचे। उनके आने के बाद मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने वसूली के एक अलग मामले में उनसे सात घंटे तक पूछताछ की। हाईकोर्ट ने कुछ दिन पहले ही सिंह को गिरफ्तारी से संरक्षण दिया था।
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परमबीर पर महाराष्ट्र में वसूली के कुल पांच मामले दर्ज हैं। देश के सबसे बड़े उद्योगपतियों में शुमार मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के पास एक एसयूवी में विस्फोटक मिलने के मामले में पुलिस अधिकारी सचिन वाजे की गिरफ्तारी और बाद में कारोबारी मनसुख हिरन की संदिग्ध स्थिति में मौत के मामले के बाद उन्हें मुंबई पुलिस कमिश्नर के पद से हटाया गया था।
इस बीच खबर है कि राज्य सरकार द्वारा नियुक्त चंडीवाल आयोग ने 29 नवंबर को परमबीर सिंह को पेश होने के लिए कहा है। यह आयोग महाराष्ट्र सरकार के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख की ओर से परमबीर पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए गठित किया गया था।