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Mumbai: ट्रेड यूनियन नेता दत्ता सामंत हत्याकांड में छोटा राजन बरी, अदालत ने सबूतों के अभाव में छोड़ा
Fri, 28 Jul 2023 10:31 PM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 28 Jul 2023 10:31 PM IST
सार
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक विशेष अदालत ने शुक्रवार को गैंगस्टर छोटा राजन को ट्रेड यूनियन नेता दत्ता सामंत हत्याकांड मामले में बरी कर दिया। विशेष अदालत ने छोटा राजन को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।
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छोटा राजन
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक विशेष अदालत ने शुक्रवार को गैंगस्टर छोटा राजन को ट्रेड यूनियन नेता दत्ता सामंत हत्याकांड मामले में बरी कर दिया। विशेष अदालत ने छोटा राजन को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।
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अदालत ने कहा कि यह साबित करने के लिए रिकॉर्ड पर कुछ भी नहीं है कि राजन जिसका असली नाम राजेंद्र सदाशिव निकालजे है, उसने साजिश रची थी। हालाँकि, राजन के जल्द ही जेल से रिहा होने की संभावना नहीं है क्योंकि वह विभिन्न शहरों में दर्जनों मामलों में मुकदमे का सामना कर रहा है, जिनमें से कई हत्या के मामले हैं।
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मामला ट्रेड यूनियन नेता दत्ता सामंत की 16 जनवरी 1997 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जब वह अपनी जीप से उपनगरीय घाटकोपर में पंत नगर स्थित अपने कार्यालय जा रहे थे। मोटरसाइकिल पर आए हमलावरों ने 17 राउंड फायरिंग की। अभियोजन पक्ष ने दावा किया कि राजन ने हत्या की साजिश रची थी।
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अदालत ने कहा कि महत्वपूर्ण गवाह मुकर गए हैं। वे अभियोजन पक्ष के मामले का समर्थन नहीं करते हैं। अन्य गवाहों की गवाही आरोपियों के खिलाफ आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं है। मुकदमे के पहले चरण में जुलाई 2000 में फैसला सुनाया गया।
राजन के खिलाफ मामले में गैंगस्टर गुरु साटम और राजन के भरोसेमंद लेफ्टिनेंट रोहित वर्मा को फरार आरोपी के रूप में दिखाया गया था और उनका मुकदमा अलग कर दिया गया था। राजन को अक्तूबर 2015 में इंडोनेशिया के बाली से गिरफ्तार किया गया था। बाद में उनके खिलाफ दर्ज सभी मामले सीबीआई ने अपने हाथ में ले लिए।