रामगोपाल की वापसी से मजबूत होंगे अखिलेश, शिवपाल को करारा झटका
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समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने टीम शिवपाल को एक और झटका दे दिया है। मुलायम ने भाई और प्रो. रामगोपाल यादव का समाजवादी पार्टी से छह साल के लिए हुए निष्कासन को रद्द कर दिया है। नेता जी (पार्टी में मुलायम इसी नाम से मशहूर) के इस कदम से जहां मुख्यमंत्री अखिलेश यादव उनके मुख्य उत्तराधिकारी के तौर पर स्थापित हो गए हैं, वहीं अमर सिंह के लिए भी इसे एक झटके के तौर पर देखा जा रहा है।
मुलायम के इस राजनीतिक मूव को पार्टी की अंदरुनी राजनीति को कुंद करने के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि पहले मुलायम ने शिवपाल की सुनी और पार्टी के नेताओं, युवाओं तथा पार्टी के भीतर अंदरुनी हलचल को भांपकर यह निर्णय लिया है।
राम गोपाल का निलंबन रद्द होने को शिवपाल तथा अमर सिंह के लिए काफी बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है। इसे एक तरह से दोनों नेताओं के पर कतरना भी माना जा रहा है।
शिवपाल, अमर को नहीं सुहाते रामगोपाल
प्रो. राम गोपाल यादव और अमर सिंह में पहले से काफी खींचतान रही है। अमर सिंह समाजवादी पार्टी से कुछ साल पहले अपने निष्कासन का कारण रामगोपाल को ही मानते हैं। अमर सिंह की पार्टी में वापसी का सबसे अधिक विरोध करने वाले रामगोपाल ही थे।
इतना ही नहीं रामगोपाल को पार्टी से निष्कासित किए जाने के शिवपाल के ऐलान और मुलायम सिंह के कुछ दूरी बनाने का संकेत देने के बाद अमर सिंह मुखर हो गए थे। निजी बातचीत में उन्होंने रामगोपाल को बालगोपाल तक कहा था। वहीं शिवपाल ने भी रामगोपाल पर जमकर निजी हमला बोला था।
बुधवार को रामगोपाल द्वारा राज्यसभा में पार्टी का प्रतिनिधित्व करने के बाद भी शिवपाल ने सधी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने राज्यसभा में सदन के नेता पद का फैसला नेता जी पर छोड़ दिया था। तभी इसके कयास लगने लगे थे कि प्रो. राम गोपाल ही राज्यसभा में पार्टी के सदन के नेता हैं।
टीम अखिलेश की चलेगी
रामगोपाल की वापसी को टीम अखिलेश की विजय के तौर पर देखा जा रहा है। समझा जा रहा है कि शिवपाल भले ही समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हैं, लेकिन पार्टी में टिकट बंटवारे से लेकर चुनाव प्रचार की भूमिका में अखिलेश की ही चलेगी। मुलायम के इस स्ट्रोक को भविष्य की समाजवादी पार्टी के रूप में देखा जा रहा है। मुलायम ने ऐसा करके उप्र के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को अपने उत्तराधिकारी के तौर पर स्थापित कर दिया है।
रामगोपाल ने कहा
निलंबन रद्द होने पर रामगोपाल ने कहा कि यह तो होना ही था। उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह यादव बड़े दिल के व्यक्ति हैं। जब वह मन से फैसला लेते हैं तो वे बहुत शानदार नेता हैं। रामगोपाल ने कहा कि नेताजी कभी उनके खिलाफ थे ही नहीं और उन्होंने न ही कभी उनकी मंशा के खिलाफ कोई काम किया है, न ही करेंगे।
इस दौरान प्रो. राम गोपाल ने अमर सिंह को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की। वहीं, शिवपाल के बारे में कहा कि वह छोटे भाई हैं। राम गोपाल ने कहा कि छोटों से कोई गलती हो जाए तो उन्हें माफ कर देना चाहिए।