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ट्रांसफर-पोस्टिंग केस: मुंबई पुलिस ने दर्ज किया फडणवीस का बयान, पूर्व सीएम बोले- मैं मामले का व्हिसलब्लोअर हूं

Sun, 13 Mar 2022 07:59 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुम्बई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुम्बई Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Sun, 13 Mar 2022 07:59 PM IST
सार

ट्रांसफर पोस्टिंग मामले में मुंबई साइबर पुलिस की एक टीम ने महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस से पूछताछ की। रविवार को साइबर पुलिस की टीम ने उनसे दो घंटे तक पूछताछ की।

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Mumbai Cyber Police will record the statement of former Maharashtra Chief Minister Devendra Fadnavis in transfer posting case
देवेंद्र फडणवीस - फोटो : ANI

विस्तार

ट्रांसफर पोस्टिंग मामले में मुंबई साइबर पुलिस की एक टीम ने महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस से पूछताछ की। रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री से पूछताछ और दो घंटे तक बयान दर्ज करने के बाद टीम उनके आवास से रवाना हो गई। 

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पुलिस की पूछताछ के बाद पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता ने अपना बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि आज मुंबई पुलिस की एक टीम ने मुझसे ट्रांसफर पोस्टिंग मामले में पूछताछ की और मेरा बयान दर्ज किया। मैने उनके सारे सवालों के जवाब दिए। महाराष्ट्र सरकार पिछले छह महीने से इस मामले को खारिज कर रही थी। उन्होंने कहा कि मैं मामले का व्हिसलब्लोअर हूं। 
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उन्होंने आगे कहा कि मैने केंद्रीय गृहमंत्रालय को ट्रांसफर केस से जुड़े सारे डाक्यूमेंट सौंप दिए हैं। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने मीडिया को डाक्यूमेंट देने से इंकार कर दिया। फडणवीस ने दावा किया कि उनसे ऐसे सवाल पूछे गए जैसे कि उन्हें इस मामले में सहआरोपी बनाया जाना हो। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि महा विकास अघाड़ी सरकार अपने मकसद में कामयाब नहीं हो सकेगी, चाहे वह उन्हें इस मामले में फंसाने की कितनी भी कोशिश क्यों न कर ले।
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फडणवीस ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय गृह मामलों के सचिव के समक्ष एमवीए की निगरानी में अधिकारियों के स्थानांतरण में घोटाले का मुद्दा उठाया था, लेकिन उन्होंने किसी भी विवरण को सार्वजनिक रूप से लीक करने से इनकार किया। फडणवीस ने आरोप लगाया कि उन पर दबाव डाला जा रहा है, क्योंकि वह राज्य के मंत्री नवाब मलिक और भगोड़े गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम के बीच कथित संबंध होने और एमवीए द्वारा विरोधियों को निशाना बनाने की साजिश के मुद्दों को उठा रहे हैं।

इससे पहले  शनिवार को महाराष्ट्र में विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को मुंबई पुलिस ने सीआरपीसी 160 के तहत नोटिस भेजा था। ट्रांसपोर्ट-पोस्टिंग घोटाला मामले में यह नोटिस भेजा गया था। इसमें मुंबई पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए रविवार सुबह 11 बजे हाजिर होने को कहा था।

हालांकि, फडणवीस ने देर शाम बयान जारी कर बताया था कि ज्वाइंट सीपी क्राइम ने कहा है कि मुझे रविवार को बीकेसी थाने जाने की जरूरत नहीं है। इसके बजाय वे केवल आवश्यक जानकारी लेने आएंगे।

मामले से जुड़े पुलिस अधिकारी ने बताया, 'फडणवीस को जारी नोटिस में पुलिस ने कहा है कि मामले के संबंध में उन्हें पहले सीलबंद लिफाफों में प्रश्नावली भेजी गई थी, लेकिन उन्होंने उनका कोई जवाब नहीं दिया। इसके अलावा जवाब दाखिल करने के लिए उन्हें दो बार नोटिस भी जारी किया गया था, लेकिन वह दोबारा जवाब देने में नाकाम रहे।

महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वालसे पाटिल ने साधा निशाना
स्थानांतरण पोस्टिंग मामले पर महाराष्ट्र के मंत्री दिलीप वालसे पाटिल ने बयान जारी किया है। उन्होने कहा कि देवेंद्र फडणवीस को नहीं बुलाया गया था। उनके पास जवाब देने के लिए सवालों का एक सेट भेजा गया था। जिसका उन्होंने जवाब नहीं दिया था. इसी को देखते हुए रविवार यानी आज एक पुलिस दल उनके आवास पर गया था।  महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वालसे पाटिल ने कहा कि विपक्ष इस मामले पर राजनीति कर रहा है. देवेंद्र फडणवीस को अब तक 5-6 नोटिस दिए जा चुके हैं। इस मामले में पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। अब तक 24 लोगों के बयान दर्ज किए गए और भविष्य में और भी दर्ज किए जाएंगे। 

कुछ लोग खुद को कानून से ऊपर क्यों समझते हैं: राउत
फडणवीस को मुंबई पुलिस की ओर से तलब किए जाने के विरोध में भाजपा की ओर से किए जा रहे प्रदर्शन पर शिवसेना सांसद संजय राउत ने रविवार को सवाल किया कि कुछ लोग खुद को कानून से ऊपर क्यों समझते हैं। यह ड्रामा क्यों किया जा रहा है। राज्यसभा सदस्य राउत ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियां अतीत में राजनीतिक प्रतिशोध के तहत कुछ मामलों की जांच के सिलसिले में महाराष्ट्र के कई मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों को समन भेज चुकी हैं।


भाजपा विधायक नितेश राणे, उनके भाई के खिलाफ प्राथमिकी
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार के खिलाफ टिप्पणी करने के आरोप में मुंबई पुलिस ने रविवार को भाजपा की महाराष्ट्र इकाई के विधायक नितेश राणे और उनके भाई नीलेश राणे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। एक अधिकारी ने बताया कि राकांपा पदाधिकारी श्रीनिवास की एक शिकायत के आधार पर आजाद मैदान पुलिस थाना में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश), 499 (मानहानि), 153 (दंगा भड़काने के इरादे से उकसाना) सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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