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UNESCO: सराहा गया मुंबई का 100 साल पुराना संग्रहालय, जीता यूनेस्को का शीर्ष पुरस्कार
Sun, 27 Nov 2022 09:14 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Sun, 27 Nov 2022 09:14 AM IST
सार
बयान में कहा गया कि जूरी ने मुंबई में एक प्रमुख नागरिक संस्थान को बहाल करने के लिए संग्रहालय परियोजना की सराहना की।
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यूनेस्को
- फोटो : Twitter
विस्तार
मुंबई में 100 साल पुराने छत्रपति शिवाजी महाराज वास्तु संग्रहालय के जीर्णोद्धार को यूनेस्को की ओर से उत्कृष्ट पुरस्कार से नवाजा गया है। यूनेस्को की जूरी ने इस संग्रहालय को ऐसी परियोजना के रूप में सराहा है, जिसे विश्व धरोहरों के संरक्षण के लिए एक मानक निर्धारित विरासत स्मारक बताया गया है।
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मुंबई के इस संग्रहालय को सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए यूनेस्को एशिया-पैसिफिक अवार्ड्स से नवाजा गया है, इसकी घोषणा शनिवार को की गई। एक बयान में कहा गया कि जूरी ने मुंबई में एक प्रमुख नागरिक संस्थान को बहाल करने के लिए संग्रहालय परियोजना की सराहना की। बता दें, छत्रपति शिवाजी महाराज वास्तु संग्रहालय को 1922 में पश्चिमी भारत के प्रिंस ऑफ वेल्स संग्रहालय के रूप में स्थापित किया गया था।
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इस साल के लिए जूरी की ओर से छह देशों-अफगानिस्तान, चीन, भारत, ईरान, नेपाल और थाईलैंड की 13 परियोजनाओं को पुरस्कृत करने के लिए चुना गया है। जानकारी के मुताबिक, एशिया-प्रशांत क्षेत्र के 11 देशों की 50 प्रविष्टियों की समीक्षा की गई।
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