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पैंडोरा पेपर्स मामला: सूची में शामिल अमीर भारतीयों पर शिकंजा कस रहा है बहु एजेंसी समूह, आयकर विभाग ने ली तलाशी

Thu, 07 Apr 2022 06:36 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Thu, 07 Apr 2022 06:36 PM IST
सार

पेंडोरा पेपर्स लीक ने दुनिया के कई नामी रईसों और नेताओं द्वारा विदेशों में संपत्ति छिपाने का खुलासा किया था। इनमें कई भारतीयों के नाम भी शामिल हैं।

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Multi Agency group cracking down on wealthy Indians named in Pandora Papers news in Hindi
Pandora Papers - फोटो : ANI

विस्तार

पैंडोरा पेपर्स मामले में जांच की निगरानी के लिए सरकार ने एक मल्टी एजेंसी समूह का गठन किया था। अब इस समूह ने जांच रिपोर्ट में शामिल अमीर भारतीयों पर नकेल कसने की शुरुआत कर दी है। समाचार एजेंसी एएनआई ने आधिकारिक सूत्रों के हवाले से बताया है कि पैंडोरा पेपर्स में नामित तीन संस्थाओं की आयकर विभाग ने तलाशी ली है और अन्य के खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी। 

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विदेशी संपत्ति जांच इकाई (एफआईएयू) ने पिछले महीने जेसीटी समूह के समीर थापर और हीरानंदानी समूह के यहां तलाशी ली थी। थापर दिवंगत कांग्रेस नेता सतीश शर्मा के संबंधी हैं। एफआईएयू को पिछले साल विदेशों में भारतीयों की अघोषित संपत्ति और विदेशों में काले धन के कब्जे के मामलों की जांच के लिए बनाया गया था। 
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अधिकारियों ने बताया कि एफआईएयू को धनी भारतीयों की ओर से विदेशों में जमा की गई अघोषित विदेशी संपत्ति और काले धन की विश्वसनीय जानकारी मिली है।

बता दें कि अक्तूबर 2021 में जारी एक जांच रिपोर्ट में अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों के अंतरराष्ट्रीय संघ (आईसीआईजे) ने दावा किया था कि 380 भारतीय अमीर वैश्विक संभ्रांत वर्ग की सूची में हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि ये लोग अस्पष्ट वित्तीय लेनदेन के माध्यम से अपनी संपत्ति की घेराबंदी करने और लाखों डॉलर की संपत्ति छिपाने के लिए अपतटीय 'टैक्स हैवेन' का उपयोग करने के लिए उजागर हुए हैं।
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पैंडोरा पेपर्स में सामने आया था कि पूर्व केंद्रीय मंत्री सतीश शर्मा के नाम पर कई अपतटीय संस्थाओं और संपत्तियां थीं। शर्मा का पिछले साल निधन हो गया था। जानकारी के अनुसार शर्मा ने साल 1995 में केमैन आइलैंड्स में एक जैन जेगर्स ट्रस्ट का गठन किया था। इसके लाभार्थियों में शर्मा के कम से कम 10 करीबी रिश्तेदार हैं। इन लाभार्थियों में उनकी पत्नी स्टेरी शर्मा, बच्चे और नाती-पोते शामिल हैं। 


हीरानंदानी समूह आयकर विभाग की कार्रवाई की जद में आने वाला नया ग्रुप है। एफआईएयू ने मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई में स्थित इससे जुड़े लगभग 25 परिसरों पर तलाशी ली थी। बाद में समूह के प्रवक्ता ने कहा था समूह की ओर से इस बात को पहले ही स्पष्ट किया जा चुका है कि विदेश में परिवार की ओर से रखे गए अपतटीय ट्रस्ट या संपत्तियां पूरी तरह से वास्तविक हैं और सभी कानूनों के अनुरूप हैं।

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